अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को आसमान के अंधेरे में प्रकाश की एक लकीर के रूप में देखा जा सकता

Updated on 20-12-2021 08:04 PM

रोम   अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को आसमान के अंधेरे में प्रकाश की एक लकीर के रूप में देखा जा सकता है हालांकि धरती से सैकड़ों किलोमीटर ऊपर घूम रहे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की नीचे से तस्वीर लेना काफी मुश्किल है। आईएसएस लगभग 28000 किलोमीटर प्रतिघंटे की स्पीड से अंतरिक्ष में परिक्रमा कर रहा है। नीचे से यह किसी टॉर्च की दूर से आती लाइट जैसा ही दिखाई देता है।

अब आप उस लाइट के बारे में सोचें जो रोम के विश्व विरासत सूची में शामिल कोलोसियम के ऊपर से गुजरा होगा। ऐसे में आप समझ सकते हैं कि इस तस्वीर को इतनी ज्यादा अहमियत क्यों दी जा रही है। वर्चुअल टेलीस्कोप प्रोजेक्ट चलाने वाले एस्ट्रोफिजिसिस्ट जियानलुका मासी ने 6 दिसंबर को कोलोसियम के ऊपर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को अपने कैमरे में कैद किया था। उनके इस काम में रोम के पुरातत्व संग्रहालय पार्को आर्कियोलॉजिको डेल कोलोसियो ने साथ दिया था। यह तस्वीर जमीन से ऊपर की ओर खुले आसमान की तरफ ली गई है। इसमें ऐतिहासिक कोलोसियम एंफीथियेटर की दीवारें भी दिखाई दे रही हैं।

तस्वीर में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को आसमान के अंधेरे में प्रकाश की एक लकीर के रूप में देखा जा सकता है। तस्वीर लेने वाले जियानलुका मासी ने बताया कि हजार साल पुरानी दीवारों के साथ तारों वाले आसमान को देखना, जिसमें प्राचीन नक्षत्रों के साथ आधुनिक स्पेस स्टेशन भी नजर रहा हो, वह वाकई जीवन में सिर्फ एक बार अनुभव होने वाली घटना थी। कोलोसियम लगभग 2000 वर्ष पुराना है। वहीं अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) अंतरिक्ष में 20 से अधिक वर्षों से है। इन दोनों की उम्र में काफी अंतर है, एक धरती पर मौजूद है तो दूसरा अंतरिक्ष में चक्कर लगा रहा है। इसके बावजूद जब एक तस्वीर में दोनों दिखे तो इसकी खूबसूरती के लोग दीवाने हो गए। यह तस्वीर बता रही है कि इंसान ने अतीत से वर्तमान तक कितना फासला तय कर लिया है।

क्या है आईएसएस-

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन धरती से बाहर रिसर्च करने और अंतरिक्ष पर नजर रखने के लिए स्थापित एक केंद्र है। इसे धरती की सबसे नजदीकी कक्षा में 20 नवंबर 1998 को स्थापित किया गया था। इस स्पेस स्टेशन की स्थापना में दुनिया की कई अंतरिक्ष एजेंसियों ने साथ मिलकर काम किया है। आईएसएस को बनाने में अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा, रूस की रशियन फेडरल स्पेस एजेंसी (आरकेए), जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (जेएएक्सए), कनाडा की कनेडियन स्पेस एजेंसी (सीएसए) और यूरोपीय देशों की संयुक्त यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ईएसए) शामिल है। इसके अलावा भी कई देशों की स्पेस एजेंसियां समय-समय पर आईएसएस के साथ मिलकर काम करती रहती हैं।


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