चंद्रयान या कुछ और ऑस्‍ट्रेलिया में मिले रहस्‍यमय टुकड़े का सच आया सामने, स्‍पेस एजेंसी ने किया बड़ा खुलासा

Updated on 31-07-2023 01:52 PM
पर्थ: चंद्रयान 3 के लॉन्‍च होने के तीन दिन बाद पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के ज्‍यूरियन बीच पर एक एक रहस्यमयी चीज मिली थी। इसके बाद अटकलें लगाई थीं कि यह भारत से लॉन्च किए गए चंद्रयान-3 का कोई हिस्‍सा हो सकता है। मगर अब ऑस्‍ट्रेलिया की स्‍पेस एजेंसी ने राज खोल दिया है कि यह चीज आखिरकार क्‍या है। ऑस्‍ट्रेलियन स्‍पेस एजेंसी की तरफ से बताया गया है कि यह चंद्रयान 3 से जुड़ा नहीं है नहीं बल्कि भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो की तरफ से लॉन्‍च किए गए पोलर सैटेलाइट लॉन्‍च व्‍हीकल (PSLV) का मलबा है।

मलबे को किया गया स्‍टोर
एजेंसी ने बताया है कि पीएसएलवी एक मध्यम-लिफ्ट लॉन्चिंग व्‍हीकल है जो इसरो की तरफ से ऑपरेट किया जाता है। ऑस्‍ट्रेलियन एजेंसी की तरफ से बताया गया है कि मलबे को स्‍टोर करके रखा गया है और इसरो के साथ मिलकर इस पर काम किया जा रहा है। इसका मकसद संयुक्त राष्ट्र अंतरिक्ष संधियों के तहत दायित्वों पर विचार करने के साथ ही साथ अगले कदम पर फैसला लेना है। एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्‍हें कोई और संदिग्ध मलबा दिखे तो उन्हें इसकी सूचना स्थानीय अधिकारियों को देनी चाहिए। space.monitoring@space.gov.au के जरिए ऐसे मलबे को देखने वाले लोग ऑस्ट्रेलियन एजेंसी को जानकारी दे सकते हैं। एजेंसी का कहना है कि वह अंतरिक्ष गतिविधियों की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है।

चंद्रयान 3 के बारे में थीं अटकलें
ट्विटर पर यूजर्स ने ऐसी अटकलें लगाई थीं कि यह चंद्रयान 3 का कोई हिस्‍सा हो सकता है। मगर उस समय कुछ विशेषज्ञों ने इसे एलवीएम-3 के चरणों में से एक करार दिया था। ऑस्ट्रेलियन स्‍पेस एजेंसी ने इसकी पुष्टि नहीं की थी है और इसरो ने भी चुप्‍पी साध रखी थी। उस समय भी ऑस्‍ट्रेलिया की स्‍पेस एजेंसी की तरफ से एक ट्वीट किया गया था। इसमें बताया गया था कि पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में ज्यूरिय खाड़ी के पास एक समुद्र तट पर मिली चीज के बारे में पूछताछ की जा रही है। एजेंसी ने कहा था कि य‍ह वस्तु किसी विदेशी अंतरिक्ष प्रक्षेपण यान से हो सकती है। तब दुनियाभर की एजेंसियों से संपर्क करने और ज्‍यादा से ज्‍यादा जानकारी हासिल करने की कोशिशें की गई थीं।

लोगों से दूर रहने को कहा गया
स्‍थानीय लोगों को विशाल चीज से दूर रहने के लिए कहा गया था। समंदर के किनारे मिली यह चीज दो मीटर ऊंची और करीब दो मीटर चौड़ी है। इसकी वजह से इसे रॉकेट का तीसरा चरण बताया जा रहा था। अंतरिक्ष यान के बूस्टर और इसके कुछ हिस्‍सों को आम जनजीवन की सुरक्षा के लिए समुद्र में फेंक दिया जाता है। मलबे को कम कम करने के लिए एक सही जगह का चयन किया जाता है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस बारे में और ज्‍यादा जानकारी मिल सकती है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 11 August 2026
माले/इस्लामाबाद: मालदीव अपनी कमजोर अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए दक्षिण एशियाई देशों के संगठन 'सार्क' को फिर से शुरू करने की कोशिशें कर रहा है लेकिन उसके सारे दांव नाकाम…
 11 August 2026
मॉस्को/कीव: रूसी वायुसेना ने 4-5 अगस्त की रात को यूक्रेन पर 24 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। यूक्रेनी वायु सेना ने इन मिसाइलों को 'इस्कंदर-M/S-400' कैटेगरी में रखा है। इसका…
 11 August 2026
लंदन: सूडान में चल रहे नरसंहार को लेकर दुबई के शासक को लंदन की सड़कों पर घेर लिया गया। मोहम्मद बिन राशिद अल-मकतूम जो दुबई के शासक होने के साथ…
 11 August 2026
वॉशिंगटन/अंकारा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पिछले महीने NATO शिखर सम्मेलन के बाद बेहद सीक्रेट तरीके से एक मिलिट्री विमान के जरिए तुर्की से बाहर निकाला गया था। अमेरिकी सीक्रेट…
 11 August 2026
काठमांडू: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है कि 1816 की वह मूल सुगौली संधि नहीं मिल रही है जिसने ब्रिटिश भारत के साथ उसकी सीमा तय की…
 11 August 2026
तेल अवीव: सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए डिफेंस पैक्ट के बाद इजरायली डिफेंस सर्किल में भारत को 'इंश्योरेंस पॉलिसी' की तरह देखा जा रहा है। इजरायल में…
 10 August 2026
ढाका: भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से सोमवार को मुलाकात की है। बांग्लादेश का उच्चायुक्त नियुक्त होने के बाद त्रिवेदी की बांग्लादेश के प्रधानमंत्री…
 10 August 2026
तेल अवीव: सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए 'मक्का समझौते' के बाद इजरायल का मानना है कि इस समझौते के बाद उसके भारत से संबंध और मजबूत होंगे।…
 10 August 2026
ढाका: बांग्लादेश में हो रहे अहम घटनाक्रम के बीच भारत के चार सुरक्षा अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचा है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल बांग्लादेशी सेना की खुफिया एजेंसी डॉयरेक्टरेट जनरल ऑफ…
Advt.