
भोपाल । कोरोना के मरीज बढऩे के साथ ही अब डेंगू का संक्रमण भी बढऩे लगा है। शहर में इस साल के शुरूआती छह महीनों में ही डेंगू के 40 मरीज समाने आ चुके हैं। इनमें से करीब आधे यानि 18 मरीज सिर्फ जून के हैं। यह मरीज तब मिले जब बारिश नहीं हो रही थी। अब जब बारिश का दौर शुरू हो गया है तो डेंगू और चिकनगुनिया के मामले भी बढऩे की आशंका है।
दरअसल, बारिश के बाद शहर के खाली प्लॉटों में भरा बारिश का पानी डेंगू का कारण बन सकता है। इधर, मलेरिया विभाग ने खाली प्लॉटों में दवाएं डालने, जुर्माना लगाने के लिए नगर निगम को पत्र लिखकर इतिश्री कर ली है, वहीं नगर निगम ने भी पत्र पढ़कर नजरअंदाज कर दिया। मालूम हो कि शहर की अलग-अलग कॉलोनियों में करीब 7500
से ज्यादा ऐसे प्लॉट हैं , जो लंबे समय से खाली हैं। इन प्लॉटों में बारिश का पानी भर जाता है। यही पानी डेंगू के लार्वा के लिए सबसे मुफीद होता है।
जोनवार एएचओ पर फॉगिंग का जिम्मा
प्लॉट में जमा पानी पर फॉगिंग कर वहां मच्छर व लार्वा खत्म करने का जिम्मा नगर निगम प्रशासन ने जोनवार सहायक स्वास्थ्य अधिकारियों को दिया हुआ है। इनके तहत फॉगिंग मशीनें दी हुई है और ये गलियों, मोहल्लों के साथ खाली प्लॉट में फॉगिंग करती है। निगम से जुड़े अफसरों का कहना है कि खाली प्लॉट पर निर्माण को जरूरी नही किया है।
निगमायुक्त केवीएस चौधरी का कहना है कि अभी तो बारिश का समय है, लेकिन जो भी प्लॉट है उनके मालिकों से उनकी सफाई कराने का कहा जाएगा। बाकी निगम फॉगिंग कर मच्छरों को खत्म करेगा।