नई दिल्ली : भारत के बिल्डिंग मैटेरियल्स और कंस्ट्रक्शन उद्योग की प्रमुख प्रदर्शनी भारत बिल्डकॉन 2026 – वन नेशन, वन एक्सपो के दूसरे दिन यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली में उद्योग जगत की शानदार भागीदारी देखने को मिली। प्रदर्शनी में देश-विदेश के खरीदारों, आर्किटेक्ट्स, डेवलपर्स, कॉन्ट्रैक्टर्स, निर्माताओं, व्यापारियों, नीति निर्माताओं, सलाहकारों और उद्योग संगठनों की बड़ी उपस्थिति दर्ज की गई। प्रदर्शनी के दूसरे दिन व्यापक बिजनेस इंटरैक्शन, खरीदार-विक्रेता बैठकें, उत्पाद प्रदर्शन और ज्ञान-विनिमय सत्र आयोजित किए गए, जिससे भारतीय निर्माताओं को अपने बाजार का विस्तार करने और वैश्विक व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुए। भारत बिल्डकॉन के निदेशक श्री विशाल आचार्य ने कहा, “पहले दो दिनों में मिला जबरदस्त प्रतिसाद भारत के विनिर्माण क्षेत्र में वैश्विक विश्वास को दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और व्यापार प्रतिनिधिमंडलों की उपस्थिति भारतीय कंपनियों को निर्यात बढ़ाने का सीधा अवसर प्रदान कर रही है।” भारत बिल्डकॉन के निदेशक श्री जितेंद्र कथीरिया ने कहा, “इस तरह के बड़े आयोजन केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहते बल्कि विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, आतिथ्य, परिवहन और सेवा क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं। यहां हो रही हजारों व्यापारिक बैठकें भविष्य में महत्वपूर्ण व्यावसायिक समझौतों का रूप ले सकती हैं।” भारत का निर्माण और बिल्डिंग मैटेरियल्स क्षेत्र देश की आर्थिक वृद्धि के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक बनकर उभर रहा है। वर्तमान में निर्माण क्षेत्र भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 9 प्रतिशत योगदान देता है और 5.1 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करता है। उद्योग अनुमानों के अनुसार वर्ष 2025 में लगभग 685 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य वाला भारत का निर्माण बाजार वर्ष 2034 तक 1.24 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो सकता है। साथ ही सिरेमिक्स, टाइल्स, सैनिटरीवेयर, बाथवेयर, पेंट्स, कंस्ट्रक्शन केमिकल्स, हार्डवेयर, प्लाईवुड और लैमिनेट्स जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। इस दिन का प्रमुख आकर्षण जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव श्री अशोक कुमार मीणा की उपस्थिति रही। उन्होंने पेयजल अवसंरचना, स्वच्छता समाधान और सतत विकास के भविष्य पर उद्योग प्रतिनिधियों को संबोधित किया।
कार्यक्रम के दौरान रियल एस्टेट मार्केट आउटलुक तथा इंटरनेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (ICTI) पर केंद्रित दो महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित किए गए, जिनमें देश और विदेश से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 90 से अधिक देशों और भारत के 100 से अधिक शहरों से आए प्रतिभागियों की उपस्थिति के साथ भारत बिल्डकॉन 2026 भारतीय निर्माताओं को वैश्विक खरीदारों से जोड़ने वाला एक प्रभावशाली मंच बनकर उभरा है। कैपेक्सिल के चेयरमैन श्री निलेश जेतपरिया ने कहा, “भारत का बिल्डिंग मैटेरियल्स उद्योग गुणवत्ता, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मकता के आधार पर वैश्विक स्तर पर तेजी से उभर रहा है। पीएम गति शक्ति, नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन, स्मार्ट सिटीज मिशन, हाउसिंग फॉर ऑल और मेक इन इंडिया जैसी सरकारी पहलें भारतीय निर्माताओं के लिए नए अवसर पैदा कर रही हैं।”
भारत बिल्डकॉन के निदेशक विजय अघारा ने कहा, “भारत बिल्डकॉन का उद्देश्य दुनिया के सामने भारत की औद्योगिक शक्ति को प्रस्तुत करना है। वैश्विक खरीदारों और भारतीय निर्माताओं के बीच ऐसे संवाद तकनीकी आदान-प्रदान, नवाचार और दीर्घकालिक व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा देते हैं।”प्रदर्शनी के विभिन्न हॉलों में पूरे दिन भारी भीड़ और सक्रिय व्यापारिक गतिविधियां देखने को मिलीं। प्रदर्शकों ने उन्नत तकनीकों, टिकाऊ निर्माण समाधानों और अगली पीढ़ी के बिल्डिंग मैटेरियल्स का प्रदर्शन किया। भारत के 5 ट्रिलियन डॉलर और उससे आगे की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में बढ़ने के साथ निर्माण सामग्री, आवास, अवसंरचना और औद्योगिक विकास की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। ऐसे में भारत बिल्डकॉन जैसे मंच भारतीय उद्योग को वैश्विक अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। भारत बिल्डकॉन 2026 का आयोजन 21 जून 2026 तक यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली में जारी रहेगा।