
भोपाल : इस शनिवार यानी 22 अक्टूबर को रात 9:30 बजे सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन का द कपिल शर्मा शो देश भर से आए बॉलीवुड के मशहूर गायकों के साथ धूमधाम से दिवाली मनाएगा, जिनमें सुखविंदर सिंह, सलीम-सुलेमान, आकृति कक्कड़, मामे खान और देवी श्री प्रसाद उर्फ डीएसपी के साथ-साथ श्रीलंका की वायरल सेंसेशन योहानी भी शामिल होंगी। सभी जॉनर्स का बेस्ट प्रस्तुत करते हुए ये सभी जाने-माने सिंगर्स, जिन्होंने अपनी दिल छू लेने वाली आवाज से लाखों दिलों को छुआ है, अपनी ज़िंदगी और अपने अनुभवों को लेकर कुछ दिलचस्प खुलासे करते नजर आएंगे।
किसी भी इंसान की पहचान में उसका पहनावा बड़ी खास भूमिका निभाता है। और इस मौके पर होस्ट कपिल शर्मा के साथ चर्चा में राजस्थानी लोक गायक मामे खान उस वक्त को याद करेंगे, जब वो कान फिल्म समारोह के दौरान रेड कारपेट पर चले थे। वहां उन्होंने अपने लुक के लिए क्या किया था? इस सवाल का जवाब सभी को हैरान कर देगा। मामे खान बताते हैं, "वहां लोगों ने अलग-अलग तरह के परिधान पहने थे, तो मैं सोच रहा था कि मुझे क्या पहनना चाहिए? मैंने सोचा कि मैं भारत से जा रहा हूं और भारत की लोक संस्कृति का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं, तो इसे देखते हुए मैंने एक राजस्थानी साफा और कानपुर का एक कोट पहना। दिलचस्प बात यह थी कि मेरे और ऐश्वर्या राय के सामान के अलावा बाकी सबका सामान आ चुका था। मैं अड़ गया कि अभी तक मेरा सामान नहीं आया, मैं रेड कारपेट पर नहीं जाऊंगा। सभी को टाइम स्लॉट्स दिए गए थे और मेरा टाइम स्लॉट शाम 4:30 बजे का था, लेकिन शुक्र है आखिरी वक्त पर मेरा सामान आ गया! यह म्यूज़िशियन इस शो में भी वही परिधान पहने नजर आएंगे क्योंकि उनका मानना है कि इस परिधान के लिए यह सही मौका है।
यह सुनकर कपिल ने भी बताया कि हाल ही में जब वो दक्षिण कोरिया की यात्रा पर थे, तो उनकी पत्नी ने उनसे पूछा कि क्या पहनना चाहिए तो उन्होंने अपनी पत्नी को भारतीय परिधान पहनने को कहा था। उन्हें भारतीय परिधानों में देखकर वहां मौजूद लोगों को वाकई बड़ा आश्चर्य हुआ और उन्होंने उनके परिधानों की खूबसूरती की बहुत तारीफ की थी।
मामे खान ने एक और पुरानी याद ताजा करते हुए बताया, "मैं 23 साल बाद फिर फ्रांस पहुंचा था। इससे पहले मैंने वहां एक शो किया था और उस समय मैं इंग्लिश बोलने में उतना अच्छा नहीं था और मुझे फ्रेंच भी नहीं आती थी। ऐसे में इतने साल बाद उसी देश में रेड कारपेट पर चलना बड़ा खुशनुमा एहसास था।"