भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड डील: किसे फायदा, किसे नुकसान? पूरी डील आसान भाषा में

Updated on 23-12-2025 01:13 PM
नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड ने सोमवार को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत पूरी कर ली। इस समझौते से भारत के सामान को न्यूजीलैंड के बाजार में बिना किसी टैक्स (ड्यूटी-फ्री) के एंट्री मिलेगी। इसका सबसे ज्यादा फायदा कपड़ा और चमड़ा जैसे उन सेक्टर्स को होगा जहां ज्यादा मजदूरों की जरूरत होती है। साथ ही, न्यूजीलैंड ने अगले 15 सालों में भारत में 20 बिलियन डॉलर (करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) के निवेश का वादा भी किया है।

भारत को कितना फायदा?

भारत से आने वाले 100% सामानों पर न्यूजीलैंड जीरो-ड्यूटी एक्सेस देगा। इससे भारतीय कंपनियों को वहां अपना पैर जमाने में बहुत मदद मिलेगी। वहीं भारत डेयरी, मीट, सब्जी, चीनी, तांबा और एल्युमीनियम जैसे सेक्टर्स पर कोई इंपोर्ट टैक्स कम नहीं करेगा।

न्यूजीलैंड को कितना फायदा?

न्यूजीलैंड से आने वाले भेड़ के मांस, ऊन, कोयले और लकड़ी के सामान पर टैक्स नहीं लगेगा। कीवी, वाइन, चेरी, एवोकैडो और शहद पर भी भारत कुछ छूट देगा। यानी न्यूजीलैंड से आने वाली ये चीजें भारत में सस्ती मिलेंगी।

किसानों पर क्या असर?

भारत ने डेयरी सेक्टर को इस डील से पूरी तरह बाहर रखा गया है। भारत दूध, क्रीम, दही और पनीर जैसे सामानों पर कोई छूट नहीं देगा। प्याज, चना, मटर, चीनी और गहनों को भी इस लिस्ट से बाहर रखा गया है ताकि देश के व्यापारियों को नुकसान न हो।

छात्रों को भी बेहतर मौके

न्यूजीलैंड जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या पर अब कोई पाबंदी नहीं होगी। साइंस और टेक (STEM) की पढ़ाई करने वाले ग्रेजुएशन और मास्टर छात्रों को कोर्स के बाद 3 साल और पीएचडी करने वालों को 4 साल तक वहां रहकर काम करने का मौका मिलेगा।

5000 प्रोफेशनल्स को टेंपरेरी वीजा

हर साल 5000 भारतीय प्रफेशनल्स को टेंपरेरी एम्प्लॉयमेंट वीजा दिया जाएगा। इसमें आईटी, इंजीनियरिंग और हेल्थकेयर के अलावा आयुष डॉक्टर, योग टीचर, संगीत शिक्षकों को भी मौका मिलेगा।

महिला शक्ति का दम

कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने बताया कि यह भारत की पहली ऐसी डील है जिसमें बातचीत करने वाली भारतीय टीम की सभी मुख्य अधिकारी महिलाएं थी। इस टीम का नेतृत्व जॉइंट सेक्रेटरी पेटल ढिल्लों ने किया। सिर्फ 9 महीने के रेकॉर्ड समय में इस डील को फाइनल करना एक बड़ी उपलब्धि है। पीयूष गोयल ने बताया कि यह मोदी सरकार की 7वीं बड़ी ट्रेड डील है। यह डील भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए एक नया रास्ता खोलेगी। ब्रिटेन और ओमान के बाद न्यूजीलैंड से यह तीसरा बड़ा व्यापार समझौता है।

अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर क्या?

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते (ट्रेड पैक्ट) को लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है अब यह अपने आखिरी चरण में है। पीयूष गोयल ने यह बात भारत-न्यूजीलैंड व्यापार समझौते के पूरा होने के मौके पर मीडिया से कही। उन्होंने बताया कि भारत ने फाइव आइज ग्रुप के तीन सदस्यों ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन (UK) और न्यूजीलैंड के साथ समझौते फाइनल कर लिए है। फाइव आइज पांच देशों का मंच है।

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