मेंबरशिप प्रोसेस शुरू करने को तैयार EU, 4 लाख करोड़ के मदद पैकेज पर हंगरी का अड़ंगा

Updated on 15-12-2023 01:48 PM

यूरोपियन यूनियन (EU ) के नेता यूक्रेन को सदस्यता देने वाली प्रक्रिया शुरू करने के लिए तैयार हो गए हैं। गुरुवार देर रात इसकी EU के 27 सदस्य देशों की समिट हुई, इसमें यूक्रेन और मोल्दोवा को सदस्य बनाने की प्रोसेस शुरू करने पर सहमति बनी। 27 में से 26 देशों ने यूक्रेन को सदस्य बनाने के पक्ष में वोट किया। सिर्फ हंगरी ने इसका विरोध किया।

हंगरी के विरोध के बाद EU की तरफ से यूक्रेन को दिए जाने वाले 4.58 लाख करोड़ रुपए के मदद पैकेज पर सहमति नहीं बन सकी।

वहीं, EU का मेंबर बनने के बाद यूक्रेन को आर्थिक फायदा हो सकता है। साथ ही उसकी सैन्य शक्ति बढ़ जाएगी और रूस के खिलाफ उसे बड़ी ताकत मिल जाएगी। सभी EU देश एक साथ मिलकर उस देश की मदद करते हैं, जिस पर कोई अन्य देश हमला करता है। इसे लेकर बाकायदा एक म्यूचुअल डिफेंस क्लॉज होता है, जिस वजह से मुश्किल में फंसे देश की मदद करना अनिवार्य हो जाता है।

यूरोपियन देशों के साथ खुला बाजार मिलेगा
आर्थिक तौर पर देखा जाए तो EU का सदस्य बनने से यूक्रेन को सभी यूरोपियन देशों के साथ खुला बाजार मिलेगा और हर सामान बिना किसी पाबंदी के आसानी के साथ एक देश से दूसरे देश में जा पाएगा। वहीं, यूक्रेन के नागरिकों की भी बड़ी मदद होगी, उन्हें कई तरह के अधिकार मिल जाएंगे। जैसे- कोई भी नागरिक यूक्रेन से किसी यूरोपीय देश आएगा, तो तीन साल तक उन्हें वहां रहने के लिए वीजा आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

कैसे बनता है कोई देश EU का सदस्य?
यूरोपीय संघ की सदस्यता यूक्रेन की पुरानी मांग है, जिसे लेकर वह लड़ रहा है। जैसे, नाटो की सदस्यता यूक्रेन के लिए मायने रखती है, उसी तर्ज पर EU का सदस्य बनना भी यूक्रेन के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, EU का सदस्यता हासिल करने की प्रक्रिया काफी जटिल और लंबी है, इसमें सालों का वक्त लग सकता है।

सबसे पहले तो EU में शामिल होने वाले देश को फ्री मार्केट इकोनॉमी बनानी होगी। फिर उसे EU के सभी कायदे-कानून मानने पड़ेंगे। इसके बाद यूरोपियन काउंसिल के सभी सदस्यों को एक मत से किसी देश को स्वीकृति देनी होती है। इस प्रक्रिया में कई दौर के आवेदन और बातचीत शामिल हैं।

मदद देने पर सहमति नहीं
14 दिसंबर को हुई बैठक में यूक्रेन को दिए जाने वाले 4.58 लाख करोड़ के मदद पैकेज पर सहमति नहीं बनी। यानी EU अब यूक्रेन को मदद नहीं भेज सकेगा। बेल्जियम के ब्रुसेल्स में हुई बैठक में यूक्रेन को दी जाने वाली मदद के प्रस्ताव पर अड़ंगा लगा दिया गया। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की अमेरिका से भी मदद मांग रहे हैं, लेकिन यहां भी बात नहीं बन पा रही है।

दरअसल, अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी अड़ंगा लगा रही है। यहां हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में रिपब्लिकन पार्टी को बढ़त है। रिपब्लिकन्स की मंजूरी के बिना जो बाइडेन राहत पैकेज अप्रूव नहीं कर सकते।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 10 August 2026
ढाका: भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से सोमवार को मुलाकात की है। बांग्लादेश का उच्चायुक्त नियुक्त होने के बाद त्रिवेदी की बांग्लादेश के प्रधानमंत्री…
 10 August 2026
तेल अवीव: सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए 'मक्का समझौते' के बाद इजरायल का मानना है कि इस समझौते के बाद उसके भारत से संबंध और मजबूत होंगे।…
 10 August 2026
ढाका: बांग्लादेश में हो रहे अहम घटनाक्रम के बीच भारत के चार सुरक्षा अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचा है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल बांग्लादेशी सेना की खुफिया एजेंसी डॉयरेक्टरेट जनरल ऑफ…
 10 August 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने प्रस्तावित FCRA संशोधन बिल 2026 को लेकर चल रही अटकलों का खंडन किया है जिसमें कहा जा रहा है कि…
 10 August 2026
काठमांडू: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह आज राजधानी काठमांडू में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव से मुलाकात करने वाले हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह आज पहली बार किसी देश…
 10 August 2026
काठमांडू: नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने आज सिंह दरबार में प्रधानमंत्री कार्यालय और मंत्रिपरिषद के दफ्तर में प्रधानमंत्री बालेन शाह से मुलाकात की है। यह शिष्टाचार मुलाकात…
 10 August 2026
टोक्यो: भारतीय रक्षा मंत्रालय ने संसद को सौंपी एक रिपोर्ट में बताया है कि भारत यूरोपीय देशों के छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान प्रोग्राम में शामिल होने के लिए बातचीत…
 10 August 2026
टोरंटो: कनाडा ने 2026 के शुरुआती छह महीनों में 3,323 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया है। यह संख्या अमेरिका की तरफ से करीब सात महीनों में भारत वापस भेजे गए…
 07 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के ब्रॉड पीक हिमस्खलन की चपेट में आने से मारे गए मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा (निम्स दाई) समेत 5 अन्य पर्वतारोहियों का पार्थिव शरीर एयरलिफ्ट कर स्कार्दू ले…
Advt.