'चीन, भारत ही नहीं अमेरिका से भी काटी कन्नी', नेपाल को अलग-थलग कर रहे बालेन शाह, बढ़ेगा संकट

Updated on 14-05-2026 04:41 PM
काठमांडू: नेपाल के पीएम बालेन शाह लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। शाह के चर्चा में आने की नई वजह उनकी विदेश नीति है। मार्च के आखिर में पीएम पद की शपथ लेने के बाद से बालेन शाह ने नेपाल की पारंपरिक विदेश नीति में बदलाव लाने की कोशिश की है। नेपाल की विदेश नीति लंबे समय से भारत और चीन के बीच झूलती रही है। इसकी वजह नेपाल के इन दो विशाल एशियाई देशों से घिरा होना है। हालांकि अब ऐसा लगता है कि बालेन घरेलू और विदेश की पूरी व्यवस्था बदलना चाहते हैं। वह भारत, चीन से लेकर अमेरिका तक सबसे दूरी बनाते दिख रहे हैं।

द प्रिंट के एक विश्लेषण के मुताबिक, नेपाल के चुनाव में बालेन शाह को भारी जीत मिली है। इससे उत्साहित शाह ने व्यवस्था में आमूल-चूल बदलाव की कोशिश की है। विदेश नीति में खासतौर से शाह के विदेशी प्रतिनिधियों के साथ सीधी मुलाकातों से बचने ने ध्यान खींचा है। पूछा जा रहा है कि यह एक संतुलित और तटस्थ रुख है या नेपाल की विदेश नीति को बाहरी प्रभावों से सुरक्षित रखने का तरीका है।

तटस्थता और संतुलन की कोशिश

बालन शाह ने विदेशी प्रतिनिधियों के साथ सीमित जुड़ाव को अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाया है। ऐसा शायद इसलिए किया गया है ताकि इस बात को लेकर अटकलें ना लगें कि नेपाल किस पक्ष की ओर झुक रहा है। शाह ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत राजदूत सर्जियो गोर और दूसरे विदेशी प्रतिनिधियों से मिलने से इनकार किया है। इसमें भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी नाम शामिल है।

शाह ने काठमांडू में गोर से मुलाकात नहीं की और कथित तौर पर भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री से मिलने से इनकार कर दिया। इससे उन्होंने काठमांडू की यात्रा टाल दी। भारत की ओर से कैलाश मानसरोवर यात्रा परभी बालेन शरकार ने आपत्ति जताई है। नेपाल की ओर से भारत से टकराव का संकेत देते हुए कहा गया है कि लिपुलेख उसका हिस्सा है। इस पर वह चीन से भी नाखुश है।

अलग-थलग पड़ने का खतरा

बालेन शाह का विदेशी प्रतिनिधियों से ना मिलना और भारत से टकराव की स्थिति से काठमांडू के लिए खतरे पैदा होते हैं। कूटनीतिक पहलों में किसी से भी ना जुड़ना तटस्थता नहीं है बल्कि यह खराब नीति नियोजन का संकेत है। बालेन को उनके सलाहकारों ने सलाह दी है कि वे उस स्थिति के आने से पहले ही सक्रिय हो जाएं। उनका मौजूदा रवैया यानी सोची-समझी तटस्थता उनको दुनिया में अलग-थलग कर सकती है।

नेपाल भौगोलिक रूप से छोटा और चारों ओर से जमीन से घिरा देश है। ऐसे में उसके लिए विदेश नीति के क्षेत्र में मजबूती से कदम उठाना एक मुश्किल काम है। उसे अक्सर दो में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर किया जाता है या फिर किसी एक से दोस्ती करना उनके अस्तित्व के लिए जरूरी हो जाता है। इसकी एक कीमत चुकानी पड़ती है लेकिन इससे बचना एक अलगाव में डालता है।

मुश्किल में फंसेगा नेपाल!

