राज्यसभा चुनाव: डरे हुए तो NDA के नेता भी थे, वोट अलॉटमेंट का हिसाब-किताब देख साफ पता लग रहा
Updated on
17-03-2026 12:52 PM
पटना: बिहार में राज्य सभा की पांचों सीटों पर जीत हासिल कर NDA के रणनीतिकार अपनी पीठ थपथपा सकते हैं, लेकिन एक सच यह भी है कि परिणाम की घोषणा के पहले अनजाने भय से सबसे ज्यादा सत्ता पक्ष के रणनीतिकार ग्रसित थे। परिणाम की घोषणा से पहले उन्हें भी आशंका थी कि कोई क्रॉस वोटिंग कर सकता है, किसी का वोट अमान्य भी हो सकता है या फिर कोई वोटिंग के दिन गायब रह सकता है। यह चिंता इसलिए भी थी कि जरा सी चूक से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को निर्धारित विधायकों का वोट नहीं मिला तो चुनाव कहीं हार न जाएं। NDA के रणनीतिकारों के इस अनजाने भय की कहानी कोई और नहीं बल्कि उम्मीदवारों के लिए अलॉट किए गए वोट ही कह रहे हैं। जानिए किसे कितने वोट अलॉट किये गए और क्यों?
मुख्यमंत्री को 44 वोट
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्य सभा भेजने के लिए इनके रणनीतिकार कोई चूक की गुंजाइश रखने वाले नहीं थे। इनको लेकर पहले ही संशय की स्थिति बनी हुई थी। चर्चा यह थी कि कई विधायक नीतीश कुमार को राज्यसभा नहीं भेजना चाहते थे। उनकी भावना यह थी कि उन्हें बिहार में रह कर ही विकास के कार्य को आगे बढ़ाना चाहिए। ऐसे में NDA के रणनीतिकारों ने इस आशंका को देखते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए 44 वोट अलॉट किए। ऐसा करने के पीछे तर्क यही था कि कहीं किसी का वोट गड़बड़ाया तो जीत के लिए निर्धारित संख्या 41 से कम न हो। इसी मनोभाव से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को 44 मत ,उपेंद्र कुशवाहा को 42 और रामनाथ ठाकुर को भी 42 मत। पांचवीं सीट शिवेश राम को 30 वोट अलॉट किए गए थे।
शक के दायरे में थे रालोमो के विधायक
राजनीतिक गलियारों में तो यह पहले से ही चर्चा रही कि उपेंद्र कुशवाहा से उनके विधायक नाराज थे। इस नाराजगी का कारण उपेंद्र कुशवाहा के द्वारा अपने पुत्र दीपक प्रकाश को मंत्री पद सौंपा जाना था। इस कारण से बाजपट्टी से रामेश्वर महतो, दिनारा से युवा विधायक आलोक सिंह और मधुबनी से माधव आनंद खुलकर असंतोष की लाइन पर चले गए थे। इन पर महागठबंधन की विशेष नजर थी। ऐसे में NDA के रणनीतिकारों ने वोट अलॉटमेंट करते समय यह ध्यान रखा कि ज्यादा-ज्यादा सीट अलॉट कर पांचवीं सीट को दूसरे वरीयता के सहारे जीता जाए
हम और लोजपा के विधायकों पर भी था शक
शक के दायरे में तो हम और लोजपा रामविलास के भी कुछ विधायक थे। हम के दो विधायकों (ज्योति देवी और दीपा मांझी) को ले कर तो वोट के दौरान एक वीडियो भी दिखा जिसमें दोनों तेजस्वी यादव के कमरे से AIMIM विधायकों के साथ ही बाहर निकल रही हैं। हालांकि बाद में सफाई भी आई कि यह औपचारिक मुलाकात थी। इसी तरह से लोजपा रामविलास के कई विधायकों के संपर्क में रहने के दावे भी किए गए। यही सब वजह थी कि सम्मानजनक जीत के हकदार बनने के लिए NDA के रणनीतिकारों ने वोट अलॉट करने में भी पूरी सावधानी बरती और आखिर में सफलता पा ली।
पटना: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन के भीतर और बाहर उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब सत्ताधारी दल के नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी…
लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के पास धरना देने पहुंचे सपा और कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार देर शाम जमकर प्रदर्शन किया। हंगामा इतना बढ़ा कि पुलिस सबको पकड़कर थाने…
पटना: बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा…
अमृतसर: शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब में पेपर लीक मामले को लेकर भगवंत मान सरकार और आम आदमी पार्टी पर हमला किया है। उन्होंने कहा…
ग्वालियर: सिंधिया राजघराने में संपत्ति विवाद वर्षों पुराना है। रॉयल फैमिली की संपत्ति का बंटवारा होना है। संपत्ति का बंटवारा ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके तीनों बुआओं के बीच होनी है।…
चंडीगढ़: पंजाब, हरियाणा और देश के कई अन्य राज्यों के हजारों किसान मंगलवार को दिल्ली की ओर कूच कर रहे हैं। किसान राजधानी में आयोजित होने वाली 'किसान महापंचायत' में…
ग्रेटर नोएडा: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ा एक्शन लेते हुए ग्रैंड वेनिस मॉल के मालिक सतिंदर सिंह भसीन और उनकी शेल कंपनियों से जुड़ी 389 अचल…
नई दिल्ली, भारत में पहली बार डेंगू की वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने ताकेदा बायोफार्मास्यूटिकल्स इंडिया की वैक्सीन QDENGA को बाजार में इस्तेमाल…