
इंदौर। इस मई में इंदौर एक अद्वितीय सांस्कृतिक और ऐतिहासिक उत्सव का साक्षी बनने जा रहा है। शिवशाही महानाट्य — एक भव्य ऐतिहासिक मेगा नाटक — छत्रपति शिवाजी महाराज के अदम्य साहस, दूरदर्शिता और बलिदान की अनसुनी कहानियों को जीवंत करेगा। यह आयोजन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि स्वराज्य, शौर्य और हिंदू गौरव को समर्पित एक सांस्कृतिक आंदोलन है। यह महानाट्य इंदौर में संस्था शिवराय के बैनर तले 27 से 31 मई 2026 तक इंदौर के दशहरा मैदान में रोजाना शाम 7 बजे होगा।
संस्था शिवराय के संस्थापक सदस्य और आयोजन समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र अड़सुले ने कहा कि “शिवशाही महानाट्य केवल एक नाट्य प्रस्तुति नहीं है, यह हमारी सांस्कृतिक चेतना का पुनर्जागरण है। हिंदवी स्वराज्य संस्थापक श्री छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों को जन- जन तक विशेषकर युवा पीढ़ी तक प्रसारित करने के उद्देश्य से महानाट्य शिवशाही का आयोजन किया जा रहा है। छत्रपति शिवाजी महाराज की गाथाएँ हमें यह याद दिलाती हैं कि स्वराज्य और आत्मसम्मान ही हमारी सबसे बड़ी धरोहर हैं।”
लेखक, निर्देशक और निर्माता महेंद्र वसंतराव महाडिक तथा सह-निर्माता रोशन राजेंद्र महाडिक द्वारा साकार किया गया यह प्रोजेक्ट इतिहास को पाठ्यपुस्तकों से परे ले जाकर दर्शकों के हृदय तक पहुँचाता है। भव्य सेट, राजसी परिधान, दमदार अभिनय और आत्मा को छू लेने वाला संगीत इस नाटक को एक अद्वितीय अनुभव बनाते हैं।
संस्था शिवराय के संस्थापक सदस्य और आयोजन समिति के सचिव रुचिर भोंसले ने कहा - “इतिहास को जीवंत करने का यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। यह नाटक दर्शकों को केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि गर्व और जिम्मेदारी का भाव भी देगा।”
इस महानाट्य की सबसे बड़ी विशेषता इसका पैमाना और प्रस्तुति है। इसमें 250 शिवप्रेमी कलाकारों की भागीदारी है, जिनमें टीवी और फिल्म जगत के कलाकार भी शामिल हैं। घोड़े, ऊँट और बैलगाड़ियों का वास्तविक उपयोग, मराठी लोककलाओं का अद्भुत प्रदर्शन, पालखी और भव्य राजाभिषेक समारोह, मराठों और पठानों के बीच भीषण युद्ध दृश्य, तोपों की गड़गड़ाहट और अग्निबाणों की वर्षा दर्शकों को इतिहास की उस धड़कन तक ले जाती है जहाँ स्वराज्य का सपना साकार हुआ था। 120 फीट लंबा, 80 फीट चौड़ा और पाँच मंज़िला किले का भव्य प्रतिरूप, 18 फीट लंबे जहाज़ पर शिवाजी महाराज का कोंकण विजय अभियान, 5.1 सराउंड साउंड, आतिशबाज़ी और विद्युत प्रकाश व्यवस्था इस नाटक को एक अद्वितीय दृश्य अनुभव बनाते हैं।
संस्था शिवराय के संस्थापक सदस्य और आयोजन समिति के उपाध्यक्ष हेमंत मुरमरकर ने कहा “दशहरा मैदान पर प्रस्तुत होने वाला यह महानाट्य इंदौर के सांस्कृतिक परिदृश्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। यह आयोजन मराठी गौरव और भारतीय विरासत का अद्वितीय संगम है।”
शिवशाही महानाट्य महाराष्ट्र और गोवा के शहरों में अपार सराहना प्राप्त कर चुका है। पुणे, नागपुर, रत्नागिरी, नवी मुंबई, परभणी और परली जैसे शहरों में इसे हज़ारों दर्शकों ने देखा और सराहा। दर्शकों ने इसकी भव्यता, कहानी कहने की शैली और दमदार अभिनय की प्रशंसा की है। अब इंदौर में यह महानाट्य दर्शकों को इतिहास से जोड़ने और सांस्कृतिक गौरव का अनुभव कराने जा रहा है।
27 से 31 मई 2026 तक इंदौर के दशहरा मैदान में होने वाला शिवशाही महानाट्य दर्शकों को इतिहास का ऐसा अनुभव देगा जो उन्होंने पहले कभी नहीं देखा होगा। यह आयोजन केवल एक नाटक नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक यात्रा है जो स्वराज्य, शौर्य और भारतीय गौरव को पुनः जीवित करती है।