“स्कूटी दीदी” एनु आत्मनिर्भर बनी और ग्रामीण महिलाओं को सशक्त भी बनाया

Updated on 15-03-2026 11:27 PM

रायपुर।सपनों को उड़ान देने के लिए पंख नहीं, साहस और संकल्प की जरूरत होती है। इसी बात को सत्य साबित किया है छत्तीगसढ के धमतरी की एक साधारण लेकिन जुझारू युवती एनु ने, जो आज “स्कूटी दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। संसाधनों की कमी, सामाजिक दबाव और सीमित अवसरों के बावजूद एनु ने न केवल आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को भी सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई।

एनु का जन्म एक सामान्य ग्रामीण परिवार में हुआ, जहाँ आर्थिक स्थिति सशक्त नहीं थी। परिवार में आय के सीमित स्रोत थे, और लड़कियों की शिक्षा को लेकर अब भी संकोच और संकीर्ण सोच (prevalent ) थी। परन्तु एनु की सोच इससे बिल्कुल अलग थी। वे हमेशा कुछ नया करने और अपने पैरों पर खड़े होने की इच्छा रखती थीं। कठिनाइयों और प्रतिकूलताओं के बीच भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और अर्थशास्त्र में परास्नातक(Post Graduation inEconomics) की उपाधि हासिल की। यह उपलब्धि ही अपने आप में उनके संघर्ष और लगन का प्रतीक थी।

एनु का लक्ष्य केवल डिग्री लेनी ही मंज़िल नहीं थी। एनु जानती थीं कि केवल शिक्षा से रोजगार नहीं मिलेगा, जब तक उनके पास कोई कौशल न हो। इसी सोच के साथ उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान से जुड़कर सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लिया। इस प्रशिक्षण ने उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में पहला मजबूत कदम उठाने का अवसर दिया। लेकिन उनका सपना सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं था।

एनु का अगला कदम था -मोबिलिटी यानी गतिशीलता की। वे चाहती थीं कि खुद स्कूटी चला सकें, ताकि गांव-गांव जाकर महिलाओं से मिलें, प्रशिक्षण दें और उनके जीवन को बदलने में योगदान दे सकें, लेकिन एक ग्रामीण युवती के लिए दोपहिया वाहन चलाना समाज के लिए असामान्य बात थी। इसके लिए उन्हें न केवल आत्मसंदेह से लड़ना पड़ा, बल्कि समाज की रूढ़िवादी सोच से भी लडना पडा। यही पर ‘प्रथम संस्था’ (PRATHAM Foundation) ने उन्हें स्कूटी चलाने का प्रशिक्षण दिया। पहले-पहले जब उन्होंने स्कूटी की चाबी हाथ में ली, तो लोगों ने ताने दिए - “लड़की होकर गाड़ी चलाएगी?”, “क्या ज़रूरत है इधर-उधर घूमने की?”, लेकिन एनु अडिग रहीं। उन्होंने अपने आत्मविश्वास के साथ इन बातों को अनसुना कर, प्रैक्टिस जारी रखी और जल्द ही स्कूटी चलाने में दक्ष हो गईं।

धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास और कौशल दोनों बढ़ने लगे। अब वे गांवों में स्वतंत्र रूप से घूमने लगीं, महिलाओं से जुड़ीं, उन्हें मोटिवेट करने लगीं और अपनी यात्रा की कहानी सुनाकर उनमें भी आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देने लगीं। यही वह मोड़ था जब उन्होंने तय किया कि अब वह खुद एक ड्राइविंग स्कूल शुरू करेंगी, ताकि अन्य महिलाओं को भी गाड़ी चलाना सिखा सकें। यह पहल ग्रामीण परिवेश में महिलाओं की स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम था।

