
भोपाल । राजधानी भोपाल समेत प्रदेश भर के सरकारी व निजी स्कूल शुक्रवार से खुल गए। इसके साथ ही नए सत्र 2022-23 की शुरुआत भी हो गई। पहले दिन बच्चों में भी स्कूल पहुंचने को लेकर उत्साह नजर आया। शिक्षकों ने भी तिलक लगाकर और फूल देकर स्कूल में बच्चों का स्वागत किया और इसके बाद कतारबद्ध ढंग से उन्हें कक्षाओं में भेजा गया। राजधानी के कमला नेहरू स्कूल में पहुंचे बच्चे पहले दिन अपने दोस्तों और शिक्षकों से मिलकर काफी खुश नजर आए। यहां स्कूल के प्रवेश द्वार को गुब्बारों से सजाया गया था।
नए शिक्षण सत्र की शुरूआत प्रवेशोत्सव और स्कूल चलें अभियान के साथ हुई। इसके साथ ही शाला प्रबंधन की समिति की बैठक कर अभिभावकों से चर्चा किए जाने का भी आज कार्यक्रम है। गौरतलब है कि हर साल परीक्षाओं के बाद अप्रैल में नए शैक्षणिक सत्र में कुछ दिन स्कूल खोले जाते थे, जिसके बाद
ग्रीष्मवकाश होता था, लेकिन इस
वर्ष सीधे जून में स्कूल खुल रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी नितिन सक्सेना ने बताया कि 17 जून से
जिले के 1100 सरकारी व
सभी निजी स्कूल खुल गए हैं।
इसके लिए विभाग ने स्कूलों की पुताई और सफाई का काम पहले ही पूरा कर लिया गया था। सीएम राइज स्कूलों में नए सत्र के लिए कक्षा केजी से 12वीं तक पढ़ाई की सुविधा है। ऐसे राजधानी में आठ स्कूल हैं। इनमें कक्षा नवमीं से 12वीं तक की किताबें भी उपलब्ध करवा दी गई हैं। जबकि अन्य स्कूलों में अभी किताबें भिजवाई जा रही हैं। सीएम राइज स्कूलों में बच्?चों के लिए बस सुविधा से लेकर अन्य सभी सुविधाएं भी निश्?शुल्क रहेंगी। आदेश के अनुसार कुछ सीएम राइज स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2020-21 के केजी कक्षाएं संचालित हैं और चूंकि उन स्कूलों में केजी -1 के विद्यार्थी अगली कक्षा में प्रमोट होंगे, इसलिए ऐसे विद्यार्थियों को कक्षा केजी-1 से ही नया प्रवेश दिया जाएगा।
सरकारी स्कूलों की होगी मरम्मत
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिले में कुछ प्राथमिक व माध्यमिक शालाएं जर्जर अवस्था में हैं। इनकी मरम्मत के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। हालांकि मतदान केंद्र बनाने के लिए नगर निगम द्वारा भी इनकी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही है। इन स्कूलों में लाइट, पानी व
अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चत किया जाएगा। जबकि बचे हुए स्कूलों की स्कूल शिक्षा विभाग मरम्मत कराएगा, जिसके लिए
प्रस्ताव बनाकर भेजा जा रहा है।