गुजरात पद्धति पर होगी मध्यप्रदेश में प्राकृतिक खेती : मुख्यमंत्री श्री चौहान

Updated on 28-05-2022 05:42 PM

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कृषि की प्राचीन पद्धति प्राकृतिक कृषि, भूमि के प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखती है। इस तरह की कृषि में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग नहीं होता। इस नाते पर्यावरण के लिए अनुकूल और देसी गाय के गोबर और गौमूत्र पर आधारित प्राकृतिक कृषि को मध्यप्रदेश में बढ़ावा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नवगठित प्राकृतिक कृषि विकास बोर्ड की आज मंत्रालय में हुई पहली बैठक में कहा कि मध्यप्रदेश में प्राकृतिक कृषि से संबंधित कार्यों को गुजरात पैटर्न पर संचालित करें। गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत गत 13 अप्रैल को भोपाल आए थे और उन्होंने प्राकृतिक कृषि के महत्व के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी सार्वजनिक कार्यक्रम एवं कार्यशाला में दी थी। श्री आचार्य देवव्रत ने प्राकृतिक कृषि का सफल प्रयोग भी किया है। उनके द्वारा दिए गए मार्गदर्शन के अनुसार संपूर्ण कार्य-योजना लागू की जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक कृषि विकास योजना के प्रथम चरण के कार्यों को प्रारंभ किया जाए। हरियाणा और गुजरात राज्यों के बाद मध्यप्रदेश ने प्राकृतिक कृषि बोर्ड का गठन कर लिया है। मुख्यमंत्री इस बोर्ड के अध्यक्ष हैं।

वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा, कृषि मंत्री श्री कमल पटेल, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण राज्य मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह वर्चुअल रूप से शामिल हुए। मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव कृषि श्री अजीत केसरी, अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं पशुपालन श्री जे.एन. कंसोटिया एवं कृषि उत्पादन आयुक्त श्री शैलेंद्र सिंह और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों का प्राकृतिक कृषि के लिए पूर्व में पंजीयन के लिए आहवान किया गया था। इसके बाद किसानों की उत्साहजनक प्रतिक्रिया देखने को मिली। आगामी 31 मई तक प्राकृतिक कृषि के लिए जो कृषक गंभीर हैं उन्हें पंजीयन करवाने की सुविधा दी जाए। अब तक प्रदेश में करीब 25 हजार कृषकों ने प्राकृतिक कृषि में रुचि प्रदर्शित की है और इसके लिए पंजीयन भी करवा लिया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि कृषि विश्वविद्यालयों के स्तर पर प्राकृतिक कृषि को अनिवार्य किया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नर्मदा नदी के दोनों ओर 5 किलोमीटर क्षेत्र में प्राकृतिक कृषि को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने समयबद्ध कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए प्राकृतिक कृषि का कार्य प्रदेश के 5710 ग्रामों में प्रारंभ होगा। प्रथम चरण में प्रत्येक जिले में 100 ग्राम चयनित करने का लक्ष्य है। प्रेरक द्वारा 20-20 ग्राम चिन्हित कर दायित्व निभाया जाएगा। सर्वाधिक ग्राम इंदौर जिले में रहेंगे। इंदौर जिले के 610 ग्रामों में प्राकृतिक कृषि की तैयारी है। कृषि विभाग से आत्मा (एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी ) के जिला स्तरीय अमले का उपयोग प्राकृतिक कृषि के लिए किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अभी कुछ जिलों के कुछ ग्रामों में प्राकृतिक कृषि हो रही है। इनमें नर्मदापुरम और नरसिंहपुर जिले भी शामिल हैं। यहाँ हो रहे कार्य के अनुरूप अन्य ग्रामों तक प्राकृतिक कृषि का विस्तार करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्राकृतिक कृषि का प्रशिक्षण देने के लिए कार्य करने वाले प्रेरकों के लिए प्रशिक्षण शेड्यूल बनाएँ। आत्मा का स्टाफ इस कार्य में संलग्न करने संबंधी कार्रवाई भी पूर्ण की जाए।

