फजीहत के बाद खुली तालिबान की आंख

Updated on 09-09-2021 05:21 PM
नई दिल्ली।  अफगानिस्तान में तालिबान ने सरकार का ऐलान कर दिया है और 33 सदस्यीय कैबिनेट में एक भी महिला शामिल नहीं है। अफगानिस्तान सरकार में महिलाओं की गैरमौजूदगी को लेकर तालिबान दुनियाभर में आलोचनाओं का सामना कर रहा है। हालांकि, सरकार गठन को लेकर हो रही फजीहत को देखते हुए तालिबान ने सरकार में महिलाओं को शामिल करने का वादा किया है। तालिबान के प्रवक्ता जबिउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि आने वाले दिनों में महिलाओं को भी सरकार में शामिल किया जाएगा। तालिबानी प्रवक्ता मुजाहिद ने  कहा, 'यह सरकार अंतरिम है। शरिया कानूनों के सम्मान के लिए महिलाओं हेतु पद होंगे। यह एक शुरुआत है, लेकिन हम महिलाओं के लिए सीटें तलाशेंगे। वे सरकार का हिस्सा हो सकती हैं। यह दूसरे चरण में होगा।' यहां जानना जरूरी है कि काबुल के निवासियों ने देश के शासन में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग को लेकर काबुल के पश्चिमी भाग दश्ते बारची इलाके में विरोध प्रदर्शन किया। बता दें कि तालिबान ने मंगलवार को अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार की घोषणा की थी, जिसमें किसी भी महिला को मंत्री के तौर पर शामिल नहीं किया था। इसके बाद से ही दुनियाभर में इस बात की आशंका जताई जा रही है कि तालिबान राज में अफगान महिलाओं की स्थिति और बदतर होने वाली है। साथ ही शरिया कानून के सरकार चलाने को लेकर भी कई तरह की आशंकाएं हैं। अफगानिस्तान में अंतरिम सरकार का गठन भले ही हो चुका हो, लेकिन कार्यवाहक प्रधानमंत्री मोहम्मद हसन अखुंद के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती सभी नस्लीय समूहों को साधने की होगी। नवनियुक्त 33 मंत्रियों में से 90 फीसदी मंत्री केवल पश्तून समुदाय के हैं, जबकि हजारा समुदाय का एक भी मंत्री नहीं है। ताजिक और उज्बेक लोगों को भी पर्याप्त प्रतिनिधत्व नहीं मिला है। सबसे अधिक 42 फीसदी आबादी के साथ पश्तून समुदाय का शुरू से ही अफगान राजनीति में दबदबा रहा है। सुन्नी मुस्लिमों के इस समुदाय के 30 लोगों को मंत्री बनाया गया है, जिसमें प्रधानमंत्री अखुंद, उपप्रधानमंत्री अब्दुल गनी बरादर भी शामिल हैं। इस समुदाय के लोग पश्तो भाषा बोलते हैं। ज्यादातर तालिबान लड़ाके इसी समुदाय से हैं। इसमें हक्कानी नेटवर्क के प्रमुख सिराजुद्दीन हक्कानी का नाम भी शामिल है। देश की आबादी में अल्पसंख्यक हजारा समूह की हिस्सेदारी 10 फीसदी है, लेकिन इसके किसी भी सदस्य को मंत्रिपरिषद में स्थान नहीं मिला है। ये शिया मुस्लिम हैं। यह समूह लंबे समय से हिंसा, दमन और भेदभाव का रहा है शिकार। 

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 09 June 2026
स्टॉकहोम/नई दिल्ली: हथियारों पर नजर रखने वाली ग्लोबल संस्था SIPRI की ताजा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत ने कम से कम 12 परमाणु हथियार लाइव तैनात कर…
 09 June 2026
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में टीएमसी की करारी हार के बाद पूरी पार्टी जहां मुश्किल दौर में फंसी है तो वहीं दूसरी ओर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के चयन के मामले…
 09 June 2026
पटनाः बिहार सरकार की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले को खाली करने के लिए अल्टीमेटम दिया गया है। यह बंगला…
 09 June 2026
लखनऊ, 8 जून, नई दिल्ली- INDIA ब्लॉक की दिल्ली में बैठक हुई। 25 राजनीतिक दल इसमें शामिल हुए। यूपी से सपा प्रमुख अखिलेश यादव शामिल हुए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने…
 09 June 2026
इम्फाल, मणिपुर में 3 साल से जातीय हिंसा चल रही है। राज्य में पूरी तरह शांति नहीं है। सोमवार को कांगपोकपी जिले के पोंग्रिंगलॅान्ग रोंग्मेई नगा गांव में कुकी उग्रवादी संगठन…
 09 June 2026
मुंबई, बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस गौतम पटेल का दावा है कि उन्हें और उनके परिवार को पिछले करीब 10 महीनों से धमकियां मिल रही हैं। पूर्व जज का दावा…
 09 June 2026
नई दिल्ली, भारत ने पहली बार 12 परमाणु हथियार मोर्चे पर तैनात किए हैं। देश का परमाणु हथियारों का भंडार भी 180 से बढ़कर 190 हो गया है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस…
 08 June 2026
शामली: उत्‍तर प्रदेश के शामली में चर्चित धर्म परिवर्तन मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। कारोबारी और केमिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष देवराज मलिक के बेटे आयुष मलिक के…
 08 June 2026
चेन्नेई: तमिलाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय ने सोमवार को नॉर्वे चेस चैंपियनशिप जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा और उनके परिवार से मुलाकात की। इस दौरान…
Advt.