तेल अवीव: इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने कहा है कि वह ईरान में अपने अभियान पूरी तरह से नहीं रोकेगी। मोसाद डायरेक्टर डेविड बार्निया ने मंगलवार को यह बात कही है। उन्होंने कहा कि इजरायल की इंटेलिजेंस एजेंसी ने ईरान में अपना अभियान जारी रखने के पक्ष में थी क्योंकि वह तेहरान में सत्ता परिवर्तन से कम कुछ नहीं चाहती है। इजरायल की ओर से यह बयान ना सिर्फ दुनिया बल्कि उसके सहयोगी अमेरिका के लिए भी चुनौती की तरह है क्योंकि ट्रंप प्रशासन बतचीत के जरिए ईरान में युद्ध खत्म करने की कोशिश में लगा है।तुर्की टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, डेविड से सवाल किया गया था कि ऐसी रिपोर्ट आई हैं, जो कहती हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को यह कहकर गुमराह किया था कि सैन्य हमले शुरू होते ही ईरानी सरकार गिर जाएगी। उन्होंने कहा कि ये बातें ठीक नहीं हैं और तेहरान में शासन बदलने तक हमारा मिशन जारी है।'ईरान के कट्टरपंथी शासन को बदला जाएगा'
बार्निया ने कहा कि 28 फरवरी से शुरू होकर 8 अप्रैल तक चली चालीस दिनों की जोरदार लड़ाई में इजरायल को कई कामयाबी मिली हैं। इस लड़ाई में इजरायल ने दुश्मन को कमजोर किया है। हालांकि ये सच है कि हमारा मिशन अभी पूरा नहीं हुआ है। तेहरान में इस्लामिक शासन की मौजूदगी तक मिशन पूरा नहीं होगा।डेविड बार्निया ने आगे कहा, 'हमने यह नहीं सोचा था कि लड़ाई शांत होते ही मिशन पूरा हो जाएगा। हमने निश्चित रूप से अपने अभियान को जारी रखने और तेहरान में हमलों के बाद के दौर में भी इसे जारी रखने की योजना बनाई थी। हमारी प्रतिबद्धता तभी पूरी होगी जब इस कट्टरपंथी शासन को बदल दिया जाएगा।'
तेहरान पर हमलों में मोसाद की भूमिका
बार्निया ने दावा किया कि मोसाद ने 28 फरवरी को तेहरान में हुए हमले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बार्निया ने कहा कि इजरायली सेना ने अटैक का नेतृत्व किया और मोसाद ने इसमें मदद की। 28 फरवरी के इजरायल-अमेरिका गठबंधन के तेहरान पर हमले में ईरान के उस समय के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत कई बड़े नेता मारे गए थे।इजरायल और ईरान के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही है। इजरायल और अमेरिका ने बीते साल जून में ईरान पर हवाई हमले किए थे। उस समय 12 दिन तक लड़ाई चली थी। इसके बाद इस साल 28 फरवरी से एक बार फिर इजरायल और अमेरिका ने जंग छेड़ते हुए ईरान में भीषण बमबारी की है।
लड़ाई जारी रखेगा इजरायल!
ईरान, इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में भारी तबाही के बाद 8 अप्रैल को दो हफ्ते की जंगबंदी हुई है। अमेरिका और ईरान बातचीत के जरिए सीजफायर समझौते का संकेत दे रहे हैं। वहीं इजरायल की ओर से लगातार ऐसे बयान आ रहे हैं, जिनसे लगता है कि वग युद्ध रोकने के पक्ष में नहीं है और लड़ाई को जारी रखेगा।