बेलारूस ने पोलैंड और लिथुआनिया की सीमा के पास शुरू किया सैन्‍य अभ्‍यास, नाटो संग बढ़ा तनाव

Updated on 08-08-2023 01:33 PM
वॉर्सा: बेलारूस और नाटो देश पोलैंड और लिथुआनिया में एक बार फिर से तनाव भड़कता दिख रहा है। बेलारूस ने पोलैंड और लिथुआनिया की सीमा पर सैन्‍य अभ्‍यास शुरू किया है। नाटो देश इसे अपने रूस समर्थक पड़ोसी देश बेलारूस और वैगनर की भड़काने वाली कार्रवाई मान रहे हैं। रूस में व‍िद्रोह के बाद अब वैगनर के लड़ाके बेलारूस पहुंच गए हैं और पोलैंड ने चेतावनी दी है कि वे उनकी सीमा के अंदर प्रवेश कर सकते हैं। पोलैंड और लिथुआनिया ने तो बड़े पैमाने पर अपने सैनिकों को बेलारूस की सीमा पर तैनात कर दिया है।


इससे पहले रूस में असफल व‍िद्रोह के बाद हजारों की तादाद में हथियारबंद वैगनर लड़ाके एक समझौते के बाद बेलारूस पहुंचे थे। इस समझौते को बेलारूस के तानाशाह लुकाशेंको ने कराया था। इसके बाद वैगनर के चीफ येवगेनी प्रिगोझिन को आपराधिक मामलों से माफी दे दी गई थी। पोलैंड और लिथुआनिया दोनों ने ही देशों के नेताओं ने कहा है कि वे रूस और बेलारूस की ओर से उकसावे वाली कार्रवाई हो रही है। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब बेलारूस के दो हेलिकॉप्‍टर कम ऊंचाई पर उड़ते हुए पोलैंड के हवाई क्षेत्र में घुस गए थे।

रूस-बेलारूस बनाम पोलैंड और लिथुआनिया

बेलारूस के अधिकारियों ने पोलैंड के क्षेत्र में हेलिकॉप्‍टर घुसने के दावे को खारिज किया था। बेलारूस ने दावा किया है कि यह अभ्‍यास सोमवार को शुरू हुआ है और 'व‍िशेष सैन्‍य अभियान' के अनुभवों पर आधारित है। 'व‍िशेष सैन्‍य अभियान' वही शब्‍द है जिसका इस्‍तेमाल रूस ने यूक्रेन पर हमले के लिए किया है। उसने कहा कि इस अभ्‍यास के दौरान ड्रोन के इस्‍तेमाल के साथ-साथ टैंक यूनिट और मोटराइज्‍ड राइफल यूनिट का सेना के अन्‍य अंगों के साथ करीबी समन्‍वय शामिल है।

बेलारूस यह युद्धाभ्‍यास ग्रोड्नो इलाके में कर रहा है जो सुवाल्‍की गैप के पास स्थित है। यह 96 किमी का संकरा सा इलाका है जो पोलैंड और लिथुआनिया की सीमा से मिलता है। यह लिंक बाल्टिक इलाके के तीन देशों लिथुआनिया, लाटव‍िया और एस्‍टोनिया को बाकी के नाटो देशों से जोड़ता है। यही इलाका बेलारूस को कालिनग्राड से अलग करता है जो रूसी इलाका है। कालिनग्राड रूस का सैन्‍य किला है जहां एक से बढ़कर एक घातक हथियार तैनात हैं। हालांकि रूस के लिए चिंता की बात यह है कि कालिनग्राड से उसका कोई जमीनी संपर्क नहीं है। सैन्‍य व‍िशेषज्ञों का कहना है कि सुवाल्‍की गैप को लेकर भव‍िष्‍य में नाटो और रूस के बीच टकराव हो सकता है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 11 August 2026
माले/इस्लामाबाद: मालदीव अपनी कमजोर अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए दक्षिण एशियाई देशों के संगठन 'सार्क' को फिर से शुरू करने की कोशिशें कर रहा है लेकिन उसके सारे दांव नाकाम…
 11 August 2026
मॉस्को/कीव: रूसी वायुसेना ने 4-5 अगस्त की रात को यूक्रेन पर 24 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। यूक्रेनी वायु सेना ने इन मिसाइलों को 'इस्कंदर-M/S-400' कैटेगरी में रखा है। इसका…
 11 August 2026
लंदन: सूडान में चल रहे नरसंहार को लेकर दुबई के शासक को लंदन की सड़कों पर घेर लिया गया। मोहम्मद बिन राशिद अल-मकतूम जो दुबई के शासक होने के साथ…
 11 August 2026
वॉशिंगटन/अंकारा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पिछले महीने NATO शिखर सम्मेलन के बाद बेहद सीक्रेट तरीके से एक मिलिट्री विमान के जरिए तुर्की से बाहर निकाला गया था। अमेरिकी सीक्रेट…
 11 August 2026
काठमांडू: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है कि 1816 की वह मूल सुगौली संधि नहीं मिल रही है जिसने ब्रिटिश भारत के साथ उसकी सीमा तय की…
 11 August 2026
तेल अवीव: सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए डिफेंस पैक्ट के बाद इजरायली डिफेंस सर्किल में भारत को 'इंश्योरेंस पॉलिसी' की तरह देखा जा रहा है। इजरायल में…
 10 August 2026
ढाका: भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से सोमवार को मुलाकात की है। बांग्लादेश का उच्चायुक्त नियुक्त होने के बाद त्रिवेदी की बांग्लादेश के प्रधानमंत्री…
 10 August 2026
तेल अवीव: सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए 'मक्का समझौते' के बाद इजरायल का मानना है कि इस समझौते के बाद उसके भारत से संबंध और मजबूत होंगे।…
 10 August 2026
ढाका: बांग्लादेश में हो रहे अहम घटनाक्रम के बीच भारत के चार सुरक्षा अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचा है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल बांग्लादेशी सेना की खुफिया एजेंसी डॉयरेक्टरेट जनरल ऑफ…
Advt.