कुणाल कलावतिया एनपीसीआई के उत्पाद एवं विपणन प्रमुख से चर्चा में बताया यूपीआई एमडीआर से ग्राहकों और छोटे दुकानदारों पर कोई असर नहीं
प्रश्न 1. यूपीआई से दुकानदारों को होने वाले भुगतान पर कितना एमडीआर लागू होगा? _ ₹2,000 से अधिक के पात्र मर्चेंट भुगतान पर प्रति लेन-देन 0.4% एमडीआर लागू होगा। एक लेन-देन पर अधिकतम एमडीआर ₹300 होगा, जो ₹75,000 या उससे अधिक के लेन-देन पर लागू होगा। प्रश्न 2. क्या ग्राहकों को यूपीआई का इस्तेमाल करने के लिए कोई शुल्क देना होगा?_ नहीं। यूपीआई ग्राहकों के लिए पूरी तरह मुफ्त रहेगा। दोस्तों या परिवार को पैसे भेजने और सामान्य यूपीआई भुगतान पर ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। प्रश्न 3. क्या यूपीआई भुगतान स्वीकार करने वाले छोटे दुकानदारों और कारोबारियों से एमडीआर लिया जाएगा?_ नहीं। यूपीआई से अपने बैंक खाते में हर महीने ₹1 लाख तक पाने वाले छोटे दुकानदारों और कारोबारियों पर कोई एमडीआर नहीं लगेगा। इससे छोटे कारोबार बिना किसी अतिरिक्त लागत के डिजिटल भुगतान स्वीकार कर सकेंगे। प्रश्न 4. ₹2,000 को लेकर भ्रम है कि यह एमडीआर-मुक्त यूपीआई भुगतान की दैनिक सीमा है। _ नहीं। ₹2,000 की सीमा हर एक यूपीआई लेन-देन पर लागू होती है, पूरे दिन के कुल भुगतान पर नहीं। उदाहरण के लिए, कोई दुकानदार एक दिन में ₹1,500 के कई भुगतान ले सकता है। हर लेन-देन ₹2,000 से कम होने के कारण उन पर कोई एमडीआर नहीं लगेगा। प्रश्न 5. क्या कुछ खास श्रेणियों के लिए एमडीआर की दर अलग होगी? _ हां। शिक्षा, रेलवे, टेलीकॉम, बीमा और ईंधन जैसे क्षेत्रों में ₹2,000 से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.4% की जगह प्रति लेन-देन ₹5 का तय एमडीआर लगेगा। इससे इन क्षेत्रों में शुल्क कम और पहले से तय रहेगा। प्रश्न 6. वसूले गए एमडीआर की 5% राशि का इस्तेमाल छोटे दुकानदारों की मदद के लिए कैसे किया जाएगा? _ छोटे दुकानदारों को डिजिटल भुगतान अपनाने में मदद के लिए एक विशेष फंड बनाया जाएगा। इस फंड से छोटे शहरों और कस्बों में डिजिटल भुगतान का बुनियादी ढांचा बढ़ाने और छोटे कारोबारियों के बीच यूपीआई की पहुंच बढ़ाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।