
मैहर से भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी ने एक बार फिर व्यवस्था और सरकार पर सवाल उठाए हैं। नारायण ने चुनाव की निष्पक्षता पर उंगलियां उठाते हुए निर्वाचन आयोग को भी धिक्कारा है। उन्होंने वोट के लिए शराब, कपड़े और रुपए बांटने की मैहर नगर पालिका क्षेत्र में हुईं घटनाओं का जिक्र किया है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन पर उंगली उठाते हुए आरोप लगाया कि कानून और सिस्टम सिर्फ गरीब प्रत्याशियों के लिए है, धनाढ्यों के लिए नहीं।
अधिकारी कर्मचारी भाजपा का कर रहे प्रचार
मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने मैहर नगर पालिका क्षेत्र में चल रहे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक नारायण ने कहा कि अब तो चुनाव कराने ही नहीं चाहिए। जिस तरह सदन में हार की जीत हुई उसी तरह का अंधी सिस्टम लागू कर देना चाहिए। मैहर में अधिकारी-कर्मचारी दल विशेष का प्रचार प्रसार कर रहे हैं। छोटे कर्मचारी से लेकर बड़े अधिकारी तक भाजपा को वोट दिलाते दिख रहे हैं। नारायण ने कहा कि मेरा भाजपा से विरोध नहीं है। मैं भाजपा का एमएलए हूं, लेकिन यह स्थिति अच्छी नही है। इससे तकलीफ होती है, इसे बंद होना चाहिए।
प्रदेश में हुए सत्ता परिवर्तन के बहाने साधा निशाना
नारायण ने मैहर के बहाने प्रदेश में हुए सत्ता परिवर्तन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस तरह सरकारें दो मिनट में गिराई और बनाई जा रही हैं, उसी तरह का सिस्टम पंचायतों और नगरीय निकायों में भी लागू है। प्रत्याशी चुनाव लड़ते रहेंगे और किसी दल विशेष को जिता दिया जाएगा। ऐसा न हो, अगर मैहर में ऐसा हुआ तो बहुत बुरा होगा।
गरीब प्रत्याशी की नहीं हो रही सुनवाई- विधायक
मैहर के चुनाव में शराब, पैसे और साड़ियां बांटे जाने की घटनाओं के वीडियो और अन्य प्रमाण सामने आने के बाद भी कार्रवाई न होने पर विधायक नारायण ने कहा कि जब कोई गरीब प्रत्याशी ऐसे मामले पकड़ता है तो कोई सुनवाई नहीं होती है। धनाढ्य प्रत्याशी शराब, पैसे, कपड़े बांटे और प्रशासन उनका सहयोग करे तो निर्वाचन आयोग को भी धिक्कार है। ऐसी निर्वाचन प्रक्रिया में हिंदुस्तान-मप्र की जनता को भाग ही नहीं लेना चाहिए। जब जीत का प्रमाण पत्र देना फिक्स है, तो इतने बड़े सिस्टम को चलाने, चुनाव कराने का कोई औचित्य ही नहीं है।