जल रहा पाकिस्तान, सेना से मोल ली दुश्मनी... जेल जाने से इमरान खान का फायदा होगा या नुकसान?

Updated on 11-05-2023 07:14 PM
इस्लामाबाद : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान इस वक्त जेल में हैं और पाकिस्तान सुलग रहा है। पाकिस्तान के लिए यह बिल्कुल नए तरह का संकट है। एक तरफ विपक्ष में बैठे इमरान हैं जो अपने समर्थकों की वहज से काफी मजबूत स्थिति में हैं। वहीं दूसरी तरफ शहबाज सरकार है जिसके साथ 'शक्तिशाली' सेना का साथ है। इस संकट की जड़ में इमरान खान और सेना के बीच की रार है जिसकी शुरुआत तब ही हो गई थी जब इमरान सत्ता में थे। बढ़ते-बढ़ते यह रार अब एक तरह की दुश्मनी में बदल चुकी है। 2018 में सेना की मदद से सत्ता में आने वाले इमरान अब उसी सेना से अपनी जान को खतरा बता रहे हैं। आने वाला समय पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सवाल यह है कि अब इमरान खान का क्या होगा?


इमरान खान का राजनीतिक पतन दो कारणों से हुआ। संसद के भीतर उनकी पार्टी ने गठबंधन सहयोगियों का समर्थन खो दिया था जिसकी वजह अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। लेकिन ज्यादा बड़ी वजह संसद के बाहर दिखाई पड़ती है। इमरान लगातार सेना का समर्थन खोते जा रहे थे जो पाकिस्तान में 'सबसे शक्तिशाली' है। यह वही सेना थी जिस पर विपक्ष ने 2018 के आम चुनाव में इमरान को जीतने में मदद करने का आरोप लगाया था।

इमरान और सेना का विवाद अभी भी जारी

वरिष्ठ सैन्य नियुक्तियों और नीतिगत फैसलों को लेकर इमरान और सेना के बीच का विवाद खुलकर सामने आ गया था। यह विवाद अभी भी जारी है। पिछले साल जब इमरान पर जानलेवा हमला हुआ तो वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों पर इसका आरोप लगाया। अपनी सुनवाई के लिए रवाना होने से पहले भी इमरान ने सेना पर हमला बोला और कुछ ही समय बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को सेना ने कहा कि इमरान की गिरफ्तारी के खिलाफ हुई हिंसा को देश के इतिहास में 'एक काले अध्याय' के रूप में याद किया जाएगा।

बढ़ सकती है रिमांड

सबसे अहम सवाल है कि अब आगे क्या? अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, एनएबी में वकील और पूर्व प्रोसेक्यूटर इमरान शरीफ ने कहा कि एनएबी के नियमों के अनुसार इमरान को अधिकतम 14 दिनों तक हिरासत में रखा जा सकता है। उन्होंने बताया, 'अदालत ने खान को आठ दिनों की रिमांड पर भेजा है। इसे और छह दिनों के लिए बढ़ाया जा सकता है। रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद इमरान जमानत मांग सकेंगे।

जेल जाने से इमरान को फायदा या नुकसान?

उन्होंने बताया कि फिजिकल रिमांड के बाद इमरान को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया जाएगा। न्यायिक हिरासत में वह जमानत की मांग कर सकते हैं जिस पर अदालत तय करेगी कि उन्हें जमानत दी जा सकती है या नहीं। अगर इमरान खान की रिमांड बढ़ती है तो पाकिस्तान में बवाल भी बढ़ सकता है। जानकार मानते हैं कि आगामी चुनाव को देखते हुए इमरान का जेल जाना उनकी राजनीति को फायदा पहुंचाएगा लेकिन अगर उन्हें लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा और इस दौरान शहबाज सरकार ने चुनाव करवाए तो पीटीआई को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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