4 साल की कॉर्पोरेट नौकरी जो नहीं दे पाई, वो अपने काम ने दिया...10 करोड़ का टर्नओवर, 110 कर्मचारी

Updated on 03-11-2025 01:36 PM
नई दिल्‍ली: गाजियाबाद के असीम रावत की कहानी पारंपरिक भारतीय उद्यमिता और आत्मविश्वास की शानदार मिसाल है। 14 साल तक सफल सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करने के बावजूद असीम के मन में कुछ अधूरापन था। एक टीवी डिबेट ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। यह देसी गायों की क्षमताओं से जुड़ी थी। तभी उन्होंने ठान लिया कि वह साबित करेंगे कि भारतीय नस्ल की गायों के साथ भी सफल और लाभदायक डेयरी व्यवसाय चलाया जा सकता है। परिवार के संदेह और आईटी क्षेत्र की चकाचौंध को छोड़कर असीम ने देसी डेयरी फार्मिंग का एकदम नया और अनजान रास्ता चुना। 2015 में 'हेता ऑर्गेनिक' की नींव रखी। आज यह कंपनी 1,100 से अधिक गायों, 130 उत्पादों और 110 से ज्‍यादा कर्मचारियों के साथ 10 करोड़ रुपये का सालाना टर्नओवर हासिल कर रही है। यह सिर्फ एक व्यवसाय की सफलता नहीं, बल्कि स्वदेशी इनोवेशन और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने का उदाहरण है। आइए, यहां असीम रावत की सफलता के सफर के बारे जानते हैं।

नौकरी छोड़ने का लिया बड़ा फैसला

मूल रूप से गाजियाबाद के रहने वाले असीम रावत ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में 14 साल तक सफलतापूर्वक काम किया। अच्छी सैलरी वाली नौकरी के बावजूद उन्हें जीवन में एक उद्देश्य की कमी महसूस होती थी। उनके जीवन में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब एक टीवी कार्यक्रम ने उनकी सोच को झकझोर दिया। इस डिबेट में देसी गायों को डेयरी के लिए अनुपयुक्त बताया गया, जो उनकी बचपन की धारणाओं के उलट था। यह सुनकर असीम ने यह साबित करने का फैसला किया कि देसी गायों पर आधारित लाभदायक व्यवसाय मॉडल खड़ा किया जा सकता है। इस जोखिम भरे फैसले ने उनके परिवार को चिंतित कर दिया। लेकिन, असीम ने हार नहीं मानी और आईटी की आकर्षक दुनिया को छोड़कर डेयरी फार्मिंग की राह चुनी।

बहुत छोटी थी शुरुआत

दिसंबर 2015 में 'स्टार्टअप इंडिया' पहल की घोषणा से ठीक पहले असीम ने हेता ऑर्गेनिक की स्थापना की। उनका मुख्य उद्देश्य देसी गायों को बढ़ावा देना, शुद्ध औषधीय डेयरी उत्पाद बनाना और भारतीय कृषि परंपरा को सफल व्यवसाय में बदलना था। अपनी योजना को जमीन पर उतारने से पहले असीम ने पूरे भारत की यात्रा की। लेकिन, उन्हें देसी गायों पर आधारित कोई सफल व्यावसायिक मॉडल नहीं मिला। ज्‍यादातर डेयरियां हाइब्रिड नस्लों पर निर्भर थीं। निराशा के बावजूद असीम ने खुद प्रयोग करने और जोखिम लेने का फैसला किया। उन्होंने शुरुआत में दो देसी गायें खरीदीं और अपने मॉडल का निर्माण शुरू किया। आज हेता ऑर्गेनिक विशेष रूप से गिर, थारपरकर, साहिवाल और बद्री जैसी चार भारतीय नस्लों पर काम करती है। इन्‍हें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में पांच फार्म डेस्टिनेशन पर पाला जाता है।

