पाकिस्‍तानी नौसेना में शामिल हुआ 'बाबर', खलीफा एर्दोगान के तुर्की की चाल से भारत की बढ़ेगी टेंशन, जानें ताकत

Updated on 09-09-2024 05:24 PM
इस्‍लामाबाद: भारत को टक्‍कर देने के लिए पाकिस्‍तानी नौसेना ने दो नए युद्धपोतों को शामिल किया है। इसमें कार्वेती पीएनएस बाबर और ऑफशोर पेट्रोल युद्धपोत पीएनएस हुनैन शामिल हैं। इन दोनों ही युद्धपोतों को कराची में डॉकयार्ड में शामिल किया गया। इस दौरान पाकिस्‍तान के राष्‍ट्रपति आस‍िफ अली जरदारी मौजूद थे। पीएनएस बाबर एक मल्‍टीपरपज युद्धपोत है और इसे तुर्की ने बनाया है। वहीं पीएनएस हुनैन को रोमानिया ने बनाया है। इस दौरान पाकिस्‍तानी राष्‍ट्रपति ने कहा कि हिंद महासागर में नौसैनिक ताकत बढ़ाने की जरूरत है। उन्‍होंने कहा कि ये दोनों ही युद्धपोत अत्‍याधुनिक हथियारों और सेंसर से लैस हैं। पाकिस्‍तान के नौसेना प्रमुख ने तुर्की के साथ अपने सैन्‍य रिश्‍ते की जमकर तारीफ की। इस दौरान तुर्की के राष्‍ट्रीय सुरक्षा से जुड़े उप मंत्री भी मौजूद थे। इन युद्धपोतों के शामिल होने से भारत के लिए हिंद महासागर में टेंशन बढ़ सकती है।

पाकिस्‍तान के PN MILGEM प्रोग्राम में 4 युद्धपोत शामिल हैं। इनमें से 2 युद्धपोत इस्‍तांबुल शिपयार्ड में बनाए जाने हैं। तुर्की इस प्रॉजेक्‍ट को आगे बढ़ाने में पाकिस्‍तान की मदद कर रहा है। विश्‍लेषकों का कहना है कि यह युद्धपोत सभी तरह की सैन्‍य जिम्‍मेदारियों को निभा सकता है। इसमें एयर डिफेंस से लेकर सबमरीन डिफेंस तक की जिम्‍मेदारी निभा सकता है। इस युद्धपोत की क्‍या ताकत है, इसे दुनिया को नहीं बताया गया है। साल 2019 में पाकिस्‍तानी नौसेना के ए‍डमिरल अब्‍बासी ने कहा था कि पाकिस्‍तानी नौसेना के ये युद्धपोत 16 वर्टिकल लॉन्‍च सिस्‍टम भी लगाए गए हैं। इसके अलावा एक मुख्‍य गन लगाई गई है।

क्रूज मिसाइल से लैस है पीएनएस बाबर


माना जा रहा है कि बाबर युद्धपोत को तुर्की ने यूरोपीय कंपनी MBDA के अल्‍बत्रोस एनजी एयर डिफेंस सिस्‍टम सिस्‍टम और हारबाह एंटी शिप और लैंड अटैक मिसाइलों से लैस किया गया है। इसमें 6 एंटी श‍िप क्रूज म‍िसाइल को लगाया जा सकता है। इस MILGEM युद्धपोत में LM2500 गैस टर्बाइन लगाई गई है। यह डीजल और गैस टर्बाइन दोनों होता है। तुर्की की अदा क्‍लास की मल्‍टी परपज कार्वेती कई तरह के मिशन को अंजाम दे सकती है। इसमें जासूसी, निगरानी, एंटी सबमरीन वॉरफेयर, सरफेस टु सरफेस और सरफेस टु एयर वारफेयर शामिल है।

बता दें कि तुर्की और पाकिस्‍तान के बीच बहुत बड़े पैमाने पर रक्षा साझेदारी होती है। तुर्की से पाकिस्‍तान ने किलर टीबी 2 और अकिंसी ड्रोन खरीदे हैं। इसके अलावा तुर्की पाकिस्‍तान को पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट देने का ऑफर दे चुका है। पाकिस्‍तान और तुर्की मिलकर अजरबैजान की मदद करते हैं। पाकिस्‍तान को मिल रहे ये आधुनिक हथियार भारत की मुसीबत बढ़ा सकते हैं। तुर्की नाटो का सदस्‍य है और उसकी कई घातक अमेरिकी और यूरोपीय तकनीक तक पहुंच है। इससे वह आधुनिक और मारक हथियार बना रहा है। तुर्की के राष्‍ट्रपति चाहते हैं कि वह इस्‍लामिक दुनिया में अपना प्रभाव बढ़ाएं।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 05 August 2026
नई दिल्ली/रियाद: यमन के पास लाल सागर में भारतीय झंडे वाले एक व्यापारिक जहाज को मिसाइल या रॉकेट जैसे किसी प्रोजेक्टाइल से हमला कर डूबो दिया गया। इस जहाज का…
 05 August 2026
कीव: यूक्रेन ने रूस पर युद्ध अपराध का आरोप लगाया है। यह आरोप यूक्रेनी शहर खेरसॉन में एक ड्रोन से सब्जी बेचने वाले का पीछा करने और उसे घायल करने…
 05 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने एक बार फिर कश्मीर पर पुरानी बातों को दोहराया है। पाकिस्तानी सेना ने बुधवार को बयान जारी करते हुए कहा है कि वह कश्मीर के लोगों के…
 05 August 2026
वॉशिंगटन: भारत सरकार के फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट (FCRA) में बदलाव के प्रस्ताव की अमेरिकी कांग्रेसमैन राइली मूर ने आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ये सीधे-सीधे ईसाईयों को निशाना…
 05 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हो रहे प्रदर्शनों ने दुनिया का ध्यान खींचा है। पीओके में लग रहे आजादी के नारों से बौखलाए पाकिस्तानी नेता कश्मीरियों को अहसानफरामोश…
 01 August 2026
ढाका: बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान ने कहा कि एक देश के साथ रिश्ते बेहतर होने का मतलब यह नहीं है कि दूसरे देश के साथ रिश्ते खराब…
 01 August 2026
मॉस्को/नई दिल्ली: भारत बिजली की रफ्तार से 'फ्यूचर रेडी कॉम्बैट व्हीकल' (FRCV) और 'फ्यूचर मेन बैटल टैंक' (FMBT) प्रोग्राम के तहत अपने खुद के बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों का तेजी से…
 01 August 2026
मैड्रिड: स्पेन ने कहा है कि उत्तरी अफ्रीका के स्पेनिश इलाके सेउटा में अचानक आए प्रवासी संकट पर बहुत हद तक काबू कर लिया गया है। स्पेनिश अधिकारियों का कहना…
 01 August 2026
मास्‍को/नई दिल्‍ली/कीव: भारत और रूस के बीच दोस्‍ती सोवियत जमाने से ही दुनिया में एक मिसाल है। साल 1971 का बांग्‍लादेश युद्ध हो या भारत का परमाणु विस्‍फोट, रूस भारत…
Advt.