रूस से सस्ता तेल खरीदने में फंसा पेंच, SBI ने पेमेंट करने से पीछे खींचे हाथ, जानें पूरा मामला

Updated on 11-03-2026 01:40 PM
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भारत में कच्चे तेल के आयात पर असर पड़ा है। इसे देखते हुए कुछ दिनों पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को 30 दिन तक रूसी तेल खरीदने की छूट दी है। इस छूट के बाद भारत ने रूसी तेल खरीदना शुरू भी कर दिया है, लेकिन पेमेंट को लेकर संकट पैदा हो सकता है। ऑयलप्राइसडॉटकॉम के मुताबिक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) रूसी तेल का पेमेंट करने से बच रहा है।

यूक्रेन पर हमले को लेकर अमेरिका ने कुछ रूसी तेल कंपनियों पर बैन लगाया था। बाद में ट्रंप ने रूसी तेल खरीदने के कारण भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया था। बाद में भारत ने रूस से तेल खरीदना काफी कम कर दिया था। इससे पहले भारत रूस से सस्ती कीमत पर तेल खरीद रहा था। ट्रेड डील के दौरान ट्रंप ने कहा था कि भारत रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा। इसके बाद से कई भारतीय बैंक रूसी तेल कंपनियों को पेमेंट करने से बच रहे हैं।

क्यों जोखिम नहीं लेना चाहता एसबीआई

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार SBI अपनी वैश्विक प्रतिष्ठा और अमेरिकी बाजार में अपने हितों को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। इसके मुख्य कारण इस प्रकार हैं:
  • अल्पकालिक छूट: अमेरिका की ओर से दी गई यह छूट वर्तमान में केवल एक महीने के लिए है। बैंक इस बात को लेकर अनिश्चित है कि एक महीने बाद अमेरिका की ओर से मिली यह छूट आगे बढ़ेगी या नहीं।
  • अमेरिकी बाजार में बड़ा निवेश: SBI के इंटरनेशनल लोन पोर्टफोलियो का 26% हिस्सा अकेले अमेरिका में है। बैंक अपने इस बड़े कारोबार को किसी भी तरह के प्रतिबंधों या कानूनी उलझनों से बचाना चाहता है।

भारत पर बढ़ा आपूर्ति का दबाव

पिछले साल अमेरिका ने रूसी ऊर्जा कंपनियों Rosneft और Lukoil पर बैन लगाया था। इसके बाद कुछ भारतीय बैंक रूसी तेल व्यापार के वित्तपोषण पर विचार कर रहे थे। हालांकि SBI अब भी रूसी कच्चे तेल से जुड़े पेमेंट से दूरी बनाए हुए है।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक है। यह अपनी करीब 60% तेल जरूरतें मिडिल ईस्ट से पूरी करता है। हाल के भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुत जलडमरूमध्य में टैंकर आवाजाही प्रभावित होने से भारत की आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है।

अमेरिका ने कब तक दी है छूट?

अमेरिकी ट्रेजरी के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने पिछले सप्ताह भारत को एक जनरल लाइसेंस जारी किया था। इसमें रूसी तेल से जुड़ी छूटों का जिक्र है जो इस प्रकार है:
  • भारतीय रिफाइनर 4 अप्रैल 2026 तक उन रूसी जहाजों से तेल खरीद सकते हैं जिन पर प्रतिबंध लगा हुआ है।
  • यह छूट केवल उन जहाजों के लिए है जिन पर तेल की लोडिंग 5 मार्च 2026 या उससे पहले हो चुकी है।
  • इसका उद्देश्य लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण भारत पर पड़ रहे तेल आपूर्ति के दबाव को कम करना है।

कितना रूसी तेल मौजूद?

डेटा फर्म Kpler के अनुसार 6 मार्च तक करीब 130 मिलियन बैरल रूसी कच्चा तेल समुद्र में टैंकरों पर मौजूद था। इसमें से लगभग 27 मिलियन बैरल अरब सागर और हिंद महासागर क्षेत्र, 20 मिलियन बैरल लाल सागर और स्वेज नहर मार्ग के पास और करीब 7.5 मिलियन बैरल सिंगापुर के आसपास मौजूद है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 22 April 2026
नई दिल्ली: आईफोन बनाने वाली अमेरिका की कंपनी ऐपल के सीईओ टिम कुक 15 साल की सर्विस के बाद पद छोड़ने जा रहे हैं। वह अगस्त 2011 में ऐपल के सीईओ…
 22 April 2026
नई दिल्ली: भारत में ग्लोबल कंपनियों के ऑफिसों (GCC-ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर) में एक अजीब स्थिति देखने को मिल रही है। TOI के मुताबिक, एक तरफ जहां नई भर्तियों में तेजी आई…
 22 April 2026
नई दिल्ली: देश की तीसरी बड़ी आईटी कंपनी एचसीएल टेक के शेयरों में आज भारी गिरावट आई है। कंपनी के शेयरों में 11 फीसदी से अधिक गिरावट आई और यह 52…
 22 April 2026
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से शेयर बाजार में आज गिरावट आई। बीएसई सेंसेक्स कारोबार के दौरान 800 अंक से ज्यादा लुढ़क गया था जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का…
 22 April 2026
नई दिल्ली: म्यूचुअल फंड में गिरावट का दौर थमता दिखाई दे रहा है। पिछले एक महीने में स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले सेगमेंट के रूप में उभरे हैं।…
 21 April 2026
नई दिल्‍ली: सोने और चांदी की कीमत में आज मामूली गिरावट आई है। एमसीएक्स पर चांदी की कीमत में 2300 रुपये से ज्यादा गिरावट आई है जबकि सोना 200 रुपये से…
 21 April 2026
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद में आज शेयर बाजार में तेजी दिख रही है। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स में 700 अंक से ज्यादा तेजी आई है जबकि…
 21 April 2026
नई दिल्ली: दुनिया के सबसे बड़े रईस एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स बड़ा धमाका करने जा रही है। कंपनी दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ लाने की तैयारी में है जिसके लिए…
 21 April 2026
नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ( EPFO ) ने सहारा इंडिया की विभिन्न इकाइयों के खिलाफ भविष्य निधि (PF) के बकाया भुगतान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ईपीएफओ ने…
Advt.