
बस्तर | 75 दिनों तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के सभी विधान अनूठे हैं। यहां रावण का दहन नहीं होता, बल्कि रथ की परिक्रमा कराई जाती है। शारदीय नवरात्रि के शुरुआती 5-6 दिनों तक चार पहियों वाले फूल रथ की परिक्रमा होती है। विजयादशमी तक विजय रथ की परिक्रमा कराने की परंपरा है।
बस्तर के इतिहास के अनुसार, यह विधान लगभग 610 साल पुराना है। यहां रथ परिक्रमा की कई मान्यताएं भी हैं। बस्तर दशहरा में शामिल होने संभाग भर से विभिन्न जनजातियों के लोग पहुंचते हैं। हर दिन अलग-अलग रस्म की अदायगी होती है।