प्रधानमंत्री बालेन शाह अगर अपनी उस बहुचर्चित नीति पर कायम रहते हैं, जिसके तहत वे 'एक साल तक कोई विदेश यात्रा नहीं करेंगे' तो इस तरह के जोखिम की कीमत को मौजूदा भू-राजनीतिक उथल-पुथल के संदर्भ में तौलना जरूरी है। नेपाल की अर्थव्यवस्था मुश्किल में है। खासतौर से खाड़ी संकट का सीधा असर देश पर हो रहा है।

नेपाल की मौजूदा आर्थिक हालत और खाड़ी संघर्ष की वजह से पैदा हुए उर्जा संकट के बीच दुनिया से किनारा करना बालेन को भारी पड़ सकता है। मौजूदा समय इस तरह के फैसले लेने के लिए नाजुक है। खासतौर से चारों ओर से जमीन से घिरे देश को ज्यादा चुनौतियों का सामना करना पड़ता है क्योंकि वे आयात पर बहुत निर्भर है।

विदेश दौरे करेंगे बालेन शाह

बालेन शाह के लिए एक विकल्प यह हो सकता है कि वे सबसे पहले उन देशों का दौरा करें, जहां बड़ी संख्या में नेपाली लोग बसे हुए हैं। इसमें खासतौर से खाड़ी देश, ऑस्ट्रेलिया, जापान और मलेशिया का नाम है। इस दौरे की योजना इस तरह बनाई जाए कि प्रवासी भारतीयों से जुड़ाव रहे। विदेशों में रहने वाले नेपालियों के साथ जड़ाव को देश के आर्थिक विकास में उनके भेजे गए धन (रेमिटेंस) के योगदान की स्वीकारोक्ति होगी।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 01 August 2026
ढाका: बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान ने कहा कि एक देश के साथ रिश्ते बेहतर होने का मतलब यह नहीं है कि दूसरे देश के साथ रिश्ते खराब…
 01 August 2026
मॉस्को/नई दिल्ली: भारत बिजली की रफ्तार से 'फ्यूचर रेडी कॉम्बैट व्हीकल' (FRCV) और 'फ्यूचर मेन बैटल टैंक' (FMBT) प्रोग्राम के तहत अपने खुद के बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों का तेजी से…
 01 August 2026
मैड्रिड: स्पेन ने कहा है कि उत्तरी अफ्रीका के स्पेनिश इलाके सेउटा में अचानक आए प्रवासी संकट पर बहुत हद तक काबू कर लिया गया है। स्पेनिश अधिकारियों का कहना…
 01 August 2026
मास्‍को/नई दिल्‍ली/कीव: भारत और रूस के बीच दोस्‍ती सोवियत जमाने से ही दुनिया में एक मिसाल है। साल 1971 का बांग्‍लादेश युद्ध हो या भारत का परमाणु विस्‍फोट, रूस भारत…
 31 July 2026
ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में स्थित चीनी दूतावास में 'पीपुल्स लिबरेशन आर्मी' की स्थापना की 99वीं वर्षगांठ मनाया गया है। इस मौके पर एक कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें बांग्लादेश…
 31 July 2026
तेलअवीव/तेहरान: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेनई ने अपने पिता की अयातुल्‍ला की हत्‍या के बाद सत्‍ता तो संभाल ली है लेकिन उन्‍हें इस हमले के बाद किसी ने…
 31 July 2026
इस्लामाबाद: फारूक खान उर्फ कमांडर फारूक सुधन की पीओके में प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तानी रेंजर्स की गोलीबारी की चपेट में आने से मौत हो गई है। वो पहले पाकिस्तान के…
 31 July 2026
काठमांडू: नेपाल के दक्षिणपूर्वी तराई-मधेस क्षेत्रों जैसे कोशी और मधेस प्रांत में दो समुदायों के बीच हुई सांप्रदायिक झड़प के बाद हिंसा फैल गई है। ये क्षेत्र भारत की सीमा…
 31 July 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को दावा किया कि गाजा में हमास और इजराइल के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है। हमास और दूसरे सभी हथियारबंद संगठनों ने हथियार…
Advt.