रोका-छेका फागुन तक, 5 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में ली जाएंगी उतेरा फसलें

Updated on 27-10-2021 06:57 PM

कोरबा इस मानसून में हुई पर्याप्त बारिश के बाद धान के खेतों में अब भी मौजूद नमी का उपयोग करते हुए उतेरा फसलों की खेती को कोरबा जिले में भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में भी इस संबंध में जरूरी कार्य योजना बनाकर किसानों को उतेरा फसलों के लिए प्रोत्साहित करने के लिए निर्देश सभी कलेक्टरों को दिए गए हैं। उतेरा फसलों की सुरक्षा के लिए मवेशियों को खुले में छोड़ देने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए भी पूरे प्रदेश में संचालित रोका-छेका अभियान आगामी फागुन महीने (मार्च 2022) तक बढ़ा दिया गया है। कोरबा जिले में उतेरा फसलों के लिए कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने भी विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश कृषि विभाग के अधिकारियों को दिए हैं।

        कृषि विभाग के उपसंचालक अनिल शुक्ला ने बताया कि कोरबा जिले में मुख्यमंत्री श्री बघेल की मंशानुसार 5 हजार 160 हेक्टेयर रकबे में उतेरा की फसलें ली जाएंगी। जिले में धान के खेतों में मौजूद नमी का उपयोग करते हुए किसानों को उतेरा के रूप में सरसों और अलसी जैसी तिलहन फसलों की खेती के लिए तैयार किया जा रहा है। उतेरा फसलों के लिए चयनित किसानों को सरसों और अलसी के बीज मिनीकिट भी निःशुल्क दिए जाएंगे। श्री शुक्ला ने बताया कि उतेरा फसलें लेने में बहुत कम खर्च आता है। अक्टूबर-नवंबर महीने में धान कटाई के समय जिन खेतों में पर्याप्त नमी होती है, उनमें दलहन-तिलहन के बीज छिड़का पद्धति से बो कर उतेरा की फसलें ली जा सकती हैं। उप संचालक ने बताया कि सभी गांवो में कृषि चौपाल लगाकर कृषि विभाग का मैदानी अमला उतेरा फसलों के लिए किसानों के चयन में लग गया है। उन्होंने बताया कि इस बार उतेरा फसलों को खुले-छुटे मवेशियों से बचाने के लिए रोका-छेका कार्यक्रम भी फागुन माह तक बढ़ा दिया गया है। इस दौरान पशुओं को गौठानों में रखने और सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने संबंधी निर्देश भी जिला पंचायत द्वारा सभी जनपद पंचायतों तथा गौठान समितियों को जारी किए गए हैं। श्री शुक्ला ने बताया कि कोरबा विकास खण्ड में 602 हेक्टेयर में, करतला विकास खण्ड में एक हजार 302 हेक्टेयर में, कटघोरा विकास खण्ड में 371 हेक्टेयर में, पाली विकास खण्ड में एक हजार 422 हेक्टेयर में और पोड़ी-उपरोड़ा विकास खण्ड में एक हजार 463 हेक्टेयर में उतेरा फसले लिए जाने की कार्य योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में धान के खेतों में मौजूद नमी का उपयोग करते हुए उतेरा फसलों के रूप में सरसों, अलसी की फसलों से किसान अपनी आय में अतिरिक्त वृद्धि कर सकेंगे।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 09 June 2026
जशपुर। जिले के प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में विभिन्न विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में स्वास्थ्य,…
 09 June 2026
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सोमवार को राजधानी रायपुर के जोरा मॉल में आयोजित फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की प्री-लॉन्च स्क्रीनिंग सेरेमनी में शामिल हुए। इस मौके पर अभिनेत्री एवं…
 09 June 2026
अंबिकापुर।  वित्त मंत्री एवं सरगुजा जिले के प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी ने जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।…
 09 June 2026
रायपुर ।  स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राजभवन स्थित लोक भवन में रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच राज्य के…
 09 June 2026
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में राज्य मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न प्रशासनिक और विकासात्मक विषयों पर…
 09 June 2026
कोरबा। शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में अज्ञात असामाजिक तत्वों ने घर के बाहर खड़ी एक थार वाहन को आग के हवाले कर दिया। घटना के बाद इलाके में…
 09 June 2026
सुकमा। जिले के कोंटा विकासखंड के दूरस्थ एवं संवेदनशील ग्राम पुवर्ती में आयोजित सुशासन तिहार शिविरों ने शासन की जनहितकारी पहल को नई मजबूती प्रदान की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु…
 09 June 2026
सुकमा। बस्तर प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। किरंदुल से सुकमा जाते समय उन्होंने मुनगा गांव में युवाओं को क्रिकेट खेलते…
 09 June 2026
रायपुर। राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र स्थित संतोषी नगर के गोकुल नगर में मारपीट और तोड़फोड़ की घटना के बाद तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस…
Advt.