ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ 'वे 43' मिनट बताते हैं हमारी टीम की ताकत
Updated on
22-10-2024 02:48 PM
नई दिल्ली: पेरिस ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद भारतीय मेंस हॉकी टीम ने आराम नहीं किया और निकल पड़ी एक नए अभियान पर। टीम ने सितंबर के महीने में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में अपने खिताब की रक्षा की। अब भारतीय टीम एक नई चुनौती के लिए तैयार है। भारतीय मेंस हॉकी टीम एक दशक से भी अधिक समय के बाद राष्ट्रीय राजधानी में कोई इंटरनेशनल मैच खेलने जा रही है। मेजर ध्यानचंद इंटरनेशनल स्टेडियम में 23 और 24 अक्टूबर को भारत की टक्कर जर्मनी से होने जा रही है। पेरिस ओलंपिक में ब्रॉन्ज जीतने वाली भारतीय टीम जर्मनी से सेमीफाइनल में 3-2 से हार गई थी। तो क्या नई दिल्ली की सीरीज बदले वाली होगी? भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह कहते हैं, 'हमारा इरादा तो दोनों मैच जीतने का है।' जर्मनी के खिलाफ सीरीज से पहले हरमनप्रीत, टीम के उप-कप्तान विवेक सागर प्रसाद और फॉरवर्ड मनदीप सिंह NBT के दफ्तर पहुंचे। पेश हैं इन तीनों सितारों से टीम NBT की हुई लंबी बातचीत के खास अंश।
सबसे यादगार मैच अलग-अलग पोजिशंस से खेलने वाले हरमन, विवेक और मनदीप से सवाल था कि आपके करियर का सबसे यादगार मैच कौन था। बिना किसी दूसरी सोच के तीनों का जवाब एक था-'पेरिस में ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ क्वॉर्टर फाइनल मैच'। उस मैच को याद करते हुए हरमनप्रीत कहते हैं, 'हम 43 मिनट केवल 10 खिलाड़ी के साथ खेले थे। ओलिंपिक्स में और उतने चैलेंजिंग मैच में यह आसान नहीं था। हमने जिस तरह वह मैच जीता, उससे इस टीम की ताकत का पता चलता है। हम काफी पॉजिटिव थे और बस यही सोच थी कि कुछ भी हो जाए अब छोड़ना नहीं।' विवेक जोड़ते हैं, 'उन हालात में खिलाड़ियों के बीच बेहतर सामंजस्य अहम था। हमारा हौसला कभी कमजोर नहीं पड़ा।' फॉरवर्ड मनदीप बताते हैं, 'हमारे एक खिलाड़ी को रेड कार्ड और फिर एक को ग्रीन भी मिला था। हम करो या मरो के जज्बे के साथ उतरे थे। मन में यह भी था कि श्रीजेश भाई ने भी रिटायरमेंट का ऐलान किया हुआ है। हमें उनके लिए जीतना ही है।' जर्मनी से मुकाबला: अगली चुनौती जर्मनी से है। क्या भारतीय टीम पेरिस का बदला लेने को तैयार है? दुनिया के टॉप ड्रैग फ्लिकर हरमन कहते हैं, 'जर्मनी की टीम बहुत अच्छी है। कुछ नए खिलाड़ी भी हैं उनकी टीम। हमारी ओर भी कुछ युवा खिलाड़ी हैं। हम तोक्यो में उनसे जीते थे। इस सीरीज में हमारा इरादा तो यही है कि दोनों मैच जीतना है।' विवेक मुस्कराते हुए जोड़ते हैं, 'बदला हमें ऑस्ट्रेलिया से लेना था जो पेरिस में ले लिया है। जर्मनी के खिलाफ ऐसी बात नहीं है। हम जरूर जीतने के इरादे से उतरेंगे।'
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