युद्ध नहीं संवाद का मंत्र, आतंकवाद पर चोट, संयुक्त राष्ट्र में सुधार...अमेरिकी संसद में PM मोदी ने क्या-क्या कहा

Updated on 23-06-2023 07:03 PM
वॉशिंगटन : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध की पृष्ठभूमि में गुरुवार को फिर दोहराया कि यह युद्ध का नहीं बल्कि संवाद और कूटनीति का युग है। उन्होंने कहा कि रक्तपात और मानवीय पीड़ा को रोकने के लिए जो कुछ भी हो सकता है सभी को करना चाहिए। अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए मोदी ने आतंकवाद का भी जिक्र किया और कहा कि यह आज भी पूरी दुनिया के लिए खतरा बना हुआ है।

'मोदी-मोदी' के नारों और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ सालों में एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम मेधा) में काफी तरक्की हुई है लेकिन साथ ही एक अन्य एआई यानि भारत-अमेरिका के रिश्तों में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने कहा, 'हमारे सहयोग का दायरा अंतहीन है, हमारे तालमेल की क्षमता असीमित है और हमारे संबंधों में केमिस्ट्री सरल है।'

करीब एक घंटे के अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि अमेरिका का लोकतंत्र सबसे पुराना है और भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र है, लिहाजा दोनों देशों की साझेदारी लोकतंत्र के भविष्य के लिए अच्छी है।

उन्होंने कहा, 'दुनिया के लिए बेहतर भविष्य और भविष्य के लिए बेहतर दुनिया के लिए यह अच्छी है।'

रूस-यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, 'यह युद्ध का युग नहीं है, बल्कि यह संवाद और कूटनीति का युग है और हम सभी को रक्तपात और मानवीय पीड़ा को रोकने के लिए जो कुछ भी कर सकते हैं, वह करना चाहिए। वैश्विक व्यवस्था संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सम्मान, विवादों के शांतिपूर्ण समाधान, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान पर आधारित है।'

उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता दोनों देशों की साझेदारी की केंद्रीय चिंताओं में से एक बन गई है और दोनों एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत के दृष्टिकोण को साझा करते हैं।

आतंकवाद के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका के 9/11 हमले के दो दशक से अधिक समय बाद और मुंबई में 26/11 के एक दशक से अधिक समय बाद भी आतंकवाद और कट्टरपंथ पूरी दुनिया के लिए खतरा बना हुआ है।

उन्होंने कहा, 'आतंकवाद मानवता का दुश्मन है और इससे निपटने में कोई अगर-मगर नहीं हो सकता। हमें आतंक को प्रायोजित और निर्यात करने वाली ऐसी सभी ताकतों पर काबू पाना होगा।'

प्रधानमंत्री ने इस मौके पर बहुपक्षवाद को पुनर्जीवित करने और बेहतर संसाधनों और प्रतिनिधित्व के साथ बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार का आह्वान करते हुए कहा कि यह शासन के सभी वैश्विक संस्थानों, विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र पर लागू होता है।

उन्होंने कहा, 'जब दुनिया बदल गई है, तो हमारे संस्थानों को भी बदलना चाहिए।'

राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रथम महिला जिल बाइडन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 21 से 24 जून को अमेरिका की राजकीय यात्रा पर हैं।

मोदी ने कहा कि अमेरिका ने दुनिया भर के लोगों को गले लगाया है और उन्हें अमेरिकी सपने में समान भागीदार बनाया है। उन्होंने कहा कि यहां लाखों लोग हैं जिनकी जड़ें भारत में हैं और उनमें से कुछ यहां इस कक्ष में गर्व से बैठते हैं। उन्होंने इस क्रम में उपराष्ट्रपति कमला हैरिस का भी जिक्र किया।

भारतीय लोकतंत्र और उसकी विविधता का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि गुलामी के लंबे कालखंड के बाद भारत अपनी स्वतंत्रता के 75 वर्षों की उल्लेखनीय यात्रा का जश्न मना रहा है और यह न केवल लोकतंत्र का उत्सव है बल्कि इसकी विविधता का भी उत्सव है।


उन्होंने कहा, 'यह न केवल हमारे प्रतिस्पर्धी और सहकारी संघवाद की बल्कि हमारी एकता और अखंडता के साथ ही सामाजिक सशक्तिकरण की भी भावना है। इसलिए आज दुनिया में हर कोई भारत के विकास, लोकतंत्र और विविधता को समझना चाहता है।'

उन्होंने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करना हमेशा सम्मान की बात होती है लेकिन उनके लिए यह असाधारण सौभाग्य की बात है कि उन्हें यह अवसर दो बार मिला।

संयुक्त सत्र को संबोधित करने से पहले प्रधानमंत्री मोदी और अमरीकी राष्‍ट्रपति जो बाइडेन ने वाइट हाउस में द्विपक्षीय बातचीत की और दोनों देशों के समग्र रिश्तों की समीक्षा की तथा इसे और घनिष्ठ करने के रास्तों पर चर्चा की।

बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंधों एवं समग्र वैश्चिक सामरिक गठजोड़ में एक नया अध्याय जुड़ा है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि भारत के साथ यह साझेदारी दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण साझेदारी में से एक है जो इतिहास में किसी भी समय अधिक मजबूत, करीबी और अधिक गतिशील है।

द्विपक्षीय बातचीत से पहले प्रधानमंत्री मोदी का वाइट हाउस में भव्य स्वागत किया गया, जहां अमरीका के राष्‍ट्रपति जो बाइडेन और उनकी पत्‍नी जिल बाइडेन ने उनकी अगुआनी की।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 10 August 2026
ढाका: भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से सोमवार को मुलाकात की है। बांग्लादेश का उच्चायुक्त नियुक्त होने के बाद त्रिवेदी की बांग्लादेश के प्रधानमंत्री…
 10 August 2026
तेल अवीव: सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए 'मक्का समझौते' के बाद इजरायल का मानना है कि इस समझौते के बाद उसके भारत से संबंध और मजबूत होंगे।…
 10 August 2026
ढाका: बांग्लादेश में हो रहे अहम घटनाक्रम के बीच भारत के चार सुरक्षा अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचा है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल बांग्लादेशी सेना की खुफिया एजेंसी डॉयरेक्टरेट जनरल ऑफ…
 10 August 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने प्रस्तावित FCRA संशोधन बिल 2026 को लेकर चल रही अटकलों का खंडन किया है जिसमें कहा जा रहा है कि…
 10 August 2026
काठमांडू: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह आज राजधानी काठमांडू में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव से मुलाकात करने वाले हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह आज पहली बार किसी देश…
 10 August 2026
काठमांडू: नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने आज सिंह दरबार में प्रधानमंत्री कार्यालय और मंत्रिपरिषद के दफ्तर में प्रधानमंत्री बालेन शाह से मुलाकात की है। यह शिष्टाचार मुलाकात…
 10 August 2026
टोक्यो: भारतीय रक्षा मंत्रालय ने संसद को सौंपी एक रिपोर्ट में बताया है कि भारत यूरोपीय देशों के छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान प्रोग्राम में शामिल होने के लिए बातचीत…
 10 August 2026
टोरंटो: कनाडा ने 2026 के शुरुआती छह महीनों में 3,323 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया है। यह संख्या अमेरिका की तरफ से करीब सात महीनों में भारत वापस भेजे गए…
 07 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के ब्रॉड पीक हिमस्खलन की चपेट में आने से मारे गए मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा (निम्स दाई) समेत 5 अन्य पर्वतारोहियों का पार्थिव शरीर एयरलिफ्ट कर स्कार्दू ले…
Advt.