प्लॉट वालों सावधान! इतने साल में मकान नहीं बनाया तो जमीन से धो बैठेंगे हाथ, ये सख्‍त एक्शन कैसा?

Updated on 04-10-2025 08:56 PM
नई दिल्‍ली: नोएडा में प्‍लॉट खरीदकर उनके दाम बढ़ाने का खेल खत्‍म होगा। इसे लेकर नोएडा अथॉरिटी ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। अथॉरिटी ने उन आवासीय भूखंडों (प्‍लॉट) के आवंटन रद्द करने की मंजूरी दी है जो 12 साल से ज्यादा समय से खाली पड़े हैं। यह कदम प्‍लॉट को सट्टेबाजी के लिए खाली रखने के बजाय आवास के उद्देश्य से इस्‍तेमाल सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। इस फैसले से उन प्‍लॉट मालिकों पर कार्रवाई होगी जिन्होंने लंबे समय से कंस्‍ट्रक्‍शन नहीं किया है। हालांक‍ि, ज‍िन्‍होंने प्‍लॉट पर पहले से काम शुरू कर द‍िया है, उन्‍हें मकान पूरा करने के ल‍िए छह महीने का अत‍िर‍िक्‍त समय म‍िलेगा। अथॉरिटी का यह कदम दूसरे राज्‍यों के लिए भी नजीर बन सकता है।

अथॉरिटी ने अपनी 219वीं बोर्ड बैठक में यह फैसला लिया। इस बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के इन्‍फ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कमिश्नर दीपक कुमार ने की। इस बैठक में अन्य महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं और नियमों को भी मंजूरी दी गई। इनमें यूनिफाइड रेगुलेशंस - 2025 को अपनाना और डिफॉल्टर डेवलपर्स के लिए ब्याज छूट खत्म करना शामिल है। इसका मुख्य उद्देश्य शहर की बढ़ती आवासीय जरूरतों को पूरा करना और शहरी विकास को व्यवस्थित करना है।

अब तक की सबसे सख्‍त कार्रवाई

नए नियम के तहत, जिन आवंटियों ने 12 साल के भीतर अपने प्‍लॉट पर मकान नहीं बनाया है, वे अपना स्वामित्व अधिकार खो देंगे। अधिकारियों ने इस कदम को नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई बताया है। हालांकि, जो लोग पहले से ही कंस्‍ट्रक्‍शन कार्य में लगे हैं, उन्हें निर्माण पूरा करने और जरूरी कंप्लीशन सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए छह महीने का अतिरिक्त समय मिलेगा
नोएडा अथॉरिटी के सीईओ लोकेश एम ने इस फैसले पर कहा, 'बोर्ड ने उन आवंटनों को रद्द करने का फैसला किया है जहां 12 साल बाद भी मकान नहीं बने हैं। खाली प्‍लॉट न केवल पड़ोस की सुंदरता को खराब करते हैं बल्कि नियमों का भी उल्लंघन करते हैं।'
वर्तमान में 17 आवासीय भूखंड ऐसे हैं जिन्होंने 12 साल की समय सीमा पार कर ली है। इन भूखंडों के पास कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं है। इनमें से नौ भूखंडों पर तो कोई निर्माण कार्य ही नहीं हुआ है। इन प्‍लॉट का आवंटन जल्द ही रद्द किया जा सकता है। अथॉरिटी पिछले एक साल से ऐसे आवंटियों को लगातार चेतावनी दे रहा है। यह समस्या सिर्फ कुछ प्‍लॉट तक सीमित नहीं है। अलबत्ता, यह काफी व्यापक है। नोएडा में लगभग 30,000 प्‍लॉट आवंटित किए गए हैं। इनमें से करीब 1,500 प्‍लॉट पर केवल आंशिक कंस्‍ट्रक्‍शन हुआ है। इन प्‍लॉट पर आमतौर पर एक कमरा, शौचालय, रसोई और चारदीवारी बनाई जाती है। साथ ही, यूटिलिटी कनेक्शन भी लगवा दिए जाते हैं। यह सब कंप्लीशन सर्टिफिकेट पाने के लिए काफी होता है।

न‍ियमों में खामी का फायदा उठा रहे कई प्‍लॉट माल‍िक

एक अधिकारी ने इस बारे में बताया, 'बिल्डिंग बायलॉज के अनुसार, एक बार बुनियादी सुविधाएं बन जाने के बाद अथॉरिटी कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी कर देती है। कई मालिक इस खामी का फायदा उठाकर प्‍लॉट को मकान बनाने के बजाय सट्टेबाजी के निवेश के रूप में इस्तेमाल करते हैं।' ऐसे प्‍लॉट को अक्सर बाजार की स्थिति सुधरने पर ऊंची कीमतों पर बेच दिया जाता है।

