वर्ल्ड कप के वॉर्मअप मैचों का बनकर रह गया है मजाक, क्या टीमों को इनकी जरूरत भी है

Updated on 04-10-2023 02:00 PM
नई दिल्ली: आईसीसी के हर बड़े इवेंट से पहले वॉर्मअप मैचों का आयोजन होता है। इसका मुख्य उद्देश्य टीमों के लिए परिस्थिति समझना होता है। टीमें उस परिस्थिति में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को भांपने की कोशिश करती हैं। लेकिन वर्ल्ड कप 2023 के वॉर्मअप मैच मजाक से ज्यादा कुछ नहीं थे। मानों किसी का भी खेलने का मन नहीं हो। उन्हें जबरदस्ती मैदान पर भेजा गया था। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने तो वॉर्मअप मैच को लेकर यह तक कह दिया था कि हमारे लिए यहां हासिल करने को कुछ नहीं है। यह बस औपचारिकता ही है।

वॉर्नर और क्लासेन ने की बॉलिंग

ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर को खुद भी याद नहीं होगा कि उन्होंने आखिरी बार कब गेंदबाजी की होगी। पाकिस्तान के खिलाफ वॉर्मअप मैच में पैट कमिंस ने उन्हें बॉलिंग दी। पहले ओवर में उन्होंने 16 रन दिए। फिर भी कप्तान ने उन्हें दूसरा ओवर दिया। इसमें 25 रन पड़ गए। स्टीव स्मिथ ने 4 ओवर डाले। मार्नस लाबुशेन ने 9 ओवर बॉलिंग की। ये खिलाड़ी शायद ही पूरे वर्ल्ड कप के दौरान एक भी गेंद डालते दिखे। इसके अलावा साउथ अफ्रीका के विकेटकीपर हेनरिच क्लासेन ने एक गेंद को बल्लेबाज ही नहीं विकेटकीपर के ऊपर से फेंक दिया।

कई भारतीय खिलाड़ियों को मैच प्रैक्टिस की जरूरत

भारतीय टीम अच्छी लय में है। पिछले महीने ही एशिया कप जीता। उसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज को भी अपने नाम किया। लेकिन रविचंद्रन अश्विन के पास वनडे की मैच प्रैक्टिस नहीं है। अश्विन ने पिछले 6 साल में सिर्फ 4 वनडे खेले हैं। श्रेयस अय्यर और केएल राहुल ने चोट से वापसी के बाद अच्छा फॉर्म दिखाया है। लेकिन अभी भी उन्हें काफी मैच प्रैक्टिस की जरूरत है। अभ्यास मैच में खेलने से वर्ल्ड कप से पहले लगातार बैटिंग करने से यह खिलाड़ी बेहतर लय में हो सकते थे।

क्यों प्रैक्टिस मैच को सीरियस नहीं लेती टीमें?

वर्ल्ड कप के प्रैक्टिस या वॉर्मअप मैच को सीरियस नहीं लेने के कई कारण हैं। इन मैचों का रिकॉर्ड इंटरनेशनल क्रिकेट में नहीं जुड़ता। मैच के दौरान एक समय 11 खिलाड़ी ही मैदान पर होते हैं लेकिन टीमें उनमें बदलाव कर सकती है। सभी 15 खिलाड़ी को खेलने का मौका मिलता है। इससे किसी भी टीम की ताकत और कमजोरी का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता क्योंकि नियमित मैच में तो 7 नंबर के बाद गेंदबाजों का आना शुरू हो जाता है। वहीं वॉर्मअप मैच में 9वें और 10वें नंबर पर भी प्रमुख बल्लेबाज उतरता है।

खिलाड़ियों को चोट से भी बचना है

वर्ल्ड कप से पहले कोई भी टीम नहीं चाहेगी कि उसका प्रमुख खिलाड़ी चोटिल हो जाए। खासकर तेज गेंदबाज। सभी का लक्ष्य खिलाड़ियों को चोट से बचाना होता है। यही वजह है कि महत्वपूर्ण खिलाड़ियों को कम ही मैदान पर उतारा जाता है। पाकिस्तान के पहले प्रैक्टिस मैच में तो शाहीन अफरीदी ने बॉलिंग भी नहीं की थी।

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