
इंदौर में साइबर धोखाधड़ी रोकथाम हेतु जागरूकता अभियान, विशेषज्ञों ने जागरूकता को बताया सुरक्षा की पहली दीवार
भारत की निजी क्षेत्र की नॉन-बैंकिंग वित्तीय कंपनी और बजाज फिनसर्व का हिस्सा बजाज फाइनेंस लिमिटेड (बीएफएल) ने इंदौर में "नॉकआउट डिजिटल फ्रॉड" नामक साइबर धोखाधड़ी जागरूकता अभियान का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य डिजिटल उपयोगकर्ताओं को विभिन्न ऑनलाइन खतरों के प्रति सतर्क करना और सुरक्षित रहने के सही उपायों की जानकारी देना था। रिजर्व बैंक द्वारा पिछले वर्ष एनबीएफसी क्षेत्र के लिए जारी ‘फ्रॉड रिस्क मैनेजमेंट’ दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित इस अभियान में धोखाधड़ी की त्वरित पहचान, कर्मचारियों की जिम्मेदारी और जनसहभागिता पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (साइबर क्राइम) राजेश डांडोटिया ने कहा कि साइबर क्राइम आज समाज के सामने बड़ी चुनौती है और जैसे हम शहर को स्वच्छ रखते हैं, वैसे ही डिजिटल दुनिया को सुरक्षित बनाना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने इंदौर को साइबर अपराध रोकथाम में आदर्श शहर बनाने की जरूरत पर बल दिया। निवृत्त न्यायमूर्ति विष्णुशंकर सोनी ने भी इसे तकनीकी खतरे के साथ-साथ सामाजिक चुनौती बताया और कहा कि असली सुरक्षा की पहली दीवार जागरूकता है। वहीं, बजाज फाइनेंस लिमिटेड के प्रवक्ता ने ग्राहकों की आर्थिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि कंपनी सोशल मीडिया, ऑनलाइन-ऑफलाइन माध्यमों और सीधा संवाद कर साइबर सुरक्षा जागरूकता को लगातार मजबूत कर रही है।
इस अवसर पर पूर्व पुलिस महानिरीक्षक भागवत चौहान, पूर्व पुलिस उपअधीक्षक विजय डेविड और संस्थान के प्राध्यापक भी मौजूद रहे।