क्यों कार्तिक त्यागी को 2 बीमर गेंद डालने के बावजूद अंपायर ने करने दी गेंदबाजी? जानें IPL का नियम
Updated on
27-04-2026 05:48 PM
लखनऊ: इकाना क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल 2026 का सबसे रोमांचक मुकाबला लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइटराइडर्स के बीच खेला गया। इस मैच में सुपर ओवर भी हुआ, जो केकेआर ने जीत लिया। हालांकि इस मैच में केकेआर के तेज गेंदबाज कार्तिक त्यागी भी लाइमलाइट में रहे, जिन्होंने लखनऊ की पारी के आखिरी ओवर में दो लगातार बीमर गेंद डाली थीं। दोनों बॉल वेस्ट के ऊपर थीं और उन्हें नो बॉल दिया गया था।कार्तिक को लगातार दो नो बॉल डालने के बाद भी गेंदबाजी क्यों करने दी?
दरअसल, आखिरी ओवर में लखनऊ को जीतने के लिए 17 रन चाहिए थी। ऐसे में ओवर की दूसरी बॉल पर हिम्मत सिंह स्ट्राइक पर थे। कार्तिक ने वो गेंद बीमर डाली। उन्होंने वेस्ट से ऊपर गेंद फेंकी, जिसके चलते नो बॉल दी गई और लखनऊ को फ्री हिट मिल गई।इसके बाद अगली बॉल भी कार्तिक त्यागी ने हाई फुल टॉस डाली। इसको भी नो बॉल दिया गया और लखनऊ को एक और फ्री हिट मिल गई। आमतौर पर, इस तरह की लगातार 2 गेंद बल्लेबाज की सेफ्टी को लेकर सवाल उठाती हैं और गेंदबाज को गेंदबाजी करने से रोका भी जा सकता है।हालांकि, अंपायर ने तेज गेंदबाज कार्तिक त्यागी को इसके बाद भी बॉलिंग करने दी। इसकी वजह है कि अंपायर को वेस्ट हाइट से ऊपर दूसरी बॉल इतनी ज्यादा खतरनाक नहीं लगी, जिससे उन्हें बॉलिंग अटैक से हटाया जा सके। क्या कहते हैं आईपीएल के नियम?
अनुच्छेद 41.7.1: कोई भी गेंद जो पॉपिंग क्रीज पर सीधे खड़े स्ट्राइकर की कमर की ऊंचाई से ऊपर पिच किए बिना निकल जाती है, या निकल गई है, उसे अनुचित माना जाएगा। चाहे उससे शारीरिक चोट लगने की संभावना हो या न हो। यदि गेंदबाज ऐसी गेंद फेंकता है तो अंपायर तुरंत नो बॉल का ऐलान करेगा।
अनुच्छेद 41.7.2: अनुच्छेद 41.7.1 में परिभाषित किसी गेंद को फेंकना तब भी खतरनाक माना जाता है जब बॉलिंग एंड का अंपायर यह मानता है कि बल्लेबाज को चोट लगने का खतरा है। यह निर्णय लेते समय, अंपायर को बल्लेबाज द्वारा पहने गए किसी भी प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट को अनदेखा करना चाहिए और इन बातों का ध्यान रखना चाहिए गेंद की गति, ऊंचाई और दिशा, बल्लेबाज का कौशल और ऐसी गेंदों का बार-बार होना।