सन 2023 में एनु अपने सीमित संसाधनों के साथ “महिला दोपहिया प्रशिक्षण केंद्र” की शुरुआत की। शुरू में केवल 2-3 महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया, लेकिन जल्द ही यह संख्या बढ़ती चली गई। आज उनकी पहचान पूरे ब्लॉक और जिले में “स्कूटी दीदी” के रूप में हो गई है। उन्होंने अब तक 30 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को दोपहिया वाहन चलाने का प्रशिक्षण दिया है, जिनमें से कई महिलाएं अब स्वयं स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र या बैंक जैसी जगहों पर काम करने के लिए आत्मनिर्भर रूप से आने-जाने लगी हैं।

एनु की यह पहल न केवल महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास और स्वतंत्रता लाई है, बल्कि सामाजिक सोच को भी बदला है। अब गांवों में लोग अपनी बेटियों और बहुओं को एनु के पास भेजते हैं, यह सीखने कि कैसे वे भी “अपने सपनों की सवारी” कर सकती हैं। उनकी इस उपलब्धि के लिए विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों ने उन्हें सम्मानित भी किया है। हाल ही में उन्हें जिला प्रशासन द्वारा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया। एनु का सपना है कि वे आने वाले वर्षों में 1000 महिलाओं को ड्राइविंग सिखाएं और इसके लिए वे जल्द ही चारपहिया ड्राइविंग स्कूल भी शुरू करने की योजना बना रही हैं।

एनु का जीवन इस बात का प्रमाण है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। उनकी कहानी हर उस महिला के लिए प्रेरणा है, जो समाज की जंजीरों को तोड़कर आगे बढ़ना चाहती है। स्कूटी दीदी एनु ने दिखा दिया कि सच्ची ताकत बाहरी साधनों में नहीं, बल्कि भीतर के आत्मबल और दृढ़ निश्चय में होती है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 18 March 2026
कोंडागांव, कोंडागांव जिले का लिंगो घोटुल मांदरी नृत्य दल अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला का प्रदर्शन करेगा। यह दल नई दिल्ली में आयोजित भारत ट्राइब फेस्ट-2026 में छत्तीसगढ़ राज्य का…
 18 March 2026
बिलासपुर, बिलासपुर के बहुचर्चित नसबंदी कांड मामले में करीब 11 साल 4 महीने बाद जिला कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। एडीजे कोर्ट बिलासपुर के न्यायाधीश शैलेश कुमार ने सर्जन डॉ.…
 18 March 2026
बिलासपुर, हिंदू नववर्ष, गुड़ी पड़वा और नवरात्रि पर्व की तैयारियों जोरों से चल रही है। बिलासपुर में सिंधी समाज ने अपने आराध्य देव भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव चेट्रीचंड्र से पहले मंगलवार…
 18 March 2026
बिलासपुर, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पूरे साल NCERT की किताबों से पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स पर अचानक सीजी बोर्ड एग्जाम थोप दिया गया। स्कूल प्रबंधन की मनमानी पर कलेक्टर संजय अग्रवाल…
 18 March 2026
रायपुर, छत्तीसगढ़ में अब कमर्शियल गैस सिलेंडर कोटा सिस्टम के तहत दिए जाएंगे। घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग को रोकने और आम उपभोक्ताओं तक गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए…
 18 March 2026
बिलासपुर, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में थार गाड़ी खरीदने के लिए एक नाबालिग ने अपने ही घर में चोरी करवाई है। इसके लिए सेना के रिटायर्ड जवान के बेटे को उकसाया और…
 18 March 2026
रायपुर, उत्तर प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग ने आज 18 और कल 19 मार्च को आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि…
 18 March 2026
रायपुर, रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण अस्पताल के पीछे बने सीवरेज टैंक (गटर) की सफाई करने उतरे 3 सफाईकर्मियों की दम घुटने से मौत हो गई। वहीं, 1 की हालत…
 18 March 2026
रायपुर, छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान कई अहम मुद्दे उठने वाले हैं। जंबूरी कार्यक्रम में मिली शिकायतें, स्कूलों का युक्तियुक्तकरण, अतिथि शिक्षकों की समस्या और श्रमिकों से जुड़े सवालों…
Advt.