अथॉरिटी का कहना है कि खाली पड़े प्‍लॉट शहर की बढ़ती आवासीय मांग को पूरा करने में बाधा डालते हैं। एक अन्य अधिकारी ने कहा, 'खाली पड़े प्‍लॉट आवंटन के उद्देश्य को विफल करते हैं। इसका उद्देश्य शहरी आवास की जरूरतों को पूरा करना है।' इस सख्त कदम का टारगेट यह सुनिश्चित करना है कि आवासीय भूमि का इस्‍तेमाल वास्तव में आवास के लिए ही हो, न कि उसे केवल सट्टेबाजी के लाभ के लिए खाली रखा जाए।

ये महत्‍वपूर्ण फैसले भी ल‍िए गए

बोर्ड की बैठक में कुछ अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। राज्य की 'रुकी हुई विरासत आवास परियोजना' नीति के तहत डिफॉल्टर डेवलपर्स के लिए ब्याज छूट को बंद करने का फैसला किया गया। कई बिल्डरों ने पहले रियायतें ली थीं। लेकिन, उन्होंने अपने बकाया का भुगतान नहीं किया था। इसके अलावा, अथॉरिटी ने यूनिफाइड रेगुलेशंस - 2025 को अपनाया है। यह नियम नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी में आवंटन नियमों, स्वीकृतियों और भुगतान अनुसूचियों को मानकीकृत करेगा। इस एकीकृत ढांचे के तहत कॉलेजों, सीनियर सेकेंडरी स्कूलों और नर्सिंग स्कूलों के लिए नए प्‍लॉट आवंटन को भी मंजूरी दी गई।

AI में बनना चाहते हैं महारथी तो यहां क्लिक करें

बैठक में कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को भी हरी झंडी मिली। इनमें सेक्टर 145 में 300 टन प्रतिदिन क्षमता वाला एक एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र शामिल है। विभिन्न सेक्टरों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों के रेट्रोफिटिंग के लिए 86.67 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। यमुना और हिंडन नदियों में बहने वाली 11 छोटी नालियों की सफाई का काम भी इसमें शामिल है। एक नए पुलिस स्टेशन के लिए 4,000 वर्ग मीटर के भूखंड का आवंटन भी किया गया। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सार्वजनिक परियोजनाओं की प्रगति को ट्रैक करने के लिए एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 25 April 2026
नई दिल्‍ली: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बड़ा ऐक्‍शन लिया है। शुक्रवार को उसने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया। इस कदम से 24 अप्रैल से बैंक…
 25 April 2026
नई दिल्‍ली: राष्ट्रीय राजधानी के सराफा बाजार में सोने और चांदी के दामों में गिरावट दर्ज की गई। डॉलर के मजबूत होने और वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने के बीच ऐसा हुआ। अखिल…
 25 April 2026
नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स के बहुप्रतीक्षित आईपीओ को लेकर बड़ा संकेत दिया है। अंबानी ने इसे एक निर्णायक मील का पत्थर बताते हुए संकेत…
 25 April 2026
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) की कमान अब नीतू समरा (Nitu Samra) के हाथों में आ गई है। उन्होंने एयरपोर्ट का नया सीईओ नियुक्त किया गया है। उन्होंने विदेशी सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमान…
 24 April 2026
नई दिल्ली: भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस गौतम अडानी की नेटवर्थ में गुरुवार को भारी तेजी आई। शेयर मार्केट में गिरावट के बावजूद अडानी ग्रुप के चेयरमैन की नेटवर्थ…
 24 April 2026
नई दिल्‍ली: सोने और चांदी की कीमत में आज फिर गिरावट आई है। एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में सोने की कीमत में करीब 1,000 रुपये की गिरावट आई है जबकि चांदी…
 24 April 2026
नई दिल्‍ली: पश्चिम एशिया में संकट को चलते हुए अब लगभग दो महीने हो गए हैं। ऐसे में भारतीय निर्यातक अपने कामकाज को सामान्य बनाने की कोशिश करने में जुटे हैं।…
 24 April 2026
नई दिल्‍ली: राघव चड्ढा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) से उनका सालों पुराना रिश्‍ता टूट गया है। उन्‍होंने AAP से इस्‍तीफा देकर बीजेपी का दामन थामने…
 22 April 2026
नई दिल्ली: आईफोन बनाने वाली अमेरिका की कंपनी ऐपल के सीईओ टिम कुक 15 साल की सर्विस के बाद पद छोड़ने जा रहे हैं। वह अगस्त 2011 में ऐपल के सीईओ…
Advt.