अब क्या है आगे का रास्ते?
आहूजा ने कहा कि भारत में औसतन मकानों की कीमतें कभी गिरी नहीं हैं। मुझे उम्मीद है कि अगले 2-3 सालों तक कीमतों में ठहराव रहेगा। इसलिए इस डर से कि कीमतें बढ़ जाएंगी, घबराकर मकान खरीदने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।आहूजा का मानना है कि रियल एस्टेट में यह मंदी उन खरीदारों के लिए फायदेमंद हो सकती है जो सचमुच मकान खरीदना चाहते हैं। उन्होंने कहा काफी बिल्डर मकान की बिक्री का अपना टारगेट पूरा नहीं कर पाए हैं। ऐसे में ग्राहक नया मकान खरीदने के लिए बिल्डर्स के साथ मोलभाव कर सकते हैं। और इसमें उनका पलड़ा भारी रहेगा।


