चीन ने बनाया दुनिया की सबसे शक्तिशाली कॉइल गन, स्पीड इतनी कि रोकना नामुमकिन, मचेगी तबाही

Updated on 26-08-2023 01:15 PM
बीजिंग: चीनी नौसेना दुनिया की सबसे शक्तिशाली कॉइल गन का परीक्षण कर रही है। यह गन इतनी शक्तिशाली है कि 3540 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गोले दाग सकती है। इसे भविष्य का हथियार बताया जा रहा है, जो मिसाइल के आकार के प्रोजेक्टाइल (गोले) को फायर कर सकती है। यह इतनी सटीक और विनाशकारी हथियार होगा, जिससे दुश्मन का बचना लगभग नामुमकिन होगा। इस गन को चीनी नौसेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी ऑपरेट कर रही है। इस गन में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक लॉन्चर लगे हुए हैं, जो गोले की रफ्तार को कई गुना बढ़ा देते हैं।


700 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दागा गोला

परियोजना में शामिल लोगों के अनुसार, अपने पहले फायरिंग टेस्ट में इस मेगा वेपन ने 0.05 सेकेंड से भी कम समय में 124 किलोग्राम वजनी गोले को 700 किलोमीटर प्रति घंटे की आश्चर्यजनक रफ्तार से फायर किया था। अभी तक पूरी दुनिया में इतने बड़े गोले को किसी गन से फायर नहीं किया गया था। अगर यह कॉइल गन चीनी नौसेना में शामिल होता है तो वह किसी भी देश की तट रेखा से दूर रहते हुए उसके इलाके में जबरदस्त फायरिंग कर सकता है। ऐसे गोले को डिटेक्ट करना और एयर डिफेंस सिस्टम से मार गिराना भी काफी कठिन होता है।

कॉइल गन क्यों खतरनाक


कॉइल गन को गॉस गन या चुंबकीय त्वरक के रूप में भी जाना जाता है। इसका बैरल कई इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कॉइल से लैस होता है और इन्हें प्रोजेक्टाइल को चलाने में सक्षम चुंबकीय क्षेत्र बनाने के लिए एक के बाद एक सक्रिय किया जाता है। चीनी नौसेना के वैज्ञानिकों ने कॉइल गन की सटीक विशेषताओं का खुलासा नहीं किया है और न ही यह बताया है कि इसे कब परिचालन में लाया जाएगा। उन्होंने बस इतना कहा है कि ऐसी गन से जागा गया प्रक्षेप्य कई किलोमीटर की दूरी पर लक्ष्य को मार सकता है।

चीन ने गन की लॉन्चिंग पर क्या कहा


इस गन की टेस्टिंग में जुटे वैज्ञानिक टीम के प्रमुख प्रोफेसर गुआन ज़ियाओकुन के हवाले से कहा गया है कि इसमें (कॉइल गन) गति, सीमा, शक्ति, सटीकता, सुरक्षा, लचीलेपन और विश्वसनीयता के मामले में क्रांतिकारी सफलताओं की क्षमता है। गुआन ने यह भी कहा कि यह हथियार चीनी सशस्त्र बलों को युद्ध की प्रकृति को बदलने में मदद करेगा क्योंकि यह हर वार की विश्वसनीयता और सुरक्षा के साथ-साथ प्रक्षेप्य की गति और सटीकता को बढ़ाएगा। वैज्ञानिक ने कहा कि इस कॉइल गन के परीक्षण में प्राप्त अनुभव का उपयोग पृथ्वी के निकट उपग्रहों और उच्च गति वाले रॉकेटों को लॉन्च करने में भी किया जा सकता है।


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