पत्थर माफिया को टक्कर देने नया प्रयोग

Updated on 31-10-2021 10:07 PM

भोपाल प्रदेश में फर्शी पत्थर का अवैध उत्खनन रोकने के लिए वन विभाग नया प्रयोग करने जा रहा है।  यह प्रयोग सबसे पहले ग्वालियर के घाटीगांव क्षेत्र में किया जाएगा, जिसमें अवैध उत्खनन के लिए खोदे गए बड़े-बड़े गड्ढों की जीपीएस रीडिंग निकलवाई जा रही है। जीपीएस रीडिंग आने के बाद बीट के वनरक्षक और स्टाफ को गड्ढों का जिम्मा दिया जाएगा। वे रोज गड्ढों की गहराई, चौड़ाई और लंबाई की नापतौल करेंगे और डीएफओ को रिपोर्ट देंगे। हर गड्ढे की जिम्मेदारी अलग-अलग आदमी को दी जाएगी, जिससे अगर गड्ढे की लंबाई, चौड़ाई में अंतर आया तो यह पता चल जाएगा कि अवैध उत्खनन किया गया है। यह एक मानीटरिंग टूल बतौर तैयार किया जा रहा है, जिसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। ऐसे गड्ढों पर निगरानी दिन में एक बार से ज्यादा कराई जाएगी।

गौरतलब है कि प्रदेश में ग्वालियर-चंबल संभाग अवैध उत्खनन के लिए कुख्यात है। इसमें रेत, काला पत्थर, सफेद पत्थर, फर्शी पत्थर आदि शामिल हैं। अवैध उत्खनन को रोकने के लिए एसएएफ से लेकर स्पेशल फोर्स तक यहां लगाया गया है, लेकिन अवैध उत्खनन का दाग नहीं मिट सका है। ग्वालियर की घाटीगांव तहसील में फर्शी पत्थर का उत्खनन बड़े पैमाने पर होता है और वहां शासकीय जमीनों सहित निजी जमीनों पर पत्थर की लीज भी हैं। घाटीगांव का फर्शी पत्थर विदेश तक सप्लाई होता है।

हर गड्ढे की होगी टैगिंग

माफिया पत्थर का उत्खनन अलग-अलग जगह करता है। जिससे बड़े-बड़े गड्ढे हो जाते हैं, इन गड्ढों से पत्थर का उत्खनन तब तक किया जाता है, जबतक पत्थर खत्म नहीं हो जाता है या ज्यादा गहराई हो जाती है। इसके बाद दूसरे स्थान पर गड्ढे खोदकर उत्खनन शुरू कर दिया जाता है। घाटीगांव क्षेत्र में ऐसे गड्ढों की जीपीएस रीडिंग निकलवाई जा रही है, जिससे हर गड्ढे की टैगिंग होगी। इसके बाद बीट गार्ड के साथ उसकी टीम और आसपास के ऐसे वनरक्षकों को भी गड्ढों की जिम्मदारी दी जाएगी, जिनके क्षेत्र में ज्यादा उत्खनन नहीं है। गड्ढे की लंबाई, चौड़ाई और गहराई की रिपोर्ट रोज डीएफओ लेंगे, जिससे यह पता चलेगा कि अवैध उत्खनन तो नहीं हो रहा है। औचक चेकिंग भी गड्ढों की जाएगी, जिससे रिपोर्ट सही रही है या नहीं,यह जांच हो सके।

एक बार नहीं दो बार से ज्यादा जाएगा स्टाफ

बीट गार्ड और उनका स्टाफ अवैध उत्खनन वाले क्षेत्र में गड्ढों पर निगरानी रखने के लिए एक बार नहीं बल्कि दो बार से ज्यादा जाएगा। ऐसा इसलिए कि कहीं माफिया उस समय तो उत्खनन नहीं कर रहा, जब गड्ढों पर कोई निगरानी रखता हो। स्टाफ ने जितनी बार विजिट की, उसकी रिपोर्ट भी ली जाएगी।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 01 May 2026
इंदौर। ब्यूटी और वेलनेस इंडस्ट्री में नई ऊर्जा और अवसरों का संचार करने के उद्देश्य से नेशनल आर्टिस्ट्स चैम्पियनशिप 2026 का भव्य आयोजन 20 से 22 जुलाई तक इंदौर के…
 30 April 2026
इंदौर —इंदौर एनिमल लिबरेशन शनिवार, 02 मई 2026 को शाम 6 बजे से 8 बजे तक छप्पन दुकान पर एक विशेष जन-जागरूकता पहल आयोजित कर रहा है, जिसका उद्देश्य डेयरी…
 25 April 2026
इंदौर— चत्रभुज नरसी स्कूल (CNS), इंदौर ने 25 और 26 अप्रैल, 2026 को पिस्टल शूटिंग कॉम्पिटिशन से अपनी स्टेट-ऑफ़-द-आर्ट पिस्टल शूटिंग एकेडमी की शुरुआत की। इस इवेंट का फोकस ओलंपिक…
 25 April 2026
इंदौर: देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन्स (सेशन 2) 2026 में इंदौर के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शहर का नाम रोशन किया है। नारायणा कोचिंग सेंटर,…
 22 April 2026
इंदौर: चत्रभुज नरसी स्कूल, में 25 और 26 अप्रैल, 2026 को पिस्टल शूटिंग प्रतियोगिता होगी। इस प्रतियोगिता में छात्र और वयस्क इस अनुशासित खेल में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।…
 17 April 2026
इंदौर। मध्यप्रदेश से एक अहम पहल सामने आई है, जहां एक इंडियन स्टार्टअप देश की सिक्योरिटी को और मजबूत बनाने के लिए स्वदेशी टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है। बढ़ते…
 13 April 2026
इंदौर। शहर के प्रतिष्ठित एसेंशिया लग्ज़री होटल में 19 अप्रैल तक एक विशेष महाराष्ट्रीयन फूड फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। यह फेस्टिवल होटल के ब्लू सॉल्ट और कॉफी रेस्टोरेंट में प्रतिदिन…
 10 April 2026
इंदौर: मिताशा फाउंडेशन के नेतृत्व में संचालित “संकल्प एक लाख अंगदान से जीवनदान” अभियान के अंतर्गत अंगदान हेतु प्रेरित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन सी.एम.ई. का आयोजन किया…
 08 April 2026
इंदौर। सेंट्रल इंडिया में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, अरिहंत कॉलेज द्वारा समर्थित कासलीवाल स्टार्टअप इन्क्यूबेशन फाउंडेशन ने आई आई टी और आई आई एम…
Advt.