अमेरिका के साथ डील क्‍या भारत के हर मर्ज की दवा, कौन से मकसद हल हो जाएंगे, कौन से रह जाएंगे बाकी?

Updated on 07-02-2026 02:40 PM
नई दिल्‍ली: काफी समय बाद भारत को बड़ी राहत मिली है। अमेरिका के साथ जिस डील का उसे इंतजार था, उसका ऐलान हो गया है। भारतीय बाजारों का इसका असर तुरंत दिखा। लंबे समय से एक दायरे में फंसे बाजारों ने अपनी सीमाएं तोड़ दीं। वे उछल पड़े। यह डील यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ हुई 'मदर ऑफ ऑल डील्‍स'को भी पीछे छोड़ सकती है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने हफ्ते की शुरुआत में इसकी घोषणा की। भारत-अमेरिका व्यापार डील में आपसी टैरिफ को 18% तक कम किया गया है। यह भारत की एक तात्कालिक समस्या - अनिश्चितता - को हल करती है। महीनों तक ऊंचे टैरिफ वाले देशों की श्रेणी में रहने के बाद भारत अब खुद को वियतनाम और थाईलैंड जैसे प्रतिस्पर्धियों के साथ पाता है। इससे निर्यात और सेंटिमेंट पर दबाव कम होता है। बाजार इसे राहत के तौर पर देख रहे हैं।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील रुपये पर दबाव कम करेगी। अमेरिका को निर्यात में बढ़ोतरी के जरिये करंट अकाउंट डेफिसिट (सीएडी) को कंट्रोल में रखेगी। लेकिन, पूंजी के बाहर जाने और सुस्त प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की स्थिति जैसी मध्यम अवधि की चुनौतियां तुरंत ठीक नहीं होंगी। रूसी तेल आयात पर पूरी तरह रोक का मतलब यह भी है कि भारत की ऊर्जा आयात लागत थोड़ी बढ़ सकती है। मंगलवार को रुपया एक फीसदी से ज्‍यादा मजबूत हुआ। यह बताता है कि घरेलू मुद्रा पर एकतरफा शॉर्ट बेट्स अब काम नहीं कर सकते हैं। इस मायने में यह सुकून देने वाला है कि यह पूंजी के बाहर जाने की चुनौती को कम कर सकता है।

12%-13% हो सकता है प्रभावी टैर‍िफ

विश्लेषकों का कहना है कि भारत पर प्रभावी टैरिफ लगभग 12%-13% हो सकता है। इससे निर्यात को राहत मिलेगी। BofA सिक्योरिटीज के अर्थशास्त्री राहुल बजोरिया ने ईटी को बताया, 'स्टील, एल्युमीनियम और ऑटोमोबाइल जैसे सभी उत्पादों पर सेक्शन 232 टैरिफ लागू रहने के बावजूद हमारे अनुमान के अनुसार भारत पर प्रभावी टैरिफ दर लगभग 12%-13% हो सकती है। यह पहले के लगभग 30%-35% से कम है। इससे भारत के निर्यात क्षेत्र को, खासकर रत्न और आभूषण, कपड़ा, कृषि उत्पाद और इंजीनियरिंग सामान जैसे श्रम-गहन क्षेत्रों को महत्वपूर्ण राहत मिलेगी।' फार्मास्यूटिकल्स और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स को 50% टैरिफ से छूट दी गई थी।हालांकि, यह ध्यान देने वाली बात है कि टैरिफ को दंडात्मक 50% से घटाकर 18% कर दिया गया है। फिर भी ये ट्रंप के पहले टैरिफ लगाने से पहले की स्थिति की तुलना में अभी भी ज्‍यादा हैं। उदाहरण के लिए 2024 में भारतीय सामानों पर वेटेड एवरेज अमेरिकी टैरिफ लगभग 2.5% था।

भारत को होगा प्रत‍िस्‍पर्ध‍ियों पर फायदा

भारत-अमेरिका डील पिछले हफ्ते भारत और यूरोपीय यूनियन (ईयू) के बीच घोषित मेगा फ्री ट्रेड डील के ठीक बाद हुई है। इसमें ईयू को भारत के 99% से ज्‍यादा निर्यात पर टैरिफ कम किए गए थे। दोनों पक्षों को उम्मीद है कि यह डील छह सालों में भारत और 27 देशों के ब्लॉक के बीच व्यापार को 136 अरब डॉलर से दोगुना कर देगी। 27 जनवरी, 2026 को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने नए भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते की सराहना की। ऐसा करते हुए इसे एक ऐतिहासिक फायदे का सौदा बताया जो 2 अरब लोगों के लिए एक मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाता है। उन्‍होंने कहा, 'भारत आगे बढ़ा है और यूरोप सच में खुश है।'

