नई दिल्ली: टाटा ग्रुप का ताज ग्रुप न्यूयॉर्क के द पियरे होटल से बाहर निकल सकता है। ब्रुनेई के सुल्तान और सऊदी व्यापारी एस्सम खशोगी मिलकर इसे खरीदना चाहते हैं। यह डील लगभग $2 बिलियन की हो सकती है। अगर यह सौदा हो जाता है, तो ताज लगभग 20 साल के बाद पियरे होटल का प्रबंधन छोड़ देगा। इसके बाद अमेरिका में ताज के पास सिर्फ एक होटल बचेगा, जो सैन फ्रांसिस्को में ताज कैम्पटन प्लेस है। ताज ग्रुप ने इस बारे में कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया है।ताज की वेबसाइट के अनुसार, उन्होंने पियरे होटल को साल 2005 में खरीदा था। इसे उत्तरी अमेरिका में अपना सबसे खास होटल बनाया था। इसके बाद 2009 में कंपनी ने इस लग्जरी होटल का 100 मिलियन डॉलर से रिनोवेशन कराया था। न्यूयॉर्क और सैन फ्रांसिस्को के दोनों होटल यूनाइटेड ओवरसीज होल्डिंग (UOH) के अंतर्गत आते हैं। UOH, इंडियन होटल्स (IHCL) की 100% सहायक कंपनी है।जानी-मानी हस्तियों के अपार्टमेंट
IHCL, ताज ग्रुप की मालिक है और यह $165 बिलियन के टाटा ग्रुप का हिस्सा है। कंपनी की रिपोर्ट के अनुसार, IHCL ने फाइनेंशियल ईयर 2025 में यूओएच में 2,324 करोड़ रुपये का निवेश किया था। हालांकि, यूओएच को उस दौरान 82 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। पियरे होटल में 189 कमरे, रेस्टोरेंट और लग्जरी अपार्टमेंट हैं। इसे पिछले साल बिक्री के लिए रखा गया था।इस होटाल में मौजूद अपार्टमेंट के मालिक भी इस प्रॉपर्टी के शेयरधारक हैं। इनमें अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रेड नेगोशिएन के प्रभारी हावर्ड लुट्निक, जॉर्डन की राजकुमारी फिरयाल, फैशन डिजाइनर टोरी बर्च और डिज्नी के पूर्व प्रमुख माइकल आइजनर शामिल हैं। लुट्निक के पास होटल में एक पेंटहाउस है। कौन है खरीदार?
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक ताज ने प्रॉपर्टी की स्टीवर्डशिप का बचाव किया है और ऐसे अपग्रेड्स का प्रस्ताव रखा है जिससे रेजिडेंट्स को बाहर निकलने की जरूरत नहीं होगी। अखबार ने यह भी लिखा है कि पियरे का बोर्ड बिक्री के लिए अंतिम दौर की बातचीत कर रहा है। अगर यह सौदा हो जाता है, तो इसका मैनेजमेंट लग्जरी चेन डोर्चेस्टर कलेक्शन को मिल सकता है। डोर्चेस्टर कलेक्शन के मालिक सुल्तान हसनल बोल्किया हैं। एस्सम खशोगी इस डील को फंड कर सकते हैं।
इस डील से ताज का अंतरराष्ट्रीय कारोबार कम हो जाएगा। IHCL के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने हाल ही में शेयरधारकों को बताया कि कंपनी की विदेश में विस्तार की कोई आक्रामक योजना नहीं है। उन्होंने जुलाई में AGM में कहा था कि विदेशी विस्तार के मामले में हम हर वैश्विक बाजार को नहीं देख रहे हैं। IHCL के अंतरराष्ट्रीय होटलों ने FY25 में लगभग 1,512 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और 202 करोड़ रुपये का परिचालन लाभ कमाया।