भारत के विरोध के बावजूद CPEC को आगे बढ़ाएंगे चीन-पाकिस्तान, जिनपिंग के दूत ने किया बड़ा ऐलान

Updated on 01-08-2023 01:23 PM
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के CPEC प्रोजेक्ट को 10 साल हो चुके हैं। चीन और पाकिस्तान सोमवार को इसके दूसरे चरण को पुनर्जीवित करने पर सहमत हुए। यह सहमति चीनी उपप्रधानमंत्री हे लिफेंग की पाकिस्तानी नेताओं के साथ बैठक के बाद बनी है। हे लिफेंग चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी हैं। उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ औपचारिक बातचीत की। इसके अलावा सीपीईसी के 10 साल पूरे होने पर एक खास कार्यक्रम में भाग लिया। भारत के विरोध के बावजूद पाकिस्तान और चीन इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रहे हैं।

जिनपिंग के खास चीनी प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर से भी मुलाकात की। सीपीईसी के 10 साल पूरे होने पर वह पाकिस्तान की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। हालांकि सीपीईसी का भविष्य अधर में लटका नजर आ रहा था। लेकिन हे की यात्रा के बाद दोनों पक्ष मेगा प्रोजेक्ट के अगले चरण को शुरु करने पर सहमत हुए हैं। इसके लिए दोनों पक्षों ने छह MoU पर हस्ताक्षर किए। कई वर्षों से रुके एक रेल प्रोजेक्ट को भी बनाने पर दोनों देश सहमत हुए।

इमरान के हटने के बाद प्रोजेक्ट में तेजी


चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) कहने को तो पाकिस्तान की तरक्की में योगदान देने के लिए था। लेकिन इसकी असली मलाई चीन ने खाई है। पाकिस्तान में लोगों को नौकरियां मिलने का दावा किया गया था, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं हुआ। वहीं, जब इमरान खान पाकिस्तान की सत्ता में आए तो चीन को सबसे ज्यादा CPEC की चिंता हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक इमरान खान से चीन खुश नहीं था। लेकिन जब इमरान को हटा कर शहबाज शरीफ प्रधानमंत्री बने तो प्रोजेक्ट में तेजी आ गई।

भारत ने किया CPEC का विरोध

CPEC 3000 किमी लंबा रास्ता है, जिसके जरिए चीन पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से जुड़ता है। चीन को इस प्रोजेक्ट से सबसे ज्यादा फायदा है। क्योंकि ग्वादर बंदरगाह के जरिए चीन खाड़ी देशों और अफ्रीका से सीधा जुड़ सकता है। इसके साथ ही वह हिंद महासागर तक सीधे पहुंच सकता है। यह रास्ता क्योंकि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) से गुजरता है, इसलिए भारत शुरुआत से ही इसका विरोध करता रहा है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 11 August 2026
माले/इस्लामाबाद: मालदीव अपनी कमजोर अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए दक्षिण एशियाई देशों के संगठन 'सार्क' को फिर से शुरू करने की कोशिशें कर रहा है लेकिन उसके सारे दांव नाकाम…
 11 August 2026
मॉस्को/कीव: रूसी वायुसेना ने 4-5 अगस्त की रात को यूक्रेन पर 24 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। यूक्रेनी वायु सेना ने इन मिसाइलों को 'इस्कंदर-M/S-400' कैटेगरी में रखा है। इसका…
 11 August 2026
लंदन: सूडान में चल रहे नरसंहार को लेकर दुबई के शासक को लंदन की सड़कों पर घेर लिया गया। मोहम्मद बिन राशिद अल-मकतूम जो दुबई के शासक होने के साथ…
 11 August 2026
वॉशिंगटन/अंकारा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पिछले महीने NATO शिखर सम्मेलन के बाद बेहद सीक्रेट तरीके से एक मिलिट्री विमान के जरिए तुर्की से बाहर निकाला गया था। अमेरिकी सीक्रेट…
 11 August 2026
काठमांडू: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है कि 1816 की वह मूल सुगौली संधि नहीं मिल रही है जिसने ब्रिटिश भारत के साथ उसकी सीमा तय की…
 11 August 2026
तेल अवीव: सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए डिफेंस पैक्ट के बाद इजरायली डिफेंस सर्किल में भारत को 'इंश्योरेंस पॉलिसी' की तरह देखा जा रहा है। इजरायल में…
 10 August 2026
ढाका: भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से सोमवार को मुलाकात की है। बांग्लादेश का उच्चायुक्त नियुक्त होने के बाद त्रिवेदी की बांग्लादेश के प्रधानमंत्री…
 10 August 2026
तेल अवीव: सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए 'मक्का समझौते' के बाद इजरायल का मानना है कि इस समझौते के बाद उसके भारत से संबंध और मजबूत होंगे।…
 10 August 2026
ढाका: बांग्लादेश में हो रहे अहम घटनाक्रम के बीच भारत के चार सुरक्षा अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचा है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल बांग्लादेशी सेना की खुफिया एजेंसी डॉयरेक्टरेट जनरल ऑफ…
Advt.