
मुम्बई । भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) अध्यक्ष सौरव गांगुली नई आईपीएल टीम को लेकर हितों के टकराव मामले में फंसते नजर आ रहे हैं। नई आईपीएल टीम आरपीएसजी वेंचर्स लिमिटेड के साथ साझेदारी वाली इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की फुटबॉल टीम के साथ गांगुली जुड़े हैं, जिसके कारण विवादा उठा है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईएसएल के फुटबॉल क्लब एटीके मोहन बागान की आधिकारिक वेबसाइट पर गांगुली को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का सदस्य बताया गया है, जिसके चेयरमैन गोयनका हैं। वेबसाइट पर लिखा है, ‘एटीके मोहन बागान का मालिकाना हक कोलकाता गेम्स एंड स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के पास है, इसमें गांगुली, कारोबारी हर्षवर्धन नियोतिया, संजीव गोयनका और उत्सव पारेख शामिल हैं।’ इस मामले में बीसीसीआई के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा कि ये स्पष्ट तौर पर हितों के टकराव का मामला है। सदस्य ने कहा, ‘गांगुली बोर्ड अध्यक्ष हैं और उन्हें ये समझना चाहिए. ये पहली बार नहीं है, जब वे ऐसे सवालों में फंसे हैं।’
वहीं गांगुली के साथ अपने जुड़ाव के चलते हितों के टकराव से जुड़े सवाल पर गोयनका ने कहा, ‘मुझे लगता है वह (गांगुली) पूरी तरह मोहन बागान से हटने वाले हैं।’ इस पर जब पूछा गया कि ये कब होगा तो उन्होंने कहा कि ये आज ही हो जाएगा. हालांकि बाद में गोयनका ने कहा, ‘ये गांगुली के ऊपर है कि वे कब फैसला लेते हैं।’ हालांकि गांगुली की ओर से मंगलवार की रात तक एटीके मोहन बागान के साथ अपने जुड़ाव के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी। अगर गांगुली फुटबॉल क्लब से अपना जुड़ाव खत्म भी कर लेते हैं, तब भी आईपीएल टीमों की नीलामी प्रक्रिया में बतौर बीसीसीआई अध्यक्ष उनकी भागीदारी को लेकर सवाल उठाए जा सकते हैं। इस तर्क पर कि फ्रेंचाइजी के लिए बोली लगाने वाले फुटबॉल एसोशिएसन के साथ उनका जुड़ाव है।