झगड़ा नहीं चाहते, लेकिन चीन से अपने जलक्षेत्र की रक्षा करेंगे... फिलीपींस के राष्ट्रपति की दो-टूक

Updated on 30-09-2023 02:27 PM
मनीला: दक्षिण चीन सागर में विवादित स्थल पर चीन द्वारा लगाए गए अवरोधकों को फिलीपीन के तटरक्षकों द्वारा हटाए जाने के बाद देश के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने शुक्रवार को कहा कि उनका देश, चीन से झगड़ा नहीं चाहता, लेकिन वह मजबूती से अपने जलक्षेत्र की रक्षा करेंगे। यह पहली बार है जब फिलीपीन के राष्ट्रपति ने सार्वजनिक रूप से चीन के खिलाफ आवाज उठाई है। चीन ने 'स्कारबोरो शोल' (रेतीले और चट्टानों से घिरे समुद्री क्षेत्र, जहां प्रचुर मात्रा में मछलियां पाई जाती हैं) के शुरुआती भाग में 300 मीटर (980 फुट) लंबा अवरोधक लगाया था, जिसे मार्कोस के आदेश के बाद हटा दिया गया।

दक्षिणी सुरीगाओ डेन नोर्ते प्रांत में संवाददाता द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में मार्कोस ने कहा, ''हम झगड़ा नहीं चाहते लेकिन हम फिलीपीन के जलक्षेत्र और हमारे मछुआरों के अधिकारों की रक्षा करना जारी रखेंगे।'' उन्होंने कहा कि ये मछुआरे सौ से ज्यादा वर्षों से इन इलाकों में मछली पकड़ रहे हैं। इस साल की शुरुआत में मार्कोस ने 2014 रक्षा समझौते के अंतर्गत फिलीपीन में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को बढ़ाने की मंजूरी देने का फैसला किया था, जिसके बाद दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपीन के बीच यह हालिया विवाद पैदा हुआ है। ताइवान और चीन के साथ समुद्री सीमा साझा करने वाले फिलीपीन में स्थानीय सैन्य शिविरों में अधिक संख्या में अमेरिकी बलों की मौजूदगी से बीजिंग भड़क गया है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनातनी जारी है।

मार्कोस ने कहा कि 'स्कारबोरो शोल' के मुहाने से फिलीपीन तटरक्षकों द्वारा रस्सी और जाल अवरोधकों को हटाए जाने के बाद देश की मछली पकड़ने वाली नाव समुद्री क्षेत्र में घुसीं और एक दिन में करीब 164 टन मछलियां पकड़ीं। उन्होंने कहा, ''हमारे मछुआरे इसे खो रहे थे इसलिए वहां किसी प्रकार का अवरोधक नहीं होना चाहिए और यह स्पष्ट है कि ये इलाका फिलीपीन के भीतर आता है।'' उन्होंने कहा कि उनके देश के मुछआरे इन इलाकों में सौ से ज्यादा वर्षों से मछली पकड़ रहे हैं इसलिए मैं नहीं समझ सका कि क्या बदला गया।

फिलीपीन तटरक्षक के प्रवक्ता कमोडोर जे ताररियला ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि बृहस्पतिवार को निगरानी के लिए तैनात किए गए एक फिलीपीन विमान ने शोल के प्रवेश पर चीन के दो तट रक्षक जहाजों को देखा, जिनकी वजह से फिलीपीन के मछुआरे मछली पकड़ने के लिए समुद्री क्षेत्र में नहीं जा पा रहे थे। संवाददाताओं को दो धातु लंगरों में से एक को दिखाते हुए उन्होंने कहा कि स्कारबोरो के प्रवेश स्थान से अवरोधकों को हटाने के लिए फिलीपन तटरक्षकों ने हाल ही में इन लंगरों को हटाया है।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने बुधवार को बीजिंग में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह शोल ''चीन का हिस्सा है''। उन्होंने कहा, ''फिलीपीन जो कर रहा है वह उसकी खुशफहमी के अलावा और कुछ नहीं है। चीन अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता और समुद्री अधिकारों की रक्षा तथा हुआंगयान द्वीप के हितों की रक्षा करना जारी रखेगा।''

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 13 August 2026
तेहरान: ईरान की ताकतवर फोर्स इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) अमेरिका के खिलाफ जंग को लंबा खींचने की तैयारी कर रही है। IRGC के कमांडर के एक सीनियर सलाहकार ने…
 13 August 2026
इस्लामाबाद: दुनिया के दो देशों के बीच रिश्ते में बदलाव आना कोई नई बात नहीं है। कई देशों में वक्त के साथ रिश्ते बेहतर होते हैं या फिर किसी मुद्दे…
 13 August 2026
मॉस्को: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि भारत उन प्रमुख देशों में शामिल है, जो नॉर्दर्न सी रूट (NSR) पर रूस के साथ सहयोग करने में दिलचस्पी दिखा…
 13 August 2026
इस्लामाबाद: ऑस्ट्रेलिया की फेडरल कोर्ट ने भारत को झटका दिया है। अदालत ने भारत की 'बासमती' ट्रेडमार्क के लिए विशेष अधिकार की मांग खारिज कर दी है। इस फैसले पर…
 13 August 2026
ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच हालिया दिनों में रिश्तों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। खासतौर से बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के दिल्ली में किए गए वर्चुएल…
 13 August 2026
लंदन: पाकिस्‍तान सऊदी अरब और तुर्की के साथ मिलकर 'इस्‍लामिक नाटो' बनाकर बहुत खुश है। पाकिस्‍तान में इसका जश्‍न मनाया जा रहा है। पाकिस्‍तान में कहा जा रहा है कि…
 13 August 2026
पेरिस: फ्रांस से मिले राफेल जेट भारतीय एयरफोर्स का अहम हिस्सा है। फ्रांस के साथ भारत की 114 और राफेल खरीद की चर्चा चलने की बात भी कही गई है।…
 12 August 2026
इस्लामाबाद: बीते साल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते निचले स्तर पर हैं। एक साल से ज्यादा की तनातनी के बाद ऐसी…
 12 August 2026
ढाका: बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान कथित तौर पर ब्रिक्स समिट के लिए भारत नहीं आएंगे। सितंबर में दिल्ली में होने वाले इस समिट के लिए भारत ने रहमान को…
Advt.