राशिद खान से मोहम्मद नबी तक, पाकिस्तान के आतंकी हमले से टूटे अफगानी क्रिकेटर्स, अपनों को खोने पर जताया दुख
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17-03-2026 01:41 PM
नई दिल्ली: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के काबुल में स्थित ड्रग रिहैबिलिटेशन हॉस्पिटल पर एयर स्ट्राइक की है, जिसमें कई मासूमों की जान चली गई। अफगानिस्तान के डिप्यूटी गवर्नमेंट स्पोक्सपर्सन हमदुल्लाह फितरत का कहना है कि इस हमले में अब तक 400 लोगों की मौत हो चुकी है। इस हमले से हालांकि अफगानिस्तान के क्रिकेटर्स भी टूट गए हैं। अब उन्होंने इस हमले और अपनों को खोने पर दुख जाहिर किया है। आइये जानते हैं किसने क्या लिखा।पााकिस्तान के हमले पर अफगानी क्रिकेटर्स की प्रतिक्रिया
अजमतुल्लाह उमरजई ने एक्स पर लिखा, 'आज रात काबुल में एक जोरदार धमाका हुआ। इसके बाद, पाकिस्तानी हवाई हमलों में क्षतिग्रस्त हुए एक अस्पताल से आसमान में आग की लपटें उठने लगीं। रमजान के महीने में, रोज़ा खोलने के बाद, कई मासूम लोगों की जानें चली गईं और कई घायल हो गए। आज रात शोक मना रहे हर परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। काबुल शोक में डूबा हुआ है। हम न्याय और शांति के लिए दुआ करते हैं।'अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान ने एक्स पर लिखा, 'काबुल में पाकिस्तानी एयर स्ट्राइक की वजह से आम नागरिकों की मौत की खबर से मैं बहुत दुखी हूं। जानकर या अनजाने में नागरिकों के घरों, एजुकेशन फैसिलिटी या मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना वॉर क्राइम है। खासकर रमजान के पाक महीने में मानव जीवन के प्रति घोर उपेक्षा घृणित और बहुत चिंताजनक है।'उन्होंने आगे कहा, 'इससे केवल विभाजन और नफरत ही बढ़ेगी। मैं यूएन और अन्य ह्यूमन राइट्स एजेंसियों से इस मामले की गहन जांच करने और दोषियों को जवाबदेह ठहराने का आह्वान करता हूं। इस मुश्किल समय में मैं अपने अफगान लोगों के साथ खड़ा हूँ। हम ठीक हो जाएंगे और एक राष्ट्र के रूप में फिर से उठेंगे। हम हमेशा ऐसा करते हैं। इंशाल्लाह।'अफगानिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद नबी ने एक्स पर लिखा, 'काबुल में आज रात उम्मीद की किरण हॉस्पिटल में खत्म हो गई। युवा लड़के ट्रीटमेंट ले रहे थे, जिनका पाकिस्तानी सेना ने बम विस्फोट में कत्ल कर दिया। माएं गेट पर इंतजार कर रही थीं, अपने बेटों का नाम पुकार रही थीं। रमजान की 28वीं रात पर, उनकी जान चली गई।काबुल में आज रात उम्मीद की किरण हॉस्पिटल में खत्म हो गई। युवा लड़के ट्रीटमेंट ले रहे थे, जिनका पाकिस्तानी सेना ने बम विस्फोट में कत्ल कर दिया। माएं गेट पर इंतजार कर रही थीं, अपने बेटों का नाम पुकार रही थीं। रमजान की 28वीं रात पर, उनकी जान चली गई।'