सरकार को कितना उठाना पड़ा नुकसान?
पुरी ने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भारी उछाल के बीच तेल कंपनियों को हो रहे नुकसान की भरपाई करने के लिए सरकार ने अपने टैक्स रेवेन्यू में भारी कटौती की है। यह नुकसान पेट्रोल के लिए लगभग 24 रुपये प्रति लीटर और डीजल के लिए लगभग 30 रुपये प्रति लीटर होने का अनुमान है।उन्होंने यह भी बताया कि ग्लोबल स्तर पर ईंधन की कीमतों में उछाल को देखते हुए एक्सपोर्ट टैक्स भी लगाए गए हैं। अब पेट्रोल या डीजल का निर्यात करने वाली किसी भी रिफाइनरी को एक्सपोर्ट टैक्स का भुगतान करना जरूरी होगा।


