भारत और रूस के बीच तैयार हुआ दोस्‍ती का नया रास्‍ता, हिंदुस्‍तान की बल्‍ले-बल्‍ले, मुंह देखता रहेगा चीन

Updated on 07-11-2023 01:15 PM
मास्‍को: यूक्रेन युद्ध के बीच भारत और रूस की दोस्‍ती अब और मजबूत होने जा रही है। भारत और रूस के बीच व्‍यापार का नया रास्‍ता बनकर तैयार हो गया है। अक्‍टूबर महीने में भारत के चेन्‍नै बंदरगाह से रूस के व्‍लादिवोस्‍तोक पोर्ट के बीच पहली बार जहाजों का ट्रायल हुआ है और यह सफल रहा है। यह समुद्री रास्‍ता सोव‍ियत संघ के समय प्रचलन में था लेकिन बाद में यह बंद हो गया। इस ट्रायल के दौरान चेन्‍नै से व्‍लादिवोस्‍तोक तक पहुंचने में मात्र 17 दिन का समय लगा। व‍िश्‍लेषकों का कहना है कि इस ईस्‍टर्न मेरीटाइम कॉरिडोर से आने वाले समय में व्‍यापार का पूरा रास्‍ता ही बदल सकता है।

भारत में रूस के काउंसल जनरल ओलेग एन अवदीव के मुताबिक एक जहाज का चेन्‍नै से व्‍लादिवोस्‍तोक के बीच ट्रायल किया गया था। दोनों देश सोव‍ियत संघ के समय प्रचलन में मौजूद रास्‍ते को फिर से शुरू करना चाहते हैं। ओलेग ने कहा कि इस जहाज को रूस तक सफर करने में मात्र 17 दिन का समय लगा। अब तक भारत को रूस का रास्‍ता तय करने में 35 से 40 दिन का समय लगता था। भारत के बंदरगाहों से रूस के सेंट पीटर्सबर्ग के बीच व्‍यापार होता है। इस दौरान जहाज स्‍वेज नहर से होकर जाते हैं जिसमें 35 से 40 दिन का समय लगता है।

भारत की क्‍यों होगी बल्‍ले-बल्‍ले ?


इससे पहले भारत के जहाजरानी मंत्री सर्वानंद सोनेवाल ने कहा था कि भारत और रूस के बीच जल्‍द ही ईस्‍टर्न मेरीटाइम कॉरिडोर के जरिए जहाजों का आवागमन शुरू होगा। अधिकारियों का इससे पहले अनुमान था कि चेन्‍नै से व्‍लादिवोस्‍तोक के बीच व्‍यापार होने में मात्र 16 दिन का समय लगेगा। हालांकि ट्रायल के दौरान इसमें 17 दिन लगे। अब तक रूस के इस सुदूरपूर्व इलाके में भारत को अपना सामान भेजने में 40 दिन का समय लगता था। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक इस रास्‍ते कोयला, कच्‍चा तेल, एलएनजी और फर्टिलाइजर का व्‍यापार करेगा।

चेन्‍नै से व्‍लादिवोस्‍तोक के बीच यह दूरी 5600 नॉटिकल मील है और इसे सामान्‍य कंटेनर शिप मात्र 10 से 12 दिन में पूरा कर सकता है। रूसी अधिकारियों का कहना है कि वह चाहते हैं कि भारत उनके सुदूरपूर्व इलाके में अपना निवेश बढ़ाए। दरअसल, इस इलाके में अब चीन की गतिव‍िध‍ि बहुत तेजी से बढ़ रही है। चीनी मूल के लोग व्‍लादिवोस्‍तोक के सटे हुए इलाके में बढ़ रहे हैं। चीन के कई व‍िश्‍लेषक इस पूरे इलाके को चीन का मानते हैं जिसे उसने एक संधि के बाद सो‍व‍ियत संघ को दे दिया था।

चीन के खतरे से जूझ रहा रूस


व‍िस्‍तारवादी चीन के इसी खतरे को भांपते हुए रूस चाहता है कि दोस्‍त भारत व्‍लादिवोस्‍तोक के आसपास अपना सैटलाइट शहर बसाए और इस पिछड़े इलाके का व‍िकास करे। यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध जारी है लेकिन इसके बाद भी मास्‍को के साथ भारत का व्‍यापार लगातार बहुत तेजी से बढ़ता ही जा रहा है। भारत का इस इलाके में प्रभाव बढ़ना जहां उसके लिए लाभदायक होगा, वहीं चीन के लिए झटका होगा जो रूस के साथ बिना किसी सीमा के साथ दोस्‍ती का दावा करता है।




अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 13 August 2026
तेहरान: ईरान की ताकतवर फोर्स इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) अमेरिका के खिलाफ जंग को लंबा खींचने की तैयारी कर रही है। IRGC के कमांडर के एक सीनियर सलाहकार ने…
 13 August 2026
इस्लामाबाद: दुनिया के दो देशों के बीच रिश्ते में बदलाव आना कोई नई बात नहीं है। कई देशों में वक्त के साथ रिश्ते बेहतर होते हैं या फिर किसी मुद्दे…
 13 August 2026
मॉस्को: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि भारत उन प्रमुख देशों में शामिल है, जो नॉर्दर्न सी रूट (NSR) पर रूस के साथ सहयोग करने में दिलचस्पी दिखा…
 13 August 2026
इस्लामाबाद: ऑस्ट्रेलिया की फेडरल कोर्ट ने भारत को झटका दिया है। अदालत ने भारत की 'बासमती' ट्रेडमार्क के लिए विशेष अधिकार की मांग खारिज कर दी है। इस फैसले पर…
 13 August 2026
ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच हालिया दिनों में रिश्तों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। खासतौर से बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के दिल्ली में किए गए वर्चुएल…
 13 August 2026
लंदन: पाकिस्‍तान सऊदी अरब और तुर्की के साथ मिलकर 'इस्‍लामिक नाटो' बनाकर बहुत खुश है। पाकिस्‍तान में इसका जश्‍न मनाया जा रहा है। पाकिस्‍तान में कहा जा रहा है कि…
 13 August 2026
पेरिस: फ्रांस से मिले राफेल जेट भारतीय एयरफोर्स का अहम हिस्सा है। फ्रांस के साथ भारत की 114 और राफेल खरीद की चर्चा चलने की बात भी कही गई है।…
 12 August 2026
इस्लामाबाद: बीते साल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते निचले स्तर पर हैं। एक साल से ज्यादा की तनातनी के बाद ऐसी…
 12 August 2026
ढाका: बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान कथित तौर पर ब्रिक्स समिट के लिए भारत नहीं आएंगे। सितंबर में दिल्ली में होने वाले इस समिट के लिए भारत ने रहमान को…
Advt.