पुतिन का 'ब्रह्मास्त्र' फेल, भारत से रूस खरीद सकता है ब्रह्मोस मिसाइल, जानें क्यों पड़ी जरूरत?

Updated on 15-07-2023 01:36 PM
मॉस्को: भारत रूस को ब्रह्मोस मिसाइल बेचने पर विचार कर रहा है। ये लंबे समय के दो रणनीतिक सहयोगियों के बीच भूमिका में बड़ा बदलाव है, क्योंकि अभी तक भारत ही रूस से हथियार लेता था। दोनों देशों ने मिल कर इस महाविनाशक हथियार को विकसित किया है। ब्रह्मोस एयरोस्पेस के सीईओ और प्रबंध निदेशक अतुल दिनकर राणे के मुताबिक उनकी कंपनी हवा से लॉन्च होने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के लिए रूस को एक संभावित बाजार के रूप में देखती है। उन्होंने दावा किया कि रूस के पास इस लेवल का कोई भी हथियार वर्तमान में नहीं है।

उन्होंने कहा कि अगर रूस ने इसे पहले खरीदा होता तो उनके पास मौजूदा स्थिति (यूक्रेन युद्ध) में उपयोग करने के लिए बहुत सी चीजें होती। उन्होंने कहा, 'यूरोप में अभी जो चल रहा है उसके खत्म होने के बाद हमें रूस से कुछ ऑर्डर मिल सकते हैं, खासकर हवा से लॉन्च होने वाले ब्रह्मोस के लिए।' रूस ब्रह्मोस का इस्तेमाल अपनी पी-800 ओनिक्स मिसाइल की तरह कर सकता है। ब्रह्ममोस से पहले सोवियत समय में पी-800 का निर्माण हुआ था। पी-800 एक जहाज रोधी मिसाइल के रूप में डिजाइन किया गया है और इसका इस्तेमाल सीरिया और यूक्रेन में जमीनी टार्गेट के लिए किया गया।

रूस की क्या है मजबूरी

ब्रह्मोस और ओनिक्स का प्रदर्शन लगभग समान हैं। रूस के रक्षा उद्योग में कम फंडिंग, भ्रष्टाचार, निर्माण में देरी और पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण होने वाली समस्याएं रूस को भारत से ब्रह्मोस खरीदने के लिए मजबूर कर सकती हैं। अगर रूस यूक्रेन में ब्रह्मोस का इस्तेमाल करता है तो पश्चिमी देशों के पास मिसाइल का मुकाबला करने के लिए कोई समान हथियार नहीं होगा। पश्चिम की क्रूज मिसाइल स्टॉर्म शैडो सबसोनिक डिजाइन की हैं, जो हवाई सुरक्षा को भेदने के लिए स्टील्थ और गतिशीलता का लाभ उठाती है।

रूस की मिसाइल का रहा है खराब प्रदर्शन

हालांकि ब्रह्मोस का यूक्रेन युद्ध में कोई रणनीतिक प्रभाव नहीं हो सकता। इससे सिर्फ पश्चिमी देश यूक्रेन को और भी घातक हथियार सप्लाई करने के लिए प्रेरित होते। यूक्रेन में रूस की किंजल मिसाइल का खराब प्रदर्शन देखने को मिला है, जिसके कारण रूस के लिए भारत से ब्रह्मोस खरीदना मजबूरी हो सकता है। मॉडर्न वॉर इंस्टीट्यूट के एक लेख के मुताबिक किंजल मिसाइल एक ठोस ईंधन वाले रॉकेट मोटर का इस्तेमाल करती है, जिसे उड़ान के दौरान धीमा या खत्म नहीं किया जा सकता।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 10 August 2026
ढाका: भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से सोमवार को मुलाकात की है। बांग्लादेश का उच्चायुक्त नियुक्त होने के बाद त्रिवेदी की बांग्लादेश के प्रधानमंत्री…
 10 August 2026
तेल अवीव: सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए 'मक्का समझौते' के बाद इजरायल का मानना है कि इस समझौते के बाद उसके भारत से संबंध और मजबूत होंगे।…
 10 August 2026
ढाका: बांग्लादेश में हो रहे अहम घटनाक्रम के बीच भारत के चार सुरक्षा अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचा है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल बांग्लादेशी सेना की खुफिया एजेंसी डॉयरेक्टरेट जनरल ऑफ…
 10 August 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने प्रस्तावित FCRA संशोधन बिल 2026 को लेकर चल रही अटकलों का खंडन किया है जिसमें कहा जा रहा है कि…
 10 August 2026
काठमांडू: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह आज राजधानी काठमांडू में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव से मुलाकात करने वाले हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह आज पहली बार किसी देश…
 10 August 2026
काठमांडू: नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने आज सिंह दरबार में प्रधानमंत्री कार्यालय और मंत्रिपरिषद के दफ्तर में प्रधानमंत्री बालेन शाह से मुलाकात की है। यह शिष्टाचार मुलाकात…
 10 August 2026
टोक्यो: भारतीय रक्षा मंत्रालय ने संसद को सौंपी एक रिपोर्ट में बताया है कि भारत यूरोपीय देशों के छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान प्रोग्राम में शामिल होने के लिए बातचीत…
 10 August 2026
टोरंटो: कनाडा ने 2026 के शुरुआती छह महीनों में 3,323 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया है। यह संख्या अमेरिका की तरफ से करीब सात महीनों में भारत वापस भेजे गए…
 07 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के ब्रॉड पीक हिमस्खलन की चपेट में आने से मारे गए मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा (निम्स दाई) समेत 5 अन्य पर्वतारोहियों का पार्थिव शरीर एयरलिफ्ट कर स्कार्दू ले…
Advt.