ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग पर खालिस्तानियों का हमला, तिरंगे का किया अपमान, ब्रिटिश राजनयिक तलब

Updated on 20-03-2023 07:10 PM
लंदन: पंजाब में खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के खिलाफ जारी कार्रवाई के बीच ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग पर हमला हुआ है। खालिस्तानी हमलावरों ने इस दौरान तिरंगे का अपमान किया। कुछ खालिस्तानियों ने उच्चायोग में तोड़फोड़ भी की है। इस घटना से नाराज भारत ने ब्रिटेन उच्चायोग के उप प्रमुख को तलब किया क्योंकि उच्चायुक्त एलेक्स एलिस दिल्ली से बाहर हैं। एलिस ने ट्वीट कर इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा है कि मैं लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग परिसर और वहां के लोगों के खिलाफ आज के घृणित कृत्यों की निंदा करता हूं। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। इस घटना के बाद भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इससे पहले भी ब्रिटेन में कई बार भारतीय उच्चायोग पर हमले हो चुके हैं। लेकिन, हर बार ब्रिटिश सरकार आंखें मूंद लेती है और हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान


इस घटना के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि लंदन में भारतीय उच्चायोग के खिलाफ अलगाववादी और चरमपंथी तत्वों द्वारा की गई कार्रवाई पर भारत के कड़े विरोध को व्यक्त करने के लिए आज देर शाम ब्रिटेन के वरिष्ठतम राजनयिक को तलब किया गया है। इस दौरान ब्रिटिश सुरक्षाकर्मियों की गैरमौजूदगी को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया, जिसने इन तत्वों को उच्चायोग परिसर में प्रवेश करने की अनुमति दी थी। ब्रिटेन में भारतीय राजनयिक परिसरों और कर्मियों की सुरक्षा के प्रति यूके सरकार की उदासीनता को भारत अस्वीकार्य मानता है।

ब्रिटेन में ताकतवर है खालिस्तानी लॉबी


पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर काम करने वाली खालिस्तानी लॉबी ब्रिटेन में काफी मजबूत है। पाकिस्तान के इशारे पर ये खालिस्तानी लंबे समय से भारतीय उच्चायोग को निशाना बनाते आए हैं। कई बार भारत विरोधी प्रदर्शनों में पाकिस्तानी नागरिकों के शामिल होने के सबूत भी सामने आ चुके हैं। ब्रिटिश सरकार इसे अभिव्यक्ति की आजादी मानती है। यही कारण है कि भारत के बार-बार कहने के बावजूद इन हमलावरों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती है। लेकिन, इस बार भारत ने ब्रिटिश उच्चायुक्त को तलब कर अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं।


कनाडा और अमेरिका में भी खालिस्तान समर्थक सक्रिय


ब्रिटेन के अलावा कनाडा और अमेरिका में भी अमृतपाल सिंह के समर्थक सक्रिय हो गए हैं। कनाडा के कई राजनेताओं ने ट्वीट कर अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। कुछ राजनेताओं ने तो भारत में मानवाधिकारों के हनन का भी आरोप लगाया है। अमेरिका के न्यूयॉर्क में अमृतपाल सिंह के समर्थन में रैली निकाली गई है। वहीं, खुद को संयुक्त राष्ट्र से जुड़े होने का दावा करने वाले एक सिख संगठन ने भी ट्वीट कर भारत के खिलाफ जमकर जगर उगला है।

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