कई चुनौतियों का किया सामना

हेता ऑर्गेनिक की शुरुआत आसान नहीं थी। असीम को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इनमें नौकरी छोड़ने के बाद वित्तीय दबाव, कुशल कर्मचारियों को खोजना और उन्हें प्रशिक्षित करना शामिल था। सबसे बड़ी चुनौती थी ग्राहकों को यह समझाना कि देसी गाय के उत्पादों के स्वास्थ्य लाभों के कारण वह कीमत में थोड़े अधिक क्यों हैं। हालांकि, असीम ने अपने दृढ़ संकल्प और धैर्य से इन सभी कठिनाइयों को पार किया। आज उनकी कंपनी 130 से ज्‍यादा प्राकृतिक उत्पादों का निर्माण करती है। इनमें घी, दूध और अन्य डेयरी उत्पाद शामिल हैं। इन उत्पादों की बिक्री उनकी अपनी वेबसाइट के अलावा अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी प्रमुख ई-कॉमर्स साइटों पर भी होती है। इससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।

अब करोड़ों का साम्राज्‍य

असीम रावत का यह उद्यम अब एक सफल कहानी बन चुका है। आज इसका सालाना टर्नओवर 10 करोड़ रुपये से ज्‍यादा है। इसमें 110 से ज्‍यादा कर्मचारी काम करते हैं। यह केवल एक आर्थिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि ग्रामीण रोजगार और कृषि-आधारित उद्योग को बढ़ावा देने का एक सशक्त उदाहरण है। उनकी दूरदर्शिता और सफलता को राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार सहित कई राज्य और राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। असीम का भविष्य का टारगेट देसी गायों की संख्या बढ़ाना और अपने उत्पाद रेंज में अधिक नस्लों को शामिल करना है। असीम रावत ने यह सिद्ध कर दिया है कि भारत की परंपरा और स्वदेशी शक्ति में विश्वास रखकर आधुनिक व्यावसायिक सफलता प्राप्त करना संभव है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 22 June 2026
नई दिल्ली: आपके घर में रखा सोना क्या देश की अर्थव्यवस्था में बड़ी रुकावट बन रहा है? सीए नितिन कौशिक का मानना कुछ ऐसा ही है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म…
 22 June 2026
नई दिल्‍ली: एनर्जी मार्केट में होर्मुज स्‍ट्रेट दोबारा सुर्खियों में है। स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है। इसके बावजूद इस संकरे जलमार्ग से होने वाली आवाजाही…
 22 June 2026
नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच जल सुरक्षा को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को सीधी सैन्य कार्रवाई की…
 22 June 2026
नई दिल्ली: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास फंसे उर्वरक से लदे 16 मालवाहक जहाजों में से करीब 10 से 12 जहाज इस जलमार्ग को पार करने में सफल…
 20 June 2026
मुंबई: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) में इस बार तगड़ी वाली गिरावट देखी गई है। एक ही सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार से करीब 10 अरब डॉलर…
 20 June 2026
नई दिल्ली: थर्मल पावर प्लांट से निकली राख ( Fly Ash ) कभी पावर प्लांट के लिए सर दर्द का सबब था। लेकिन जबसे इसका उपयोग सड़क बनाने, सीमेंट या…
 20 June 2026
नई दिल्‍ली: साफ-सुथरी ऊर्जा की ओर दुनिया का झुकाव अब एक ज्‍यादा मुश्किल और अनिश्चित दौर में पहुंच रहा है। जियोपॉलिटिकल टेंशन, सप्लाई चेन में रुकावटें और एनर्जी सिक्‍योरिटी की…
 20 June 2026
नई दिल्ली: स्मार्टफोन और पैसेंजर वीकल्स की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण बड़ी संख्या में भारतीय कंस्यूमर्स अब रीफर्बिश्ड और सेकंड हैंड सामानों की ओर रुख कर रहे हैं। मोबाइल…
 19 June 2026
नई दिल्ली: एंप्लॉयीज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) के 7 करोड़ से अधिक सदस्य UPI और ATM के जरिए अपने पीएफ अकाउंट से फंड निकाल सकेंगे। सरकारी सूत्रों ने गुरुवार को…
Advt.