हाथों में हाथ, दिल से मिले दिल... पेरिस में मैक्रों और जर्मन चांसलर ओलाफ से मिले जेलेंस्की, लगे थे मदद न करने के आरोप

Updated on 09-02-2023 06:07 PM
पेरिस : यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने बुधवार को ब्रिटेन और फ्रांस की औचक यात्रा के दौरान रूस के आक्रमण के खिलाफ अपने देश के लिए पश्चिमी देशों का समर्थन मांगा। ब्रिटेन की संसद को संबोधित करने के बाद वह पेरिस पहुंचे। उन्होंने एलिसी पैलेस (फ्रांस के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास) में रात्रिभोज में फ्रांस और जर्मनी के नेताओं से मुलाकात की। यह यात्रा ऐसे समय में की जा रही है, जब रूस के आक्रमण का सामना कर रहा यूक्रेन अपनी सरजमीं को रूस के कब्जे से वापस लेने की योजना बना रहा है और इसके लिए उसे पश्चिमी देशों के समर्थन व उनसे हथियार की दरकार है।
फ्रांस पहुंचे जेलेंस्की ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज के साथ पेरिस में रात्रिभोज किया। जेलेंस्की का एलिसी पैलेस की सीढ़ियों पर बुधवार रात मैक्रों ने गले लगाकर स्वागत किया और फिर तीनों नेता अंदर चले गए। यह यात्रा फ्रांस और जर्मनी के साथ यूक्रेन के संबंधों में बदलाव का प्रतीक है। इससे पहले यूक्रेन में कई लोगों ने कहा था कि दोनों देश युद्ध में पर्याप्त मदद नहीं कर रहे हैं। मैक्रों ने रात्रिभोज से पहले कहा, 'यूक्रेन युद्ध जीतने के लिए फ्रांस, उसके यूरोपीय सहयोगियों और भागीदारों पर भरोसा कर सकता है। रूस युद्ध नहीं जीत सकता और उसे जीतना भी नहीं चाहिए।'

जेलेंस्की खुद जाकर ब्रिटेन को कहा-शुक्रिया!

उन्होंने कहा कि वे यूक्रेन की 'परिचालन संबंधी जरूरतों' पर चर्चा करेंगे। मैंक्रों ने कहा, 'हम कोशिश जारी रखेंगे।' इससे पहले ब्रिटेन में जेलेंस्की ने रूस के आक्रमण के 'पहले दिन' से उसका साथ देने के लिए ब्रिटेन के लोगों का शुक्रिया अदा किया। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा कि यूक्रेन को लड़ाकू विमान देने पर भी चर्चा की गई। उन्होंने ब्रिटेन के सैन्य अड्डे में एक प्रेस कान्फ्रेंस में कहा, 'सभी पहलुओं पर चर्चा की गई। हमें अभी यूक्रेन को हथियार देने चाहिए और आगे चलकर उसका सहारा बनना चाहिए।' जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन को सभी चीजों की आपूर्ति चाहिए। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को केवल विमानों की नहीं बल्कि गोला-बारूद और लंबी दूरी वाली मिसाइलों की भी आपूर्ति चाहिए।

दूसरी बार देश से बाहर जेलेंस्की

जेलेंस्की ने ब्रिटेन की अपनी यात्रा को 'बेहद कारगर' बताया। रूस के 24 फरवरी 2020 को यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद जेलेंस्की बुधवार को दूसरी बार देश से बाहर निकले। पहली बार वह पिछले साल दिसंबर में अमेरिका गए थे और वहां राष्ट्रपति जो बाइडन से मुलाकात करने के अलावा उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित किया था। जेलेंस्की के ब्रसेल्स में गुरुवार को यूरोपीय संघ के नेताओं से मिलने की भी संभावना है।

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