सार्वजनिक नहीं किया गया फॉर्मूला
उंगली पर लगने वाली इस स्याही को बनाने में सिल्वर नाइट्रेट का इस्तेमाल होता है। इसके अलावा इसमें कुछ और केमिकल भी मिलाए जाते हैं। यह स्याही उंगली पर लगते ही 20 से 30 से गहरा नीला निशान छोड़ देती है। बाद में यह निशान काला हो जाता है। स्याही में मौजूद सिल्वर नाइट्रेट शरीर में मौजूद सोडियम से मिलकर सोडियम क्लोराइड बनाता है। इससे नीली रंग की स्याही धीरे-धीरे काली हो जाती है। पानी के संपर्क में आते ही यह गाढ़ी होती है। ऐसे में इस पर साबुन का भी असर नहीं होता।नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी ऑफ इंडिया (NPL) ने चुनाव आयोग को ये फॉर्मूला दिया था। इस स्याही को बनाने का पूरा फॉर्मूला कभी सार्वजनिक नहीं किया गया। साथ ही किसी भी दूसरी कंपनी को इसे बनाने की इजाजत भी नहीं है।


