भारत में हुए 1984 के सिख दंगों को नरसंहार घोषित करें ट्रूडो...कनाडा के खालिस्‍तान समर्थक नेता जगमीत सिंह ने उगला जहर

Updated on 02-11-2023 03:07 PM
ओटावा: कनाडा की नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) के नेता और प्रधाननमंत्री जस्टिन ट्रूडो के करीबी जगमीत सिंह ने सन् 1984 में हुए सिख दंगों पर एक ट्वीट किया है। जगमीत ने अपनी ट्वीट में दंगों को सिख नरसंहार के तौर पर करार दिया है। इसके साथ ही उन्‍होंने दंगों के पीछे आरएसएस का हाथ होने की बात कह डाली है। वहीं उन्‍होंने ट्रूडो से मांग की है कि कनाडा में आरएसएस से जुड़ी सभी शाखाओं को तुरंत प्रतिबंधित कर देना चाहिए। जगमीत सिंह वह नेता हैं जो खालिस्‍तान को खुलकर समर्थन देते हैं। साथ ही खालिस्‍तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्‍जर की हत्‍या में हमेशा भारत का हाथ होने की बात कहते आए हैं।

लिबरल सरकार भी करे ऐसा
अपनी ट्वीट में जगमीत ने लिखा है कि जिस तरह से उनकी पार्टी ने सिख दंगों को नरसंहार के तौर पर मान्‍यता दी है, उसी तरह से प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की लिबरल सरकार को भी यही फैसला करना चाहिए। उन्‍होंने लिखा है कि सरकार की तरफ से चलाए गए एक अभियान में भारत में हजारों सिखों को एक सोची समझी साजिश के तहत मार दिया गया था। जगमीत के मुताबिक इसी साल कनाडा को यह पता लगा कि निज्‍जर की हत्‍या में भारत के एजेंट्स शामिल थे। इसलिए ऐसे में उपचार और मेल-मिलाप के प्रयासों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके बाद उन्‍होंने लिखा, 'कनाडा की एनडीपी ने 1984 को सिख नरसंहार के रूप में मान्यता दी है और आरएसएस और उसके कनाडाई सहयोगियों को कनाडा में प्रतिबंधित करने की अपील की है।'

लगातार होते आक्रामक
18 सितंबर को जब ट्रूडो ने देश की संसद में निज्‍जर की हत्‍या में भारत के एजेंट्स के शामिल होने की बात कही थी, जगमीत तब से ही आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। पिछले महीने तो उन्‍होंने यहां तक कह दिया था कि देश में होने वाले राष्‍ट्रीय चुनावों में भारत के हस्‍तक्षेप की जांच होनी चाहिए। उन्‍होंने भारत पर आरोप लगाया था कि मीडिया का प्रयोग करके वह सिखों को भड़काना और उनका ध्‍यान हटाना चाहता है। जगमीत ने तब ट्रूडो से अपील की थी कि वह इंक्‍वॉयरी में भारत सरकार को शामिल करें। जगमीत ने कहा था कि ट्रूडो को भारतीय मीडिया की बिल्‍कुल नहीं सुननी चाहिए क्‍योंकि वह गलत बयानबाजी से समुदाय को भड़काने की कोशिशों में लगी हुई है। जगमीत का कहना था कि निज्‍जर की हत्‍या के बाद भारत सरकार ने कनाडा की संप्रभुता पर हमला किया है।

खालिस्‍तान के बड़े समर्थक
जगमीत को खालिस्तानियों का बड़ा समर्थक माना जाता है। उनकी पार्टी में खालिस्‍तानी समर्थकों को जगह मिली हुई है। ऐसा कहा जाता है कि उन्होंने अपने समर्थकों की एक बड़ी सदस्यता की भर्ती करके एनडीपी का नेतृत्व हासिल किया। ट्रूडो की लिबरल पार्टी को राष्‍ट्रीय चुनावों में 157 सीटें ही हासिल हो सकी थीं। 338 सांसदों वाले हाउस ऑफ कॉमन्स में वह सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत जुटाने में असफल रह गए थे। तब जगमीत सिंह की न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी ने ट्रूडो को समर्थन दिया था और उनकी सरकार बन पाई। जगमीत की एनडीपी को 24 सीटें हासिल हुई थीं।


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