10 लाख से अधिक ले चुके हैं प्रशिक्षण

भोपाल में शून्य बजट, प्राकृतिक कृषि पद्धति विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला में गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत के ज्ञान और अनुभव का लाभ उठाने के लिए प्रदेश के कृषि वैज्ञानिक, कृषि अर्थशास्त्री और किसान शामिल हुए थे। यह कार्यशाला 13 अप्रैल को हुई थी। प्रदेश में कुल 10.65 लाख प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण का लाभ वर्चुअली प्राप्त किया था। इसके बाद 18 से 20 मई को गुजरात सरकार ने मास्टर ट्रेनर्स की सहायता से मध्यप्रदेश के 52 जिलों में प्रशिक्षण शिविर लगाकर करीब 3 हजार अधिकारियों और कृषि विभाग के मैदानी अमले एवं 6 हजार 247 कृषकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया। बताया गया कि वर्तमान में 7.26 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक कृषि के लिए किसान आगे आए हैं। प्रत्येक जिले में प्रेरक मास्टर्स ट्रेनर्स की भूमिका निभाएंगे। मध्यप्रदेश में आगामी रबी सीजन से प्राकृतिक कृषि का रकबा निर्धारित किया जाएगा और किसानों को इसके लिए प्रेरित किया जाएगा।

प्राकृतिक कृषि देखने जाएंगे मध्यप्रदेश के जन-प्रतिनिधि और किसान

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश के जन-प्रतिनिधि, कृषक और संबंधित अधिकारी हरियाणा एवं गुजरात का भ्रमण कर प्राकृतिक कृषि के सफल प्रयोगों को देखेंगे। इन राज्यों के अलावा भी कहीं प्राकृतिक खेती हो रही है तो उसकी अध्ययन यात्रा की जाएगी। श्री आचार्य देवव्रत के कार्य के परिणाम सबके सामने हैं। उनका अनुसरण करना ही बेहतर है। भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति भारत सरकार से प्राप्त वित्तीय सहायता का उपयोग प्राकृतिक कृषि के विकास में किया जाएगा। विशेषज्ञों की सेवाएँ लेने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 13 August 2026
इंदौर की डिजाइन एजेंसी द कॉन्टेक्स्ट रूम, ने हाल ही में दुबई में आयोजित द मार्केटिंग सोसाइटी जीसीसी अवार्ड्स 2026 में मैगी स्पाइसी कैंपेन के लिए पहला स्थान हासिल किया है। 15…
 12 August 2026
इंदौर। 15 अगस्त सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि देश के इतिहास, आजादी और उससे जुड़ी भावनाओं को याद करने का दिन है। इस दिन शहर में कहीं तिरंगा…
 08 August 2026
इंदौर: इस रक्षाबंधन पर 5 से 15 वर्ष के बच्चों द्वारा बच्चों और परिवारों के लिए एक अनोखा उत्सव आयोजित किया जा रहा है। राखी किड्स बाज़ार रविवार 09 अगस्त…
 06 August 2026
भोपाल : भोपाल में कॉन्क्लेव डायमंड स्टेट्स , मध्य प्रदेश का सफल आयोजन किया। "अभ्युदय मध्य प्रदेश :विरासत से विकास, विकसित भारत की नई शक्ति" थीम पर आयोजित इस सम्मेलन…
 01 August 2026
इस फ्रेंडशिप डे (2 अगस्त) के अवसर पर एयरटेल ने अपने ग्राहकों के लिए दोस्ती का जश्न मनाने का एक नया और खास तरीका पेश किया है। अब एयरटेल ऐप के जरिए…
 01 August 2026
इंदौर। “सभ्य समाज और सशक्त राष्ट्र की नींव शिक्षा पर टिकी होती है और पुस्तकें उस नींव को मजबूती देने वाला सबसे सशक्त माध्यम हैं। जब समाज का जिम्मेदार नागरिक…
 24 July 2026
इंदौर। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार, 26 जुलाई, को डॉ. संदीप जुल्का के नेतृत्व में टीम हेल्थकेयर सोल्जर्स द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सुपर स्पेशियलिटी…
 18 July 2026
इंदौर: कबाब की खुशबू, दम बिरयानी का लज़ीज़ स्वाद और पारंपरिक करीज़ का असली जायका अब एक ही जगह पर मिलने वाला है। एसेंशिया लग्ज़री होटल इंदौर में 26 जुलाई…
 18 July 2026
भोपाल  आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (AESL), जो टेस्ट की तैयारी कराने वाली सर्विसेज़ में देश की लीडर है, ने गर्व के साथ बताया कि भोपाल में उसके क्लासरूम प्रोग्राम के अनेक…
Advt.