उम्मीद है कि भारत को अपने सीधे निर्यात करने वाले प्रतिस्पर्धियों पर थोड़ा फायदा मिलेगा। एएसपीआई (एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट) की सीनियर वाइस-प्रेसिडेंट और पूर्व कार्यवाहक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि वेंडी कटलर ने कहा, 'यह घोषणा निश्चित रूप से हमारे भारतीय भागीदारों के लिए राहत की बात है... महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत के लिए अमेरिकी रेसिप्रोकल टैरिफ घटाकर 18% कर दिया जाएगा। इससे भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में अपने आसियान प्रतिस्पर्धियों की तुलना में थोड़ा फायदा होगा। उन्‍होंने 19%-20% टैरिफ हासिल किए हैं।'

भारत और अमेर‍िका के बीच व्‍यापार

भारत ने 500 अरब डॉलर मूल्य के अमेरिकी उत्पाद खरीदने पर भी सहमति जताई है। लेकिन, इस बड़ी खरीद को पूरा करने के लिए अभी तक कोई समयसीमा नहीं दी गई है।

वित्त वर्ष 2024-25 में अमेरिका से भारत का आयात 46 अरब डॉलर था। जबकि इसी दौरान अमेरिका को भारत का माल निर्यात 86.5 अरब डॉलर था। मौजूदा वित्तीय वर्ष के अप्रैल-दिसंबर के दौरान अमेरिका को भारत का निर्यात 9.75% बढ़कर 65.87 अरब डॉलर हो गया।

वित्‍त वर्ष 2025-26 में अब तक रूस से पेट्रोलियम, कच्चे तेल और उत्पादों का आयात कम होकर 33 अरब हो गया। वहीं, वित्‍त वर्ष 2024-25 में यह सालाना 53.5 अरब डॉलर था।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 20 June 2026
मुंबई: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) में इस बार तगड़ी वाली गिरावट देखी गई है। एक ही सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार से करीब 10 अरब डॉलर…
 20 June 2026
नई दिल्ली: थर्मल पावर प्लांट से निकली राख ( Fly Ash ) कभी पावर प्लांट के लिए सर दर्द का सबब था। लेकिन जबसे इसका उपयोग सड़क बनाने, सीमेंट या…
 20 June 2026
नई दिल्‍ली: साफ-सुथरी ऊर्जा की ओर दुनिया का झुकाव अब एक ज्‍यादा मुश्किल और अनिश्चित दौर में पहुंच रहा है। जियोपॉलिटिकल टेंशन, सप्लाई चेन में रुकावटें और एनर्जी सिक्‍योरिटी की…
 20 June 2026
नई दिल्ली: स्मार्टफोन और पैसेंजर वीकल्स की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण बड़ी संख्या में भारतीय कंस्यूमर्स अब रीफर्बिश्ड और सेकंड हैंड सामानों की ओर रुख कर रहे हैं। मोबाइल…
 19 June 2026
नई दिल्ली: एंप्लॉयीज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) के 7 करोड़ से अधिक सदस्य UPI और ATM के जरिए अपने पीएफ अकाउंट से फंड निकाल सकेंगे। सरकारी सूत्रों ने गुरुवार को…
 19 June 2026
नई दिल्ली: नेचुरल गैस (एलएनजी) एक्‍सपोर्ट में अमेरिका ने अपनी पकड़ मजबूत की है। पश्चिम एशिया के बीच संकट के दौर में उसे ऐसा करने का मौका मिला। ग्‍लोबल मार्केट…
 19 June 2026
 पश्चिम एशिया में युद्ध पर फिलहाल विराम है। लेकिन युद्ध की वजह से हुए नकुसान की भरपायी के लिए ईरान ने होर्मुज पर टोल वसूलने का संकेत दिया है। इससे…
 19 June 2026
नई दिल्ली: कोरोना महामारी के बाद भारत व्हिस्की की बिक्री में आई उछाल अब धीमी पड़ती दिख रही है। देश में विदेशी व्हिस्की की बिक्री की ग्रोथ 2025 में लगातार…
 16 June 2026
नई दिल्ली: हाल में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजार से काफी पैसा निकाला है। इससे रुपये पर दबाव बढ़ा है और उसमें गिरावट आई है। इस बीच आरबीआई ने…
Advt.