यूक्रेन को अत्याधुनिक एम-270 मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर देगा ब्रिटेन : बेन वालेस

Updated on 06-06-2022 10:18 PM

लंदन ब्रिटेन ने यूक्रेन को अत्याधुनिक एम-270 रॉकेट लॉन्चर देने का ऐलान किया है। इस रॉकेट लॉन्चर की प्रभावी फायरिंग रेंज 80 किलोमीटर बताई जा रही है। ब्रिटेन ने रूस के साथ युद्ध की शुरुआत से ही यूक्रेन की मदद की है। इसी साल मार्च में ब्रिटेन ने यूक्रेन को एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइलों का जखीरा भेजा था।

ब्रिटेन के रक्षा मंत्री बेन वालेस ने कहा कि यूक्रेन के लिए ब्रिटेन का समर्थन जारी रहेगा। कुछ दिन पहले अमेरिका ने भी यूक्रेन को हार्पून एंटी शिप मिसाइल और एम142 हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम देने का ऐलान किया था।


ब्रिटेन के रक्षा मंत्री बेन वालेस ने कहा ये अत्यधिक सक्षम मल्टीपल-लॉन्च रॉकेट सिस्टम हमारे यूक्रेनी दोस्तों को लंबी दूरी की आर्टिलरी के खिलाफ खुद को बेहतर ढंग से बचाने में सक्षम बनाएंगे। इन आर्टिलरी का इस्तेमाल रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सेना ने अंधाधुंध तरीके से यूक्रेनी शहरों को बर्बाद करने के लिए किया है। ब्रिटेन ने कहा यूक्रेनी सैनिकों को नए लॉन्चरों का उपयोग करने के तरीके के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा। वर्तमान में ब्रिटिश सेना यूक्रेनी सैनिकों को बख्तरबंद वाहनों का उपयोग करने के लिए प्रशिक्षित कर रही है।


कुछ दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि वाशिंगटन यूक्रेन को एम-142 हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम की आपूर्ति करेगा। दरअसल, यूक्रेन ने अमेरिका को आश्वासन दिया है कि इन हथियारों का इस्तेमाल रूस के अंदर हमले करने के लिए नहीं किया जाएगा।

वहीं, व्लादिमीर पुतिन ने कहा यूक्रेन को अमेरिकी हथियारों की खेप कोई नहीं बात नहीं है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिका ने हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम के लिए लंबी दूरी के हथियारों की आपूर्ति की तो इसकी प्रतिक्रिया दी जाएगी।


एम-270 मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम एक अमेरिकी आर्मर्ड, सेल्फ प्रोपेल्ड, मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर है। सबसे पहले पहले एम-270 को 1983 में अमेरिकी सेना को दिया गया था। बाद मे इस हथियार का इस्तेमाल नाटो देश भी करने लगे। अमेरिका और यूरोप में एम-270 सिस्टम के 1,300 से अधिक यूनिट का निर्माण किया जा चुका है। इसके लिए 700,000 रॉकेट भी बनाए गए हैं।

 एम-270 रॉकेट लॉन्चर के तीन वेरिएंट बनाए गए हैं। इनमें से पहला एम-26 की प्रभावी रेंज 32 किलोमीटर है। दूसरा, एम 261/2 45 किलोमीटर तक मार कर सकता है। वहीं, तीसरा एम30/31 की रेंज 70 से 80 किलोमीटर की बताई जा रही है। इस सिस्टम के अलग-अलग वेरिएंट को अमेरिका, ब्रिटेन, बहरीन, इजिप्ट, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, इजरायल, इटली, जापान, कतर, सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया और तुर्की ऑपरेट करते हैं।


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