यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की टाइम पर्सन ऑफ द इयर:मैगजीन ने ईरान की महिलाओं को हीरो ऑफ द इयर घोषित किया

Updated on 08-12-2022 06:16 PM

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमिर जेलेंस्की को टाइम मैगजीन ने पर्सन ऑफ द इयर 2022 चुना है। मैगजीन ने जेलेंस्की के साथ स्पिरिट ऑफ यूक्रेन को भी इसी कैटेगरी में जगह दी है। जेलेंस्की के बारे में मैगजीन ने कहा- यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कभी भी बड़ी ताकत के सामने हिम्मत नहीं हारी। जेलेंस्की रूस के हमले के खिलाफ यूक्रेन के विरोध का चेहरा बन गए। उनके मन में दुश्मन को लेकर कोई डर नहीं है। जेलेंस्की ने रूस की हरकत के खिलाफ दुनिया को भी एकजुट किया। इतना ताकतवर नेता कई साल में पहली बार देखा गया है।

पर्सन ऑफ द इयर बनने वालों की दौड़ में जो नाम आखिर तक पहुंचे, उनमें ईरान के हिजाब विरोधी आंदोलनकारी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, एलन मस्क और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट शामिल हैं। ईरान में हिजाब विरोधी आंदोलन कर रही महिलाओं को हीरो ऑफ द इयर घोषित किया गया है। 16 सितंबर को शुरू हुए आंदोलन में अब तक करीब 300 लोगों की मौत हो चुकी है।

जेलेंस्की पर आर्टिकल भी
मैगजीन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति पर एक स्पेशल आर्टिकल भी पब्लिश किया गया है। इसमें बताया गया है कि 24 फरवरी को जंग शुरू होने के बाद वो हर दिन कितनी मुश्किलों का सामना करते हैं। इसमें जेलेंस्की के एक सिक्योरिटी अफसर के हवाले से बताया गया है कि वो हमेशा सफर के लिए तैयार होते हैं। ये भी तय नहीं होता कि उनका ठिकाना कहां होगा।

फरवरी में जंग शुरू होने के बाद रूस अब तक सिर्फ खेरसॉन पर ही कब्जा कर पाया है। अब तो यूक्रेन की फौज ने इस प्रॉविंस कैपिटल को भी आजाद करा लिया है। जेलेंस्की बहुत जल्द इस खेरसॉन शहर का दौरा करने वाले हैं।

बॉडीगार्ड्स हमेशा साथ
रूस ने यूक्रेन के कई शहरों को तबाह कर दिया है। इलेक्सिट्री और वॉटर सप्लाई जैसी जरूरी चीजें भी मुहैया नहीं हैं। सरकार की अहम इमारतें भी काफी हद तक तबाह हो चुकी हैं, लेकिन जेलेंस्की अपने बॉडीगार्ड्स के साथ करीब-करीब हर जगह जाते हैं।

रूसी एजेंट्स जेलेंस्की पर पैनी नजर रखने की कोशिश करते हैं, लेकिन अब तक वो कुछ नहीं कर पाए। बहुत मुमकिन है कि रूसी फौज जेलेंस्की को गिरफ्तार करना चाहती हो, लेकिन अब तक उसे कामयाबी नहीं मिली।

पर्सन ऑफ द इयर के बारे में कुछ खास बातें

  • 1927 में पहली बार यह टाइम पर्सन ऑफ द इयर चुना गया। इनका नाम था चार्ल्स लिंडबर्ग। चार्ल्स की उम्र उस वक्त महज 25 साल थी। सबसे कम उम्र में टाइम पर्सन ऑफ द इयर बनने का यह रिकॉर्ड अब तक कायम है।
  • कई मशहूर शख्सियतें ऐसी हैं जिन्हें टाइम ने दो बार पर्सन ऑफ द इयर चुना। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति इकलौती ऐसी शख्सियत हैं जिन्हें तीन बार पर्सन ऑफ द इयर चुना जा चुका है। 1932, 1934, और 1941 यह साल थे।
  • टाइम पर्सन ऑफ द इयर किसी को भी चुना जा सकता है। जरूरी नहीं कि वो अच्छे कामों के लिए ही मशहूर हो। मसलन 1938 में एडोल्फ हिटलर को चुना गया था। कवर पेज पर हिटलर की तस्वीर के ऊपर लटकते शव दिखाए गए थे।
  • सोवियत दौर के नेता जोसेफ स्टालिन को 20 से 60 लाख लोगों की मौत का जिम्मेदार माना जाता है, लेकिन उन्हें भी दो बार पर्सन ऑफ द इयर चुना गया।
  • 1966 में पहली बार 25 साल या इससे कम उम्र के लोगों की जनरेशन को पर्सन ऑफ द इयर चुना गया था।
  • 1982 में पहली बार किसी ऑब्जेक्ट यानी वस्तु को चुना गया था। यह था- कम्प्यूटर।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 05 August 2026
नई दिल्ली/रियाद: यमन के पास लाल सागर में भारतीय झंडे वाले एक व्यापारिक जहाज को मिसाइल या रॉकेट जैसे किसी प्रोजेक्टाइल से हमला कर डूबो दिया गया। इस जहाज का…
 05 August 2026
कीव: यूक्रेन ने रूस पर युद्ध अपराध का आरोप लगाया है। यह आरोप यूक्रेनी शहर खेरसॉन में एक ड्रोन से सब्जी बेचने वाले का पीछा करने और उसे घायल करने…
 05 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने एक बार फिर कश्मीर पर पुरानी बातों को दोहराया है। पाकिस्तानी सेना ने बुधवार को बयान जारी करते हुए कहा है कि वह कश्मीर के लोगों के…
 05 August 2026
वॉशिंगटन: भारत सरकार के फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट (FCRA) में बदलाव के प्रस्ताव की अमेरिकी कांग्रेसमैन राइली मूर ने आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ये सीधे-सीधे ईसाईयों को निशाना…
 05 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हो रहे प्रदर्शनों ने दुनिया का ध्यान खींचा है। पीओके में लग रहे आजादी के नारों से बौखलाए पाकिस्तानी नेता कश्मीरियों को अहसानफरामोश…
 01 August 2026
ढाका: बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान ने कहा कि एक देश के साथ रिश्ते बेहतर होने का मतलब यह नहीं है कि दूसरे देश के साथ रिश्ते खराब…
 01 August 2026
मॉस्को/नई दिल्ली: भारत बिजली की रफ्तार से 'फ्यूचर रेडी कॉम्बैट व्हीकल' (FRCV) और 'फ्यूचर मेन बैटल टैंक' (FMBT) प्रोग्राम के तहत अपने खुद के बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों का तेजी से…
 01 August 2026
मैड्रिड: स्पेन ने कहा है कि उत्तरी अफ्रीका के स्पेनिश इलाके सेउटा में अचानक आए प्रवासी संकट पर बहुत हद तक काबू कर लिया गया है। स्पेनिश अधिकारियों का कहना…
 01 August 2026
मास्‍को/नई दिल्‍ली/कीव: भारत और रूस के बीच दोस्‍ती सोवियत जमाने से ही दुनिया में एक मिसाल है। साल 1971 का बांग्‍लादेश युद्ध हो या भारत का परमाणु विस्‍फोट, रूस भारत…
Advt.