केविडरोधी टीके से पहले साल दो करोड़ लोग सुरक्षित हुए

Updated on 28-06-2022 02:17 AM

लंदन महामारी कोरोना के जानलेवा वायरस के दंश ने दुनिया के कई लोगों को काल के गाल में सुला दिया। ब्रिटेन में हुए एक शोध में दावा किया गया है कि कोविड-19 टीकों ने पहले साल के दौरान करीब दो करोड़ लोगों की जान बचाई। अगर समय से टीकों की आपूर्ति हो जाती तो इससे भी ज्यादा मौतों को रोका जा सकता था। इंग्लैंड में आठ दिसंबर 2020 को एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को वैक्सीन की पहली खुराक दी गई थी, जिसके बाद वैश्विक टीकाकरण अभियान शुरू हुआ। अगले 12 से ज्यादा महीने में दुनिया में 4.3 अरब लोगों ने कोविड वैक्सीन की खुराक ली। शोधकर्ताओं ने 185 देशों के आंकड़ों का इस्तेमाल करके अनुमान लगाया कि टीकों ने भारत में कोविड-19 से 42 लाख मौतों को रोका, अमेरिका में 19 लाख, ब्राजील में 10 लाख, फ्रांस में 6.31 लाख और ब्रिटेन में 5.07 लाख लोगों की जान बचाई।


मॉडल आधारित अध्ययन का नेतृत्व करने वाले इम्पीरियल कॉलेज, लंदन के ओलिवर वाटसन ने कहा कि टीकों की आपूर्ति को लेकर लगातार असमानताओं के बावजूद बड़े पैमाने पर मौतों को रोका जा सका। उन्होंने कहा कि टीके नहीं होने पर खतरनाक नतीजे होते। वाटसन ने कहा कि निष्कर्ष यह बताते हैं कि अगर हमारे पास ये टीके नहीं होते तो महामारी कितनी बदतर हो सकती थी। शोध पत्रिका लांसेट इंफेक्शियस डिजीज में गुरुवार को प्रकाशित अध्ययन के अनुसार यदि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 2021 के अंत तक 40 प्रतिशत टीकाकरण कवरेज का लक्ष्य पूरा कर लिया होता, तो अतिरिक्त छह लाख मौतों को रोका जा सकता था।

अध्ययन के मुताबिक 1.98 करोड़ लोगों की जान बच गई। यह परिणाम इस अनुमान पर आधारित है कि समय अवधि के दौरान सामान्य से कितनी अधिक मौतें हुईं। कोविड-19 के सामने आए मौतों के हिसाब से उसी मॉडल के तहत टीकों की बदौलत 1.44 करोड़ लोगों की जान बच गई। लंदन के वैज्ञानिकों ने चीन को इस अध्ययन में शामिल नहीं किया क्योंकि वहां पर कोविड-19 से हुई मौतों और उसकी विशाल आबादी पर महामारी के प्रभाव के बारे में सटीक जानकारी नहीं है।


अध्ययन में उन पहलुओं को शामिल नहीं किया गया कि लॉकडाउन या मास्क पहनने के नियमों की वजह से कितने लोगों की जान बचाने में सफलता मिली। मॉडल आधारित एक अन्य शोध समूह का अनुमान है कि टीकों द्वारा 1.63 करोड़ मौतों को टाला गया। सिएटल केइंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशनका यह अध्ययन प्रकाशित नहीं हुआ है। सिएटल स्थित संस्थान से जुड़े अली मोकदाद ने कहा कि जब मामले बढ़ते हैं तो ज्यादा लोग मास्क पहनते हैं। उन्होंने कहा कि टीके के अभाव में 2021 में डेल्टा लहर तेजी से फैली थी। मोकदाद ने कहा, हम वैज्ञानिक के तौर पर संख्या को लेकर असहमत हो सकते हैं, लेकिन हम सभी सहमत हैं कि कोविड टीकों ने बहुत लोगों की जान बचाई।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 01 August 2026
ढाका: बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान ने कहा कि एक देश के साथ रिश्ते बेहतर होने का मतलब यह नहीं है कि दूसरे देश के साथ रिश्ते खराब…
 01 August 2026
मॉस्को/नई दिल्ली: भारत बिजली की रफ्तार से 'फ्यूचर रेडी कॉम्बैट व्हीकल' (FRCV) और 'फ्यूचर मेन बैटल टैंक' (FMBT) प्रोग्राम के तहत अपने खुद के बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों का तेजी से…
 01 August 2026
मैड्रिड: स्पेन ने कहा है कि उत्तरी अफ्रीका के स्पेनिश इलाके सेउटा में अचानक आए प्रवासी संकट पर बहुत हद तक काबू कर लिया गया है। स्पेनिश अधिकारियों का कहना…
 01 August 2026
मास्‍को/नई दिल्‍ली/कीव: भारत और रूस के बीच दोस्‍ती सोवियत जमाने से ही दुनिया में एक मिसाल है। साल 1971 का बांग्‍लादेश युद्ध हो या भारत का परमाणु विस्‍फोट, रूस भारत…
 31 July 2026
ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में स्थित चीनी दूतावास में 'पीपुल्स लिबरेशन आर्मी' की स्थापना की 99वीं वर्षगांठ मनाया गया है। इस मौके पर एक कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें बांग्लादेश…
 31 July 2026
तेलअवीव/तेहरान: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेनई ने अपने पिता की अयातुल्‍ला की हत्‍या के बाद सत्‍ता तो संभाल ली है लेकिन उन्‍हें इस हमले के बाद किसी ने…
 31 July 2026
इस्लामाबाद: फारूक खान उर्फ कमांडर फारूक सुधन की पीओके में प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तानी रेंजर्स की गोलीबारी की चपेट में आने से मौत हो गई है। वो पहले पाकिस्तान के…
 31 July 2026
काठमांडू: नेपाल के दक्षिणपूर्वी तराई-मधेस क्षेत्रों जैसे कोशी और मधेस प्रांत में दो समुदायों के बीच हुई सांप्रदायिक झड़प के बाद हिंसा फैल गई है। ये क्षेत्र भारत की सीमा…
 31 July 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को दावा किया कि गाजा में हमास और इजराइल के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है। हमास और दूसरे सभी हथियारबंद संगठनों ने हथियार…
Advt.