दक्षिण अफ्रीका पहुंचे शी जिनपिंग को सता रहा कौन सा डर ब्रिक्स बिजनेस फोरम में नहीं हुए शामिल

Updated on 23-08-2023 01:32 PM
जोहान्सबर्ग: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग मंगलवार को दक्षिण अफ्रीका में ब्रिक्स बिजनेस फोरम में उपस्थित नहीं हुए। उनके अलावा बाकी चार सदस्य देशों के राष्ट्र प्रमुखों के इस फोरम में शामिल होने की उम्मीद है। ब्रिक्स बिजनेस फोरम में जिनपिंग की जगह चीनी वाणिज्य मंत्री वांग वेन्ताओ शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान शी जिनपिंक के भाषण को पढ़ा, जिसमें अधिपत्य वाली आदतों को लेकर अमेरिका की आलोचना की गई थी। जिनपिंग के ब्रिक्स बिजनेस फोरम में शामिल न होने से कई सवाल उठ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि वह डूब रही चीनी अर्थव्यवस्था पर सवालों के जवाब से बचना चाहते थे। इतना ही नहीं, वह नहीं चाहते थे कि चीनी अर्थव्यवस्था को लेकर कोई उनसे सवाल पूछे।


डूब रही है चीनी अर्थव्यवस्था

चीनी अर्थव्यस्था चार दशक में अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। कोरोना महामारी और प्रापर्टी क्राइसिस ने चीन के आर्थिक हालात को और ज्यादा बिगाड़ दिया है। इसका असर अब चीन के फाइनेंशियल सेक्टर पर देखने को मिल रहा है। लोग कर्ज की किश्त चुकाने से चूक रहे हैं। दूसरी ओर चीन का रियल एस्टेट सेक्टर एकदम से गिर गया है। चीनी अर्थव्यवस्था ने अतीत में महत्वपूर्ण चुनौतियों पर काबू पाया है, लेकिन वर्तमान में उसे जिन आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ रहा है उनमें एक के साथ दूसरी जुड़ी हुई हैं। बताया जा रहा है कि वर्षों से प्रॉपर्टी के क्षेत्र पर चीन की अत्याधिक निर्भरता और उसकी सख्त कोविड नीति ने आर्थिक वृद्धि में सबसे ज्यादा बाधा डाली है।

ब्रिक्स में चीन ने अमेरिका पर साधा निशाना


जोहान्सबर्ग के सैंडटन कन्वेंशन सेंटर में वांग के पढ़े भाषण में शी जिनपिंग ने कहा कि अमेरिका उन देसों से लड़ने की प्रवृति रखता है तो वैश्विक और वित्तीय बाजारों में उसके प्रभुत्व को खतरे में डालते हैं। भाषण में कहा गया है कि हर देश को विकास का अधिकार है और लोगों को खुशहाल जीवन जीने की आजादी होनी चाहिए। लेकिन एक देश (अमेरिका) अधिपत्य बनाए रखने के जुनून पर सवार है, जो उभरते बाजारों और विकासशील देशों को पंगु बनाने के अपने रास्ते पर चल रहा है। शी ने कहा कि जो कोई भी पहले विकसित होता है वह रोकथाम का लक्ष्य बन जाता है। जो कोई भी पकड़ बना रहा है वह बाधा का लक्ष्य बन जाता है।

सोमवार को दक्षिण अफ्रीका पहुंचे थे जिनपिंग


शी जिनपिंग सोमवार शाम क दो दक्षिण अफ्रीका पहुंचे थे, लेकिन वे बिजनेस फोरम में उपस्थित नहीं हुए। चीन की ओर से शी जिनपिंग के न पहुंचने पर कोई स्पष्टीकरण भी नहीं दिया गया है। जर्मन मार्शल फंड में इंडो-पैसिफिक कार्यक्रम के प्रबंध निदेशक बोनी ग्लेसर ने आश्चर्य जताया कि क्या उनकी अनुपस्थिति का मतलब कुछ गलत है। इससे पहले दिन में, शी ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा से मुलाकात की और उनके मेजबान द्वारा आयोजित शाम के रात्रिभोज में शामिल होने की उम्मीद थी। ब्रिक्स अग्रणी उभरते बाजारों और विकासशील देशों का एक समूह है जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित 30 से अधिक अन्य राष्ट्राध्यक्ष और वैश्विक संगठनों के नेता इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 11 August 2026
माले/इस्लामाबाद: मालदीव अपनी कमजोर अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए दक्षिण एशियाई देशों के संगठन 'सार्क' को फिर से शुरू करने की कोशिशें कर रहा है लेकिन उसके सारे दांव नाकाम…
 11 August 2026
मॉस्को/कीव: रूसी वायुसेना ने 4-5 अगस्त की रात को यूक्रेन पर 24 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। यूक्रेनी वायु सेना ने इन मिसाइलों को 'इस्कंदर-M/S-400' कैटेगरी में रखा है। इसका…
 11 August 2026
लंदन: सूडान में चल रहे नरसंहार को लेकर दुबई के शासक को लंदन की सड़कों पर घेर लिया गया। मोहम्मद बिन राशिद अल-मकतूम जो दुबई के शासक होने के साथ…
 11 August 2026
वॉशिंगटन/अंकारा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पिछले महीने NATO शिखर सम्मेलन के बाद बेहद सीक्रेट तरीके से एक मिलिट्री विमान के जरिए तुर्की से बाहर निकाला गया था। अमेरिकी सीक्रेट…
 11 August 2026
काठमांडू: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है कि 1816 की वह मूल सुगौली संधि नहीं मिल रही है जिसने ब्रिटिश भारत के साथ उसकी सीमा तय की…
 11 August 2026
तेल अवीव: सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए डिफेंस पैक्ट के बाद इजरायली डिफेंस सर्किल में भारत को 'इंश्योरेंस पॉलिसी' की तरह देखा जा रहा है। इजरायल में…
 10 August 2026
ढाका: भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से सोमवार को मुलाकात की है। बांग्लादेश का उच्चायुक्त नियुक्त होने के बाद त्रिवेदी की बांग्लादेश के प्रधानमंत्री…
 10 August 2026
तेल अवीव: सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए 'मक्का समझौते' के बाद इजरायल का मानना है कि इस समझौते के बाद उसके भारत से संबंध और मजबूत होंगे।…
 10 August 2026
ढाका: बांग्लादेश में हो रहे अहम घटनाक्रम के बीच भारत के चार सुरक्षा अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचा है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल बांग्लादेशी सेना की खुफिया एजेंसी डॉयरेक्टरेट जनरल ऑफ